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Punarvasu Nakshatra illustration

नक्षत्र #7 / 27

पुनर्वसु नक्षत्र (Punarvasu)

व्यक्तित्व, विशेषताएँ एवं पाद विश्लेषण

Return of Light / Good Again

अदितिगुरुमिथुन–कर्क80°–93°✅ शुभ कार्यों के लिए उत्तम
🙏देवताअदिति
स्वामीगुरु
प्रतीकBow / Quiver
स्वभावचर (गतिशील)
🔥तत्ववायु
👤गणदेव
गुणसत्व
🐾पशुबिल्ली
राशिमिथुन–कर्क
शुभ रंग
पीला
सुनहरा
शुभ अंक
3
रत्न💎पुखराज
पवित्र वृक्ष🌳बाँस
📖

परिचय

पुनर्वसु অর্থ है ‘प्रकाश का पुनरागमन’। अदिति — देवों की माता, असीम आकाश — इसकी अधिष्ठात्री। गुरु करते हैं ज्ञान और आशावाद का संचार। ये जातक अधिक देर कड़वाहट नहीं रखते।

🏛️

अदिति — देवता एवं पौराणिक कथा

अदिति — देवों की माता, असीम आकाश — अधिष्ठात्री। वे अक्षय नवीनीकरण का प्रतिनिधित्व करती हैं।

🧠

व्यक्तित्व एवं मनोविज्ञान

स्वाभाविक आशावादी पर अळतृप्त भी। बड़े चाप और लंबे चक्रों में सोचते हैं। जड़े होने पर प्रेरणादायी गुरु होते हैं।

गुण

आशाज्ञाननवीनीकरणआशावाद
🌑

चुनौतियाँ एवं कमज़ोरियाँ

अधूरे काम छोड़ने की प्रवृत्ति। बहुत अधिक रुचियों में बिखराव। पाठ: सामने वाले व्यक्ति के पास वापस आिए — केवल दार्शनिक रूप से नहीं।

छाया गुण

InconsistencyOver-optimismबेचैनीPhilosophical detachment
👤

पुनर्वसु नक्षत्र — पुरुष व स्त्री

पुनर्वसु नक्षत्र — स्त्री व्यक्तित्व

विशाल दृष्टि और गहरी पोषण प्रवृत्ति। उत्कृष्ट शिक्षिका, परामर्शदाता और उपचारक।

🎯

चार पाद

प्रत्येक नक्षत्र को चार पादों (चतुर्थांश) में बाँटा गया है, हर एक की अपनी विशिष्ट छाप। अपना पाद चुनें।

अपना पाद चुनें:

अपना पाद नहीं पता? यहाँ खोजें →

1

पाद 1 (मेष नवांश): दार्शनिक अग्रदूत — विचारों पर तुरंत कार्य करता है।

2

पाद 2 (वृषभ नवांश): व्यवहारिक ज्ञान — ठोस परिणामों में अनुवादित।

3

पाद 3 (मिथुन नवांश): संचारक — विचारों का व्यापक प्रसार।

4

पाद 4 (कर्क नवांश): पोषक — अदिति की मातृत्वभरी उष्मा।

💼

वृत्ति एवं आर्थिक जीवन

अध्यापन, दर्शन, यात्रा, परामर्श, लेखन, अन्तरराष्ट्रीय कार्य, चिकित्सा कलाएँ।

❤️

सम्बन्ध एवं विवाह

उदार और स्नेहमय, पर स्वतंत्रता ज़रूरी। स्वातंत्र्य और गहराई दोनों का सम्मान करने वाला साथी चाहिए।

प्रसिद्ध पुनर्वसु नक्षत्र व्यक्तित्व

1
Swami Vivekananda

वह पथिक जिसने प्राचीन ज्ञान आधुनिक विश्व तक पहुँचाया

2
Dalai Lama

असीम करुणा और दार्शनिक गहराई

👶

शिशु नाम अक्षर

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे शिशुओं के लिए शुभ नाम अक्षर:

Ke
Ko
Ha
Hi
🙏

उपाय एवं आध्यात्मिक अभ्यास

खुले आकाश से नियमित जुड़ाव। पुखराज मणि धारण। प्रति सप्ताह कुछ सिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पुनर्वसु एक अच्छा नक्षत्र है?
पुनर्वसु वह पथिक है जो घर लौटता है — विस्तार के बाद नवीनीकरण। अदिति की असीम छत्रछाया में ज्ञान, करुणा और आशावाद का संगम।
क्या पुनर्वसु गंडमूल नक्षत्र है?
नहीं, पुनर्वसु गंडमूल नक्षत्र नहीं है। छह गंडमूल नक्षत्र हैं: अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती।
पुनर्वसु नक्षत्र की कमज़ोरियाँ क्या हैं?
अधूरे काम छोड़ने की प्रवृत्ति। बहुत अधिक रुचियों में बिखराव। पाठ: सामने वाले व्यक्ति के पास वापस आिए — केवल दार्शनिक रूप से नहीं।
पुनर्वसु नक्षत्र के लिए विवाह में कौन-से नक्षत्र अनुकूल हैं?
पुनर्वसु नक्षत्र की pushya, ashwini, swati, vishakha के साथ अच्छी अनुकूलता मानी जाती है। उदार और स्नेहमय, पर स्वतंत्रता ज़रूरी। स्वातंत्र्य और गहराई दोनों का सम्मान करने वाला साथी चाहिए।
पुनर्वसु नक्षत्र में कौन-से प्रसिद्ध व्यक्ति जन्मे हैं?
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी प्रसिद्ध हस्तियों में Swami Vivekananda, Dalai Lama शामिल हैं।
पुनर्वसु नक्षत्र का प्रतीक क्या है?
पुनर्वसु नक्षत्र का प्रतीक Bow / Quiver है। इसके नाम का अर्थ है "Return of Light / Good Again"।
पुनर्वसु नक्षत्र के शुभ रंग कौन-से हैं?
पुनर्वसु नक्षत्र के शुभ रंग पीला और सुनहरा हैं। अनुशंसित रत्न पुखराज है।
पुनर्वसु नक्षत्र के शिशु नाम अक्षर क्या हैं?
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे शिशुओं के लिए शुभ नाम अक्षर: Ke, Ko, Ha, Hi।
पुनर्वसु नक्षत्र के देवता कौन हैं?
पुनर्वसु नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता अदिति हैं और ग्रह स्वामी गुरु हैं। अदिति — देवों की माता, असीम आकाश — अधिष्ठात्री। वे अक्षय नवीनीकरण का प्रतिनिधित्व करती हैं।…
पुनर्वसु नक्षत्र की स्त्रियों का व्यक्तित्व कैसा होता है?
विशाल दृष्टि और गहरी पोषण प्रवृत्ति। उत्कृष्ट शिक्षिका, परामर्शदाता और उपचारक।