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2026 में बà¥à¤§ असà¥à¤¤ तिथियां और समय
अवधि 1Started in 2025
असà¥à¤¤ आरंà¤
बà¥à¤§ सूरà¥à¤¯ के निकट
बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤°
राशि
Scorpio (Vrishchika)
0.00°
16:43 UTC+5:30
असà¥à¤¤ समापà¥à¤¤
बà¥à¤§ सूरà¥à¤¯ से दूर
मंगलवार
राशि
Aquarius (Kumbha)
14.48°
20:00 UTC+5:30
अवधि 2
असà¥à¤¤ आरंà¤
बà¥à¤§ सूरà¥à¤¯ के निकट
रविवार
राशि
Libra (Tula)
10.21°
06:22 UTC+5:30
असà¥à¤¤ समापà¥à¤¤
बà¥à¤§ सूरà¥à¤¯ से दूर
शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤°
राशि
Libra (Tula)
2.81°
22:01 UTC+5:30
प्राचीन ग्रंथ से
Brihat Parashara Hora Shastra
अस्तं गते तु सौम्ये च क्रूरे वा सूर्यसन्निधौ। तद्बलं हीयते सर्वं फलं नैव प्रदीयते॥
astaṃ gate tu saumye ca krūre vā sūryasannidhau tadbalaṃ hīyate sarvaṃ phalaṃ naiva pradīyate
जब शुभ या क्रूर ग्रह सूर्य के समीप अस्त हो जाता है, तो उसका सम्पूर्ण बल क्षीण हो जाता है और वह अपने फल नहीं दे पाता।
— महर्षि पराशर
शुक्र अस्त कैसे होता है - खगोलीय व्याख्या
शुक्र सूर्य के चारों ओर लगभग 225 दिनों में एक चक्कर लगाता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य के सापेक्ष विभिन्न स्थितियों में होता है।
जब शुक्र सूर्य के 10 डिग्री के भीतर आ जाता है, तो उसे अस्त माना जाता है। इस निकटता के कारण शुक्र सूर्य की चमक में खो जाता है और दृश्य रूप से दिखाई नहीं देता।
वैदिक ज्योतिष में, अस्त शुक्र को कमजोर माना जाता है। यह प्रेम, सौंदर्य, कला और विलासिता को प्रभावित करता है।
आज कैसे गणना की जाती है:
सूर्य-शुक्र कोणीय दूरी ≤ 10°
NASA JPL DE440/441 + Lahiri Ayanāṃśa
शुक्र अस्त पैटर्न और आवृत्ति
साल 2026 में शुक्र अस्त की 2 अवधियां हैं।
शुक्र अस्त की अवधि आमतौर पर 45-50 दिनों तक रहती है। शुक्र सूर्य के निकट होने के कारण, यह वर्ष में एक या दो बार अस्त होता है।
ज्योतिषीय प्रभाव
- • प्रेम और रोमांस में चुनौतियां
- • सौंदर्य और आकर्षण में कमी
- • कलात्मक अभिव्यक्ति में बाधा
- • विवाह और साझेदारी में तनाव
- • वित्तीय विलासिता में कमी
उपाय
- • विवाह और सगाई जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों से बचें
- • शुक्र मंत्र का जाप करें (ॐ शुं शुक्राय नमः)
- • सफेद वस्तुएं और चावल दान करें
- • शुक्रवार को व्रत रखें
- • लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें