दिन भर की लग्न सारिणी
दिन भर में उदित होने वाली सभी 12 राशियाँ
कर्क
Cancer
स्वामी: चंद्र
सिंह
Leo
स्वामी: सूर्य
कन्या
Virgo
स्वामी: बुध
तुला
Libra
स्वामी: शुक्र
वृश्चिक
Scorpio
स्वामी: मंगल
धनु
Sagittarius
स्वामी: बृहस्पति
मकर
Capricorn
स्वामी: शनि
कुम्भ
Aquarius
स्वामी: शनि
मीन
Pisces
स्वामी: बृहस्पति
मेष
Aries
स्वामी: मंगल
वृषभ
Taurus
स्वामी: शुक्र
मिथुन
Gemini
स्वामी: बुध
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क्या आपका जन्म इनमें से किसी लग्न में हुआ है? यह जानने के लिए कि ग्रह आपके जीवन को कैसे आकार देते हैं, अपनी निःशुल्क जन्म कुंडली बनाएं।
लग्न क्या है?
लग्न वैदिक ज्योतिष में उदित राशि है — वह राशि जो आपके जन्म के समय और स्थान पर पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी।
इसे ऐसे समझें: यदि आपका जन्म सूर्योदय के समय हुआ हो, तो आपका लग्न वही होगा जो आपकी सूर्य राशि है। सूर्यास्त के समय जन्म हुआ हो, तो लग्न प्रायः सामने वाली राशि में पहुँच जाता है।
पृथ्वी के घूर्णन के कारण लग्न लगभग हर 2 घंटे में बदल जाता है। इसीलिए यह जन्म समय के प्रति अत्यंत संवेदनशील है — जबकि सूर्य राशि पूरे महीने एक ही रहती है।
लग्न क्यों महत्वपूर्ण है
लग्न आपकी संपूर्ण जन्म कुंडली की नींव है। ज्योतिषी इसे इतना महत्व क्यों देते हैं:
प्रथम भाव
लग्न से आपकी कुंडली का प्रथम भाव निर्धारित होता है, जो व्यक्तित्व और शारीरिक बनावट को आकार देता है। मिथुन लग्न वाले व्यक्ति का जीवन-पथ सिंह लग्न वाले से बिल्कुल अलग हो सकता है — भले ही दोनों की सूर्य राशि एक हो।
भाव व्यवस्था
लग्न से कुंडली के सभी 12 भाव क्रम में स्थापित होते हैं। लग्न ज्ञात होते ही आप देख सकते हैं कि कौन-सा ग्रह जीवन के किस क्षेत्र — करियर, संबंध, स्वास्थ्य, धन — में बैठा है।
फलादेश
वैदिक ज्योतिष में अधिकांश फलादेश सूर्य राशि से नहीं, लग्न से किया जाता है। गोचर और दशाओं का विश्लेषण सबसे पहले लग्न के सापेक्ष ही होता है।
समय-निर्धारण
दशा और गोचर का फल लग्न की स्थिति पर बहुत निर्भर करता है। एक ही शनि गोचर मेष लग्न और तुला लग्न के लिए अलग-अलग फल देता है।
इस उपकरण का उपयोग कैसे करें
अपना लग्न जानने के लिए:
- 1.अपना जन्म शहर चुनें (या निकटतम बड़ा शहर)
- 2.अपनी जन्म तिथि दर्ज करें
- 3.सारिणी में देखें कि आपके जन्म समय पर कौन-सा लग्न चल रहा था
- 4.वही आपका लग्न (उदित राशि) है
ध्यान दें: ऊपर दिखाया गया वर्तमान लग्न लगभग हर 2 घंटे में बदलता है। 24 घंटे में सभी 12 राशियाँ क्रम से उदित होती हैं।
सटीक परिणाम के लिए जन्म का सही समय (10-15 मिनट के भीतर) आवश्यक है। इसके बिना लग्न की गणना विश्वसनीय नहीं रहती।
12 लग्नों का परिचय
मेष (Aries)
अग्नि • चर • मंगल
उत्साही, पहल करने वाले, सुगठित शरीर। स्वाभाविक नेतृत्व और निर्णय में तेज़ी — कभी-कभी जल्दबाज़ी भी।
वृषभ (Taurus)
पृथ्वी • स्थिर • शुक्र
धैर्यवान, स्थिर, आकर्षक नयन-नक्श। गति भले धीमी हो, काम पूरा और पक्का करते हैं।
मिथुन (Gemini)
वायु • द्विस्वभाव • बुध
जिज्ञासु, संवाद-कुशल, चेहरे पर युवापन। हर विषय में रुचि, निरंतर सीखते रहते हैं।
कर्क (Cancer)
जल • चर • चंद्र
भावुक, पालन-पोषण में रुचि, गोल मुखाकृति। घर-परिवार सदा प्राथमिकता में रहता है।
सिंह (Leo)
अग्नि • स्थिर • सूर्य
आत्मविश्वासी, नेतृत्व-क्षमता, राजसी व्यक्तित्व। जहाँ जाते हैं, उपस्थिति स्वयं बोलती है।
कन्या (Virgo)
पृथ्वी • द्विस्वभाव • बुध
विश्लेषण-प्रधान, स्वास्थ्य के प्रति सजग, सौम्य नयन-नक्श। बारीकियों पर पैनी दृष्टि रखते हैं।
तुला (Libra)
वायु • चर • शुक्र
संतुलित, कूटनीति-कुशल, सुडौल मुखाकृति। कलह से दूर रहते हैं, सामंजस्य प्रिय है।
वृश्चिक (Scorpio)
जल • स्थिर • मंगल
गहन, रहस्यमय स्वभाव, भेदती दृष्टि। जो दिखता है, वह वास्तविकता का छोटा अंश भर है।
धनु (Sagittarius)
अग्नि • द्विस्वभाव • बृहस्पति
आशावादी, दार्शनिक दृष्टि, प्रायः लंबा कद। जन्मजात शिक्षक, व्यापक दृष्टिकोण।
मकर (Capricorn)
पृथ्वी • चर • शनि
अनुशासित, महत्वाकांक्षी, छरहरा शरीर। लंबी योजना पर चलते हैं और प्रायः सफल होते हैं।
कुम्भ (Aquarius)
वायु • स्थिर • शनि
नवोन्मेषी, परोपकारी, विशिष्ट व्यक्तित्व। समय से आगे की सोच, जिसे लोग प्रायः देर से समझते हैं।
मीन (Pisces)
जल • द्विस्वभाव • बृहस्पति
आध्यात्मिक, कलात्मक, स्वप्निल आँखें। दूसरों की भावनाएँ भी अपनी-सी अनुभव करते हैं।
सामान्य प्रश्न
लग्न और सूर्य राशि में क्या अंतर है?
सूर्य राशि महीने भर एक ही रहती है, जबकि लग्न लगभग हर 2 घंटे में बदलता है और जन्म के सटीक समय व स्थान पर निर्भर करता है। वैदिक ज्योतिष में लग्न का महत्व अधिक है।
क्या लग्न के लिए जन्म का सटीक समय आवश्यक है?
हाँ। लग्न लगभग हर 2 घंटे में बदलता है, इसलिए 30 मिनट का अंतर भी परिणाम बदल सकता है। सटीक जन्म समय के बिना लग्न की गणना विश्वसनीय नहीं रहती।
क्या लग्न और सूर्य राशि एक ही हो सकते हैं?
हाँ, यदि जन्म सूर्योदय के आसपास हुआ हो — उस समय सूर्य जिस राशि में होता है, वही राशि उदित भी हो रही होती है। हर राशि के लिए ऐसा महीने में लगभग एक ही बार होता है।
लग्न और चंद्र राशि में कौन अधिक महत्वपूर्ण है?
दोनों का अपना स्थान है। लग्न बाहरी व्यक्तित्व और जीवन-पथ दर्शाता है, जबकि चंद्र राशि मन और भावनाओं की स्थिति। अधिकांश ज्योतिषी दोनों को साथ देखते हैं।
क्या फलादेश पर लग्न का प्रभाव पड़ता है?
निश्चित रूप से। वैदिक ज्योतिष में फलादेश प्रायः लग्न से ही किया जाता है — गोचर, दशा और ग्रह-स्थितियों का फल लग्न के सापेक्ष आँका जाता है।