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कुम्भ राशि — वार्षिक राशिफल 2026

स्वामी शनि · वायु · 2026

सच्ची गति का वर्ष — घर-परिवार आपको आगे ले चलता है, जबकि स्वास्थ्य में मौसम बदलते देख धैर्य रखें।

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मिश्रित

इस वर्ष कुल मिलाकर

इस वर्ष का प्रमुख गोचर

इस वर्ष गुरु आपके तीन भावों से होकर गुज़रते हैं — आरंभ में आपकी रचनात्मकता, प्रेम व संतान, फिर 2 जून से आपके कार्य, प्रतिस्पर्धा व स्वास्थ्य, और 31 अक्तूबर से आपकी साझेदारी व दांपत्य — यही वर्ष का बदलता स्वर है। वर्ष में ग्रहण आपकी राशि-धुरी को स्पर्श करते हैं — इन्हें शांति से बीतने दें।

वर्ष एक नज़र में

अध्यायों में आपका वर्ष

  1. 1 जून तकउत्तम

    गुरु इस वर्ष आपके पंचम भाव में — आपकी रचनात्मकता, प्रेम व संतान

    वर्ष का यह आरंभिक दौर आपकी रचनात्मकता, प्रेम व संतान के इर्द-गिर्द आकार लेता है। यहाँ मिलने वाले फल क्षणिक नहीं, ठोस हैं; इन्हें विनम्रता से स्वीकारें और इनसे आगे भी रचते रहें।

  2. 2 जून – 30 अक्तूबरसावधान

    गुरु आपके षष्ठ भाव में प्रवेश — आपके कार्य, प्रतिस्पर्धा व स्वास्थ्य

    इस दौर में गुरु का प्रभाव आपके कार्य, प्रतिस्पर्धा व स्वास्थ्य पर केंद्रित रहता है। वर्ष को अपने ढंग से खुलने दें, और जो अभी तैयार नहीं उसे ज़ोर से साधने का प्रयास न करें।

  3. 31 अक्तूबर सेउत्तम

    गुरु आपके सप्तम भाव में प्रवेश — आपकी साझेदारी व दांपत्य

    इस दौर में गुरु का प्रभाव आपकी साझेदारी व दांपत्य पर केंद्रित रहता है। यह वर्ष सोच-समझकर बीज बोने का है; जो अभी रोपेंगे, वही आगे चलकर समृद्ध फल देगा।

क्षेत्रवार वर्ष की प्रगति

क्षेत्र1 जून तक2 जून – 30 अक्तूबर31 अक्तूबर से
  • करियर/नौकरीमिश्रितसावधानमिश्रित
  • व्यापारमिश्रितसावधानशुभ
  • धन/आर्थिकशुभसावधानशुभ
  • प्रेमशुभसावधानमिश्रित
  • वैवाहिक जीवनशुभसावधानशुभ
  • परिवारशुभसतर्कशुभ
  • संतानउत्तमसावधानशुभ
  • स्वास्थ्यसतर्कसावधानमिश्रित
  • शिक्षा/विद्यार्थीशुभसावधानशुभ

साढ़ेसाती व शनि

अवरोही (अंतिम) चरण
आरोही
शिखर
अवरोहीअभी यहाँ

आप साढ़ेसाती के निवर्तमान (अंतिम) चरण में हैं — भार हल्का होता है; अब तक के परिश्रम को सुदृढ़ करें।

माह-दर-माह रूपरेखा

  • जनमिश्रितकुछ अड़चन, कुछ राहत — अधिकतर संतान-पक्ष के इर्द-गिर्द।
  • फरसतर्कइस महीने प्रगति धीमी रहेगी; संतान-पक्ष में स्थिर रहें।
  • मार्चसतर्कभारी महीना — संतान-पक्ष में जल्दबाज़ी से बचें।
  • अप्रैलउत्तमउजला, स्थिर महीना — संतान-पक्ष में स्पष्ट प्रगति।श्रेष्ठ माह
  • मईउत्तममहीना सहज चलता है, घर-परिवार के मामलों को सँवारता है।श्रेष्ठ माह
  • जूनसावधानइस महीने प्रेम-संबंध को थोड़ी मोहलत और दें।सतर्क माह
  • जुलसावधानइस महीने घर-परिवार को थोड़ी मोहलत और दें।सतर्क माह
  • अगशुभघर-परिवार से खुलते अवसरों का लाभ उठाएँ।
  • सितसावधानठहराव का महीना; घर-परिवार में कदम धीरे बढ़ाएँ।सतर्क माह
  • अक्तूसतर्कइस महीने घर-परिवार में गति से अधिक लगन काम आएगी।
  • नवसतर्कइन हफ़्तों दांपत्य जीवन में नपी-तुली गति बनाए रखें।
  • दिसउत्तमयह महीना आपके अनुकूल रहता है, दांपत्य जीवन में वृद्धि के साथ।श्रेष्ठ माह
श्रेष्ठ माहसतर्क माह

