
नक्षत्र #26 / 27
व्यक्तित्व, विशेषताएँ एवं पाद विश्लेषण
“The Latter Blessed Feet”
शनि की दीर्घकालिक दृष्टि और मीन की सागरीय करुणा। इनका उपहार है दीर्घकालिकता, धैर्य, सहनशीलता।
अहिर्बुध्न्य — विश्व की जड़ में लिपटा सागरीय सर्प — अधिष्ठाता।
गहरे स्तर पर स्थिर। सतही अशांतियाँ गहराई तक नहीं पहुँचतीं।
गुण
ज़रूरी कार्यवाही से विमुखता। गहराई कभी-कभी आलस्य प्रतीत होती है।
छाया गुण
सागरीय करुणा और असाधारण धैर्य।
प्रत्येक नक्षत्र को चार पादों (चतुर्थांश) में बाँटा गया है, हर एक की अपनी विशिष्ट छाप। अपना पाद चुनें।
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पाद 1 (सिंह नवांश): प्रकाशी साधक।
पाद 2 (कन्या नवांश): सेवाबद्ध ध्यानी।
पाद 3 (तुला नवांश): संतुलित चिंतक।
पाद 4 (वृश्चिक नवांश): गहनतम रहस्यवादी।
आध्यात्मिक शिक्षण, दर्शन, उपचार, सेवा, शोध।
प्रयास के बिना प्रकाशित होने वाली शांति
उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में जन्मे शिशुओं के लिए शुभ नाम अक्षर:
समाज सेवा। नीलम धारण। जल पूजा।