
नक्षत्र #24 / 27
व्यक्तित्व, विशेषताएँ एवं पाद विश्लेषण
“Hundred Physicians / Hundred Stars”
राहु की अपरांतिक शक्ति विशिष्ट ज्ञान देती है। वे वह देखते हैं जो परंपरागत विज्ञान चूक जाता है।
वरुण — सागर के स्वामी, दिव्य नियम के रक्षक — अधिष्ठाता। वे सब देखते हैं, सब ठीक करते हैं।
गहन आंतरिक दुनिया। वारुण के सागर जैसा विशाल अंतर। एकांत से प्रकाश संश्लेषित करते हैं।
गुण
एकांत जो अकेलापन बनता है। पाठ: उपचारक को कभी-कभी उपचार की आवश्यकता होती है।
छाया गुण
छुपी प्रतिभाशालीनियाँ। अक्सर अपने समय से आगे की सोच।
प्रत्येक नक्षत्र को चार पादों (चतुर्थांश) में बाँटा गया है, हर एक की अपनी विशिष्ट छाप। अपना पाद चुनें।
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पाद 1 (धनु नवांश): दार्शनिक उपचारक।
पाद 2 (मकर नवांश): व्यवस्थित उपचारक।
पाद 3 (कुम्भ नवांश): नवीन रहस्यवादी।
पाद 4 (मीन नवांश): सागरीय उपचारक।
वैद्यक (विकल्प और आधुनिक), विज्ञान, ज्योतिष, यंत्रण, मनोविज्ञान, रहस्यवाद।
एकांत ज्ञानी — 100 तारों का रहस्य वृत्त। विद्युत के एकाकी उपचारक
शतभिषा नक्षत्र में जन्मे शिशुओं के लिए शुभ नाम अक्षर:
एक गहरी मैत्री का अभ्यास करें। गोमेद धारण। वरुण पूजा।