
नक्षत्र #18 / 27
व्यक्तित्व, विशेषताएँ एवं पाद विश्लेषण
“The Eldest / Senior‑most”
ज्येष्ठा का अर्थ ‘सबसे बड़ा’। महत्वाकांक्षा ञवाला स्वाभाविक नेतृत्व। शिखर की एकांतता ज्येष्ठा का काइत्व है।
इंद्र — देवों के राजा — अधिष्ठाता। वह सत्ता है जो हज़ार संघर्षों से अर्जित हुई व निरंतर चुनौती में है।
आधिपत्य के नीचे गहरी एकांतता। जब चिंता स्वीकार की जाए तो गहन ज्ञान। अन्यथा आधिपत्य की विषाक्त छाया।
गुण
अहंकार ज्येष्ठा का सबसे बड़ा शत्रु। पाठ: वास्तविक सत्ता में गलत होने की विनम्रता शामिल है।
छाया गुण
असाधारण आंतरिक शक्ति। संकट में नेतृत्व, शोक में सांत्वना। स्वयं की देखभाल करने दें।
प्रत्येक नक्षत्र को चार पादों (चतुर्थांश) में बाँटा गया है, हर एक की अपनी विशिष्ट छाप। अपना पाद चुनें।
अपना पाद नहीं पता? यहाँ खोजें →
पाद 1 (धनु नवांश): दार्शनिक राजा।
पाद 2 (मकर नवांश): संस्थागत नेता।
पाद 3 (कुम्भ नवांश): सुधारकवादी सत्ता।
पाद 4 (मीन नवांश): करुणी वरिष्ठ।
राजनीति, सेना नेतृत्व, वैद्यक, विधि, शिक्षा, शासन।
ज्येष्ठ, महानतम — 50 वर्षों की गुरुत्वाकर्षण
केवल सत्ता और संकल्प से राष्ट्र को अंधेरे से बाहर निकाला
ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे शिशुओं के लिए शुभ नाम अक्षर:
किसी ज्ञानी के सामने नतमस्तक हों। वैडूर्य धारण। सत्ता का नैतिक उपयोग।