सूर्य की वार्षिक यात्रा के चार स्तंभ
पृथ्वी का झुकाव चार प्रमुख खगोलीय क्षण बनाता है जो मौसम को परिभाषित करते हैं और हजारों वर्षों से संस्कृतियों को प्रेरित करते हैं।
पृथ्वी की कक्षा में दिन की लंबाई बदलती रहती है। ग्रीष्म संक्रांति में सबसे अधिक धूप मिलती है, जबकि शीत संक्रांति में सबसे कम। विषुव संतुलन का समय होता है।
उत्तरायण और दक्षिणायन को आध्यात्मिक यात्रा के रूप में देखा जाता है। यह देवताओं के दिन और रात का प्रतिनिधित्व करता है।
पृथ्वी अपनी धुरी पर 23.5° झुकी हुई है। यह झुकाव ही सूर्य के प्रकाश के वितरण में बदलाव लाता है और मौसम बनाता है।
दुनिया भर में संक्रांति पर मकर संक्रांति, क्रिसमस, और विषुव पर होली, ईस्टर जैसे त्योहार मनाए जाते हैं।