जन्म कुंडली

आपकी वैदिक जन्मपत्री

कुंडली आपके जन्म के समय आकाश का नक्शा है — कौन सा ग्रह किस राशि में, कौन सा भाव बली, कौन सा दुर्बल। अपना जन्म विवरण भरें और अपनी जन्मपत्री देखें।

जन्म विवरण भरें

जन्म की तारीख, समय और जगह — जितना सही, उतनी सटीक कुंडली।

कुंडली गणना

परंपरागत वैदिक ज्योतिष पद्धति से तुरंत गणना।

कुंडली देखें

लग्न, ग्रह, दोष और उनका आपके जीवन पर प्रभाव जानें।

अपना जन्म विवरण भरें

सटीक कुंडली के लिए सही जानकारी ज़रूरी है। जन्म समय में 4 मिनट का फ़र्क भी लग्न बदल सकता है।

Date of Birth
Time of Birth
आपका डेटा सुरक्षित · वैदिक ज्योतिष गणना · लहिरी अयनांश

आपकी कुंडली में क्या-क्या मिलेगा

लग्न (उदय राशि)

जन्म के समय कौन सी राशि उदय हो रही थी — यही आपके शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा तय करती है।

चंद्र राशि व नक्षत्र

जन्म के समय चंद्रमा किस राशि और नक्षत्र में था — आपका मन, भावनाएं और सहज प्रवृत्ति।

सभी 9 ग्रह

सूर्य से केतु तक — कौन सा ग्रह किस राशि और किस भाव में बैठा है।

दोष जांच

मांगलिक, काल सर्प, साढ़े साती — लग्न और चंद्र दोनों से जांच।

विंशोत्तरी दशा

अभी कौन सी महादशा और अंतर्दशा चल रही है — कौन सा ग्रह आपके जीवन पर हावी है।

जन्म नक्षत्र

आपका जन्म नक्षत्र, उसके देवता, गुण, गण — और आपके स्वभाव पर इसका असर।

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जन्म समय इतना ज़रूरी क्यों है?

लग्न (उदय राशि) हर दो घंटे में बदलता है। चंद्रमा रोज़ करीब 13° चलता है। जन्म समय में सिर्फ़ 4 मिनट का अंतर लग्न बदल सकता है — और लग्न बदला तो पूरे भाव बदल जाते हैं। अपना जन्म प्रमाणपत्र देखें या घर में पूछें — अनुमानित समय भी बहुत काम का है।

कुंडली को समझें

वैदिक ज्योतिष की बुनियादी बातें — कुंडली असल में क्या बताती है।

कुंडली क्या होती है?

कुंडली आपके पहले साँस लेने के ठीक उसी क्षण का आकाश-चित्र है। नौ ग्रह, बारह भाव — हर एक आपकी ज़िंदगी को अपनी तरफ़ खींच रहा है। पाराशर ऋषि ने यही पद्धति दो हज़ार साल पहले लिखी थी, और आज भी गणना का तरीका वही है — आकाश पढ़ो, ग्रह देखो, व्यक्ति समझो।

12 भाव क्या हैं?

पहला भाव = आप — आपका शरीर, चेहरा, पहली छाप। सातवाँ = विवाह, साझेदार, खुले प्रतिद्वंद्वी। दसवाँ = करियर, यश, दुनिया आपको कैसे याद रखेगी। कुल बारह भाव हैं, और आपका लग्न तय करता है कि कौन सी राशि कहाँ बैठेगी। लग्न एक राशि भी खिसका दो तो पूरा नक्शा बदल जाता है — इसीलिए एक घंटे के अंतर से जन्मे दो लोगों की ज़िंदगी बिलकुल अलग हो सकती है।

दशा — जीवन की घड़ी

ज़िंदगी अध्यायों में चलती है — हर अध्याय किसी ग्रह के कब्ज़े में। गुरु की महादशा चल रही है तो संतान, शिक्षा और 'मेरा असली मक़सद क्या है' जैसे सवाल बार-बार उठेंगे। केतु की दशा 7 साल, शुक्र की 20 साल। विंशोत्तरी दशा जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वहीं से यह 120 साल का चक्र शुरू करती है — ज्योतिष में यही आपकी टाइमलाइन है।

दोष क्या होते हैं?

मांगलिक का मतलब है मंगल ऐसे भाव में बैठा है जहाँ वह टकराव पैदा कर सकता है — ख़ासकर विवाह और स्वभाव को लेकर। काल सर्प दोष में सब ग्रह राहु-केतु की धुरी में बंधे होते हैं, जो एक तनाव बनाए रखता है। लेकिन ये शाप नहीं हैं। गुरु की दृष्टि अकेले मांगलिक दोष को निरस्त कर सकती है। काल सर्प वाले कई लोग बेहद सफल होते हैं — यह दोष अक्सर तीव्रता और महत्वाकांक्षा का स्रोत बनता है। असली कहानी पूरी कुंडली से पता चलती है।

दृष्टि — ग्रहों की नज़र

हर ग्रह अपनी जगह से सातवें भाव को देखता है — यह उसकी स्वाभाविक नज़र है। लेकिन मंगल ज़्यादा लालची है — वह चौथे और आठवें भाव पर भी नज़र रखता है। गुरु पाँचवें और नौवें भाव को देखता है। शनि तीसरे और दसवें पर कड़ी नज़र रखता है। जब दो ग्रह एक-दूसरे को देखते हैं (परस्पर दृष्टि), तो उनकी खिंचाव से बचना मुश्किल है। मंगल-शनि की परस्पर दृष्टि अक्सर अटूट अनुशासन — या अटूट संघर्ष — के रूप में सामने आती है।

कारक और कुंडली मिलान

सूर्य = पिता। चंद्र = मन। शुक्र = विवाह। गुरु = संतान। ये नैसर्गिक कारक हैं — हर ग्रह जीवन के एक पक्के क्षेत्र से जुड़ा है। लेकिन जैमिनी पद्धति एक निजी मोड़ जोड़ती है: आपकी कुंडली में जो ग्रह अपनी राशि में सबसे आगे तक पहुँचा है, वह आपका आत्मकारक बनता है — आत्मा की सबसे गहरी इच्छा का प्रतिनिधि। दारकारक जीवनसाथी की प्रकृति बताता है, अमात्यकारक करियर की दिशा। हम आपकी कुंडली में सातों चर कारक निकालते हैं — और कुंडली मिलान के समय ये कारक और भी गहरी जानकारी देते हैं।

जन्म कुंडली — संपूर्ण मार्गदर्शिका

वैदिक जन्मपत्री के बारे में वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए — क्या है, कैसे पढ़ें, और क्यों ज़रूरी है।

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जन्म नक्षत्र खोजक

अपना जन्म नक्षत्र जानें — देवता, गण, गुण और स्वभाव की पूरी जानकारी।

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चंद्र राशि कैलकुलेटर

अपनी चंद्र राशि पता करें — राशिफल और गुण मिलान का आधार यही है।

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आज की ग्रह स्थिति

अभी नौ ग्रह कहाँ हैं — आज का गोचर चार्ट देखें।

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आत्मकारक और दारकारक

जैमिनी पद्धति से अपना आत्मा-ग्रह (आत्मकारक) और जीवनसाथी संकेतक (दारकारक) जानें।

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27 नक्षत्र प्रोफ़ाइल

सभी 27 नक्षत्रों को विस्तार से जानें — देवता, स्वामी ग्रह, गण, गुण और व्यक्तित्व।

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वक्री ग्रह कैलेंडर

कौन सा ग्रह कब वक्री है — बीते, वर्तमान और आगामी वक्री काल देखें।

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आज का लग्न

अभी कौन सी राशि उदय हो रही है और लग्न कब-कब बदलेगा — आज की पूरी सूची।

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आम सवाल

कुंडली गणना और उसके परिणामों के बारे में।

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एक मिनट से भी कम लगता है। ऊपर अपना विवरण भरें — लग्न, ग्रह, दोष, दशा सब कुछ तुरंत देखें।

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