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आज नई दिल्ली में नवमी (शुक्ल पक्ष) है

शुक्ल पक्ष • बढ़ता चंद्रमा

•नई दिल्ली

मंगल, 20 अक्टू॰ 2026 की सभी तिथियाँ

आज एक से ज्यादा तिथियाँ हैं। यहाँ देखिए पूरा समय:

नवमी

पक्ष: शुक्ल पक्ष•देवता: नाग (कुछ मतों में दुर्गा)•स्वभाव: उग्र (तेज)
कब तक रहेगी
12:52
तत्व
जल तत्व
अर्थ
नौवीं तिथि
महत्व
जीत, पूर्णता की ओर, संघर्ष

नवमी के बारे में

नवमी देवी दुर्गा के विजयी रूप से जुड़ी है। यह संघर्ष के बाद जीत का समय है। कोई भी पेंडिंग काम निपटाने या किसी चुनौती पर विजय पाने के लिए आज का दिन बहुत अनुकूल है।

नवमी में क्या करना अच्छा है

काम पूरा करनाशत्रु पर जीतदेवी पूजा

त्योहार और व्रत

राम नवमीमहा नवमीआंवला नवमी

दशमी

पक्ष: शुक्ल पक्ष•देवता: यम•स्वभाव: शुभ (मंगलकारी)
कब तक रहेगी
14:13
2026-10-21
तत्व
अग्नि तत्व
अर्थ
दसवीं तिथि
महत्व
धर्म, न्याय, पुण्य

दशमी के बारे में

दशमी यमराज का दिन है, जो धर्म के देवता हैं। यह दिन सही रास्ते पर चलने और अच्छे कर्म करने का है। दान-पुण्य करने और सामाजिक कार्यों के लिए यह तिथि बहुत शुभ मानी जाती है।

दशमी में क्या करना अच्छा है

सही फैसले लेनादान करनासामाजिक कार्य

त्योहार और व्रत

विजयादशमीदशहरागंगा दशहरा

तिथि क्या है?

तिथि हिंदू कैलेंडर का 'दिन' है। अंग्रेजी कैलेंडर में दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन तिथि सूर्य और चंद्रमा की दूरी पर निर्भर करती है, इसलिए यह कभी 19 घंटे की तो कभी 26 घंटे की भी हो सकती है। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में बंटती हैं: शुक्ल पक्ष (चांदनी रातें) और कृष्ण पक्ष (अंधेरी रातें)। हर तिथि का अपना एक स्वामी और स्वभाव होता है। कोई भी शुभ काम करने से पहले सही तिथि देखना सफलता के लिए जरूरी माना जाता है।

15 प्रमुख तिथियां

प्रतिपदा
अग्नि • उग्र (तेज)
द्वितीया
ब्रह्मा • शुभ (मंगलकारी)
तृतीया
गौरी • शुभ (मंगलकारी)
चतुर्थी
गणेश • क्रूर (कठोर)
पंचमी
नाग • शुभ (मंगलकारी)
षष्ठी
कार्तिकेय • क्रूर (कठोर)
सप्तमी
सूर्य • उग्र (तेज)
अष्टमी
दुर्गा • क्रूर (कठोर)
नवमी
नाग (कुछ मतों में दुर्गा) • उग्र (तेज)
कब तक रहेगी 12:52
दशमी
यम • शुभ (मंगलकारी)
कब तक रहेगी 14:13
एकादशी
विष्णु • शुभ (मंगलकारी)
द्वादशी
विष्णु • शुभ (मंगलकारी)
त्रयोदशी
कामदेव • शुभ (मंगलकारी)
चतुर्दशी
शिव • क्रूर (कठोर)
अभी चल रही है
आज आएगी
अन्य दिन

शुक्ल पक्ष (चांदनी रातें)

यह अमावस्या से पूर्णिमा तक का समय है। इसमें चांद का आकार बढ़ता है। यह समय नई शुरुआत, विकास और शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

कृष्ण पक्ष (अंधेरी रातें)

यह पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय है। इसमें चांद का आकार घटता है। यह समय कार्यों को पूरा करने, ध्यान, साधना और बुरी आदतों को छोड़ने के लिए उत्तम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तिथि और तारीख में क्या अंतर है?

तारीख (Date) सूर्य के हिसाब से चलती है और हमेशा 24 घंटे की होती है। तिथि (Tithi) चंद्रमा की चाल से चलती है, इसलिए यह छोटी-बड़ी हो सकती है और दिन में किसी भी समय बदल सकती है।

हर शहर में तिथि का समय अलग क्यों होता है?

तिथि आसमान में सूर्य और चंद्रमा के कोण (angle) से तय होती है। क्योंकि हर शहर से यह कोण अलग दिखता है, इसलिए तिथि शुरू और खत्म होने का समय भी हर जगह अलग होता है। दिल्ली और मुंबई में तिथि का समय अलग हो सकता है।

सबसे शुभ तिथि कौन सी है?

आमतौर पर पूर्णिमा, एकादशी, और द्वितीया (दूज) को सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन हर काम के लिए अलग तिथि अच्छी होती है, जैसे लड़ने के लिए 'षष्ठी' और पढ़ने के लिए 'पंचमी'।

क्या मैं किसी भी दिन नया काम शुरू कर सकता हूँ?

कोशिश करें कि 'शुभ' तिथियों (जैसे द्वितीया, पंचमी, दशमी, पूर्णिमा) में ही नया काम शुरू करें। 'क्रूर' तिथियों (जैसे चतुर्थी, नवमी) में रूटीन काम करना बेहतर होता है।

तिथि का हमारे जीवन पर क्या असर होता है?

जैसे नाव बहती हवा के साथ तेज चलती है, वैसे ही सही तिथि में किया गया काम जल्दी सफल होता है। तिथि हमें बताती है कि आज ब्रह्मांड की ऊर्जा किस तरह के काम के लिए अनुकूल है।

इस तिथि पर जन्मे हैं आप?

आपकी जन्म तिथि आपके चंद्र व्यक्तित्व, इष्ट देवता और जीवन की दिशा के बारे में बहुत कुछ बताती है। जानिए जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति आपके बारे में क्या कहती है।

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