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आज New Delhi में अष्टमी (कृष्ण पक्ष) है

कृष्ण पक्ष • घटता चंद्रमा

New Delhi

शुक्र, 04 सित॰ 2026 की सभी तिथियाँ

आज एक से ज्यादा तिथियाँ हैं। यहाँ देखिए पूरा समय:

सप्तमी

पक्ष: शुक्ल पक्षदेवता: सूर्यस्वभाव: उग्र (तेज)
कब तक रहेगी
02:27
तत्व
अग्नि तत्व
अर्थ
सातवीं तिथि
महत्व
सेहत, रोशनी, चेतना

सप्तमी के बारे में

सप्तमी सूर्य देव का दिन है। जैसे सूरज की पहली किरण अंधेरा मिटा देती है, वैसे ही यह तिथि जीवन में स्पष्टता और रोशनी लाती है। सेहत सुधारने और नई ऊर्जा पाने के लिए यह दिन बहुत शक्तिशाली है।

सप्तमी में क्या करना अच्छा है

सूर्य नमस्कारसेहत पर ध्यानआध्यात्मिक कार्य

त्योहार और व्रत

रथ सप्तमीभानु सप्तमी

अष्टमी

पक्ष: शुक्ल पक्षदेवता: दुर्गास्वभाव: क्रूर (कठोर)
कब तक रहेगी
00:15
2026-09-05
तत्व
पृथ्वी तत्व
अर्थ
आठवीं तिथि
महत्व
शक्ति, सुरक्षा, बदलाव

अष्टमी के बारे में

अष्टमी मां दुर्गा की तिथि है। यह प्रचंड ऊर्जा और शक्ति का दिन है। यह दिन अपने आप को मजबूत बनाने और बुराई से रक्षा के लिए है। जैसे मां अपने बच्चों की रक्षा करती है, वैसे ही अष्टमी की पूजा हर तरह के डर को दूर करती है।

अष्टमी में क्या करना अच्छा है

दुर्गा पूजासाधनाशक्ति संचय

त्योहार और व्रत

दुर्गा अष्टमीजन्माष्टमीराधा अष्टमी

तिथि क्या है?

तिथि हिंदू कैलेंडर का 'दिन' है। अंग्रेजी कैलेंडर में दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन तिथि सूर्य और चंद्रमा की दूरी पर निर्भर करती है, इसलिए यह कभी 19 घंटे की तो कभी 26 घंटे की भी हो सकती है। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में बंटती हैं: शुक्ल पक्ष (चांदनी रातें) और कृष्ण पक्ष (अंधेरी रातें)। हर तिथि का अपना एक स्वामी और स्वभाव होता है। कोई भी शुभ काम करने से पहले सही तिथि देखना सफलता के लिए जरूरी माना जाता है।

15 प्रमुख तिथियां

प्रतिपदा
अग्निउग्र (तेज)
द्वितीया
ब्रह्माशुभ (मंगलकारी)
तृतीया
गौरीशुभ (मंगलकारी)
चतुर्थी
गणेशक्रूर (कठोर)
पंचमी
नागशुभ (मंगलकारी)
षष्ठी
कार्तिकेयक्रूर (कठोर)
सप्तमी
सूर्यउग्र (तेज)
कब तक रहेगी 02:27
अष्टमी
दुर्गाक्रूर (कठोर)
कब तक रहेगी 00:15
नवमी
नाग (कुछ मतों में दुर्गा)उग्र (तेज)
दशमी
यमशुभ (मंगलकारी)
एकादशी
विष्णुशुभ (मंगलकारी)
द्वादशी
विष्णुशुभ (मंगलकारी)
त्रयोदशी
कामदेवशुभ (मंगलकारी)
चतुर्दशी
शिवक्रूर (कठोर)
अभी चल रही है
आज आएगी
अन्य दिन

शुक्ल पक्ष (चांदनी रातें)

यह अमावस्या से पूर्णिमा तक का समय है। इसमें चांद का आकार बढ़ता है। यह समय नई शुरुआत, विकास और शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

कृष्ण पक्ष (अंधेरी रातें)

यह पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय है। इसमें चांद का आकार घटता है। यह समय कार्यों को पूरा करने, ध्यान, साधना और बुरी आदतों को छोड़ने के लिए उत्तम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तिथि और तारीख में क्या अंतर है?

तारीख (Date) सूर्य के हिसाब से चलती है और हमेशा 24 घंटे की होती है। तिथि (Tithi) चंद्रमा की चाल से चलती है, इसलिए यह छोटी-बड़ी हो सकती है और दिन में किसी भी समय बदल सकती है।

हर शहर में तिथि का समय अलग क्यों होता है?

तिथि आसमान में सूर्य और चंद्रमा के कोण (angle) से तय होती है। क्योंकि हर शहर से यह कोण अलग दिखता है, इसलिए तिथि शुरू और खत्म होने का समय भी हर जगह अलग होता है। दिल्ली और मुंबई में तिथि का समय अलग हो सकता है।

सबसे शुभ तिथि कौन सी है?

आमतौर पर पूर्णिमा, एकादशी, और द्वितीया (दूज) को सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन हर काम के लिए अलग तिथि अच्छी होती है, जैसे लड़ने के लिए 'षष्ठी' और पढ़ने के लिए 'पंचमी'।

क्या मैं किसी भी दिन नया काम शुरू कर सकता हूँ?

कोशिश करें कि 'शुभ' तिथियों (जैसे द्वितीया, पंचमी, दशमी, पूर्णिमा) में ही नया काम शुरू करें। 'क्रूर' तिथियों (जैसे चतुर्थी, नवमी) में रूटीन काम करना बेहतर होता है।

तिथि का हमारे जीवन पर क्या असर होता है?

जैसे नाव बहती हवा के साथ तेज चलती है, वैसे ही सही तिथि में किया गया काम जल्दी सफल होता है। तिथि हमें बताती है कि आज ब्रह्मांड की ऊर्जा किस तरह के काम के लिए अनुकूल है।

इस तिथि पर जन्मे हैं आप?

आपकी जन्म तिथि आपके चंद्र व्यक्तित्व, इष्ट देवता और जीवन की दिशा के बारे में बहुत कुछ बताती है। जानिए जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति आपके बारे में क्या कहती है।

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