कुम्भ चंद्राष्टम तिथियाँ 2026
जब चंद्रमा कन्या में गोचर करता है — आपकी राशि से 8वां भाव।
| प्रारंभ (IST) | समाप्त (IST) |
|---|---|
8 जन॰ 2026, 06:39 pm | 11 जन॰ 2026, 04:52 am |
5 फ़र॰ 2026, 04:20 am | 7 फ़र॰ 2026, 01:22 pm |
4 मार्च 2026, 01:45 pm | 6 मार्च 2026, 10:18 pm |
31 मार्च 2026, 09:32 pm | 3 अप्रैल 2026, 06:28 am |
28 अप्रैल 2026, 03:35 am | 30 अप्रैल 2026, 01:14 pm |
25 मई 2026, 09:07 am | 27 मई 2026, 07:00 pm |
21 जून 2026, 03:40 pm | 24 जून 2026, 12:53 am |
18 जुल॰ 2026, 11:59 pm | 21 जुल॰ 2026, 07:54 am |
15 अग॰ 2026, 09:34 am | 17 अग॰ 2026, 04:19 pm |
11 सित॰ 2026, 07:08 pm | 14 सित॰ 2026, 01:26 am |
9 अक्टू॰ 2026, 03:18 am | 11 अक्टू॰ 2026, 10:04 am |
5 नव॰ 2026, 09:34 am | 7 नव॰ 2026, 05:15 pm |
2 दिस॰ 2026, 02:59 pm | 4 दिस॰ 2026, 11:02 pm |
अपनी सटीक संवेदनशील अवधि चाहते हैं?
चंद्राष्टम का सबसे संवेदनशील समय वह होता है जब चंद्रमा आपके जन्म नक्षत्र से 16वें नक्षत्र में गोचर करता है — यह केवल ~1 दिन रहता है। कैलकुलेटर में "जन्म विवरण से" टैब चुनें और अपनी सटीक अवधि जानें।
जन्म विवरण से गणना करें →कुम्भ पर कन्या गोचर का प्रभाव
कन्या कुम्भ राशि से 8वां भाव है। 8वां भाव अचानक होने वाले बदलावों, रहस्यों और मानसिक चिंताओं को दर्शाता है। इसलिए जब चंद्रमा (मन का कारक) यहां आता है, तो आप बिना किसी स्पष्ट कारण के बेचैनी या तनाव महसूस कर सकते हैं।
कुम्भ राशि के लिए उपाय
- • ध्यान करें और मानसिक शांति बनाए रखें।
- • महत्वपूर्ण निर्णय कुछ दिनों के लिए टाल दें।
- • शिव जी या अपने ईष्ट देव की पूजा करें।
- • विवादों और तर्कों से दूर रहें।
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