सर्वाष्टकवर्ग कैलकुलेटर

12 भावों का बल मानचित्र, शनि-गुरु गोचर पूर्वानुमान और महादशा का SAV संदर्भ — सब कुछ आपकी जन्म कुंडली से।

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लाहिरी अयनांश · BPHS नियम · निःशुल्क · पंजीकरण नहीं

वैदिक ज्योतिष में सर्वाष्टकवर्ग क्या है?

सर्वाष्टकवर्ग, अष्टकवर्ग का वह व्यापक दृष्टिकोण है जो सातों ग्रहों के भिन्नाष्टकवर्ग को एकत्र कर प्रत्येक भाव को एक समग्र शक्ति अंक देता है। यह बताता है कि आपके जीवन के कौन से क्षेत्र — करियर, विवाह, धन, स्वास्थ्य — ग्रहीय ऊर्जा से सुदृढ़ हैं और कहाँ सावधानी की जरूरत है। 12 भावों का योग सदैव 337 रहता है — यह शाश्वत गणितीय सत्य है।

अपने SAV भाव अंकों को कैसे पढ़ें

आपका SAV चार्ट आपके जीवन का शक्ति मानचित्र है। प्रत्येक भाव का अंक बताता है कि उस जीवन क्षेत्र को ग्रहीय ऊर्जा का कितना समर्थन प्राप्त है।

  • <25
    संघर्ष का क्षेत्र25 से कम — चुनौतीपूर्ण क्षेत्र। धैर्य, उपाय और सजगता आवश्यक है।
  • 25-29
    मध्यम फल25 से 29 बिंदु — मध्यम स्थिति। परिणाम निरंतर परिश्रम पर निर्भर करते हैं।
  • 30+
    अत्यंत शुभ30+ बिंदु — बलशाली आधार। यहाँ से गोचर करने वाले ग्रह सर्वोत्तम फल देते हैं।

सर्वाष्टकवर्ग कैलकुलेटर — सामान्य प्रश्न और उत्तर

वैदिक ज्योतिष में सर्वाष्टकवर्ग क्या है?
सर्वाष्टकवर्ग (SAV) अष्टकवर्ग पद्धति की समग्र परत है। यह 12 राशियों में 7 ग्रहों और लग्न के भिन्नाष्टकवर्ग अंकों को जोड़कर प्रति राशि एक कुल अंक देता है। यह अंक आमतौर पर 20 से 40 के बीच होता है और बताता है कि वह राशि कितनी सुदृढ़ है। गणितीय नियम यह है कि 12 राशियों के सभी SAV अंकों का योग सदैव 337 के बराबर होता है।
सर्वाष्टकवर्ग की गणना कैसे करें?
आपको इसकी गणना हाथ से नहीं करनी है। इस कैलकुलेटर में अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान दर्ज करें। यह यंत्र बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS) के नियमों के अनुसार सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और लग्न — आठों योगदानकर्ताओं के कोणीय संबंधों के आधार पर आपका पूर्ण SAV चार्ट तैयार करता है।
सर्वाष्टकवर्ग का योग हमेशा 337 क्यों होता है?
यह अष्टकवर्ग प्रणाली का गणितीय नियम है। आठों योगदानकर्ताओं (7 ग्रह + लग्न) के पास बिंदु देने की एक निश्चित सीमा होती है। जब सभी 8 के अंकों को 12 राशियों में वितरित करके जोड़ा जाता है, तो योग सदैव 337 ही होता है — ग्रहों की स्थिति चाहे कुछ भी हो। यदि किसी चार्ट में अलग अंक आए, तो गणना में त्रुटि है।
सर्वाष्टकवर्ग में कौन सा भाव मजबूत माना जाता है?
30 या अधिक बिंदु वाली राशि शुभ क्षेत्र मानी जाती है — इस राशि से गोचर करने वाले ग्रह सर्वोत्तम फल देते हैं। 25 से 29 अंक औसत स्थिति के हैं — परिणाम कर्म और परिश्रम पर निर्भर करते हैं। 25 से कम अंक कमज़ोर क्षेत्र को दर्शाते हैं, जहाँ धैर्य और उपाय की आवश्यकता होती है। शास्त्रीय मानक के अनुसार 28 औसत है, क्योंकि 337 ÷ 12 ≈ 28।
सर्वाष्टकवर्ग से शनि गोचर के परिणाम कैसे जानें?
जब शनि किसी राशि से गोचर करें, तो अपने चार्ट में उस राशि का SAV अंक देखें। यदि शनि 32+ SAV बिंदु वाली राशि से गुजर रहा है, तो भारी माना जाने वाला शनि गोचर भी सकारात्मक फल—करियर में उन्नति, स्थिरता और अनुशासित विकास—देता है। यदि SAV 25 से कम है, तो विशेष सावधानी और शनि से संबंधित उपायों की जरूरत है। यह BPHS में वर्णित गोचर मूल्यांकन की शास्त्रीय पद्धति है।
कमज़ोर सर्वाष्टकवर्ग भाव के लिए कौन से उपाय करें?
उपाय कमज़ोर राशि के ग्रह स्वामी और संबंधित भाव पर निर्भर करते हैं। सामान्य अष्टकवर्ग उपायों में नवग्रह स्तोत्र का पाठ, शनि संबंधी कमज़ोरी के लिए शनिवार को तिल दान, मंगल संबंधी कमज़ोर भावों के लिए मंगलवार का व्रत और रत्न चिकित्सा (योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद) शामिल हैं। लक्ष्य भाग्य से लड़ना नहीं, बल्कि कठिन गोचर काल में आंतरिक शक्ति विकसित करना है।
सर्वाष्टकवर्ग और भिन्नाष्टकवर्ग में क्या अंतर है?
भिन्नाष्टकवर्ग (BAV) 12 राशियों में किसी एक ग्रह की व्यक्तिगत शक्ति दिखाता है — यह किसी विशेष राशि में उस ग्रह के गोचर परिणाम जानने के लिए उपयुक्त है। सर्वाष्टकवर्ग (SAV) सभी 7 BAV तालिकाओं को एकत्र करके प्रति राशि एक समग्र अंक देता है — यह किसी भाव की समग्र ताकत जाँचने के लिए उपयुक्त है। SAV पूछता है 'क्या यह भाव कुल मिलाकर मजबूत है?' जबकि BAV पूछता है 'इस राशि में गुरु (या शनि) विशेष रूप से कितना बलशाली है?'
क्या सर्वाष्टकवर्ग से विवाह और करियर का समय जाना जा सकता है?
हाँ — यह इसके सबसे व्यावहारिक उपयोगों में से एक है। विवाह के समय के लिए 7वें भाव का SAV अंक देखें। जब गुरु या शुक्र किसी ऐसी राशि से गोचर करें जिसका उच्च SAV हो और वह 7वें भाव से संबंधित हो, तो विवाह के अवसर अत्यंत अनुकूल हो जाते हैं। करियर के लिए 10वें भाव (कर्म भाव) का SAV देखें। जब शनि 30+ अंक वाली 10वीं राशि से गोचर करे, तो उस काल में पदोन्नति, पहचान या व्यापार विस्तार होने की प्रबल संभावना रहती है।

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SAV चार्ट आपकी जन्म कुंडली की एक परत है। पूर्ण कुंडली में योग, दोष और दशाक्रम देखें।