वर्ष की प्रमुख तिथियाँ

  • 17 फ़र॰सूर्य ग्रहण · कुंभ
  • 3 मार्चचंद्र ग्रहण · सिंह
  • 2 जूनगुरु कर्क राशि में प्रवेश करेगा
  • 12 अग॰सूर्य ग्रहण · कर्क
  • 28 अग॰चंद्र ग्रहण · कुंभ
  • 31 अक्टू॰गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेगा
  • 5 दिस॰राहु मकर राशि में प्रवेश करेगा
  • 5 दिस॰केतु कर्क राशि में प्रवेश करेगा
  • 1 जन॰ – 11 मार्चगुरु वक्री
  • 26 फ़र॰ – 21 मार्चबुध वक्री
  • 29 जून – 24 जुल॰बुध वक्री
  • 27 जुल॰ – 11 दिस॰शनि वक्री
  • 3 अक्टू॰ – 14 नव॰शुक्र वक्री
  • 24 अक्टू॰ – 13 नव॰बुध वक्री
  • 13 दिस॰ – 31 दिस॰गुरु वक्री

वैदिक वर्ष

विक्रम संवत

2083

शक संवत

1948

कुम्भ वार्षिक राशिफल — करियर, प्रेम, धन व स्वास्थ्य

स्वास्थ्य

सतर्क

इस वर्ष बल चरणों में लौटता है, एक ही बार में नहीं, इसलिए प्रगति को सुबहों से नहीं, महीनों से नापें।

शिक्षा/विद्यार्थी

मिश्रित

इस वर्ष किसी प्रतियोगी परीक्षा का फल एक दौर में आशा से कम रह सकता है और दूसरे में उससे आगे निकल सकता है, इसलिए वर्ष को समग्रता में आँकें। आपकी राशि का स्वामी वर्ष के दौरान वक्री होता है; यह समीक्षा और सुदृढ़ीकरण का समय है।

कुम्भ राशि — इस वर्ष क्या करें, क्या न करें

करें

  • वर्ष भर घर-परिवार पर निरंतर ध्यान दें।

न करें

  • वर्ष के कठिन दौर में शरीर की देखभाल की उपेक्षा न करें।
  • वर्ष की यात्रा को इसके प्रमुख गोचरों और ग्रहण-काल के अनुसार नियोजित करें।

कुम्भ का शुभ रंग, अंक व दिशा

शुभ रंगगहरा नीला
शुभ अंक8
शुभ दिशापश्चिम
उपायइस वर्ष शनिवारों को शनि हेतु तिल-तेल का दीपक जलाएँ और ज़रूरतमंदों की सेवा करें।

कुम्भ — मंत्र, सुविचार व आराध्य देव

वर्ष के आराध्य देव

शनि / हनुमान

मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

oṃ prāṃ prīṃ prauṃ saḥ śanaiścarāya namaḥ

ॐ। प्रां, प्रीं, प्रौं — इन बीज ध्वनियों के साथ धीमी गति से चलने वाले शनैश्चर (शनि देव) को मेरा नमस्कार है।

वर्ष का सुविचार

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि।।2.47

karmaṇy-evādhikāras te mā phaleṣu kadācana | mā karma-phala-hetur bhūr mā te saṅgo 'stv akarmaṇi ||2.47||

कर्म करने में ही तेरा अधिकार है, उसके फलों में कभी नहीं। इसलिए तू कर्मफल की इच्छा से कर्म मत कर, और न ही कर्म न करने में तेरी आसक्ति हो।

कुम्भ राशिफल — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुम्भ वार्षिक राशिफल 2026 सूर्य राशि पर आधारित है या चंद्र राशि पर?

यह वार्षिक राशिफल आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) पर आधारित है। पूरे वर्ष गुरु व शनि का गोचर आपकी राशि से जिन भावों में रहता है वही वर्ष का स्वर तय करते हैं, और इनके राशि-परिवर्तन वर्ष को अध्यायों में बाँट देते हैं। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए जन्म राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें।

कुम्भ वार्षिक राशिफल 2026 की गणना कैसे की जाती है?

इसकी गणना पूरे कैलेंडर वर्ष के लिए की जाती है — गुरु, शनि, राहु-केतु के गोचर व राशि-परिवर्तन (जो वर्ष को अध्यायों में बाँटते हैं), साढ़ेसाती-ढैया की स्थिति और राशि-स्वामी की दशा को आपकी चंद्र राशि के सापेक्ष देखकर।

कुम्भ वार्षिक राशिफल 2026 में क्या-क्या शामिल है?

इसमें करियर, व्यापार, धन, प्रेम, वैवाहिक जीवन, परिवार, संतान, स्वास्थ्य और शिक्षा — इन नौ क्षेत्रों का वार्षिक भविष्यफल अध्याय-दर-अध्याय, साथ ही माह-दर-माह रूपरेखा, वर्ष के शुभ व सावधानी के माह, साढ़ेसाती की स्थिति, वर्ष की प्रमुख तिथियाँ (गोचर, ग्रहण), विक्रम-शक संवत, शुभ रंग-अंक-दिशा और उपाय शामिल हैं।

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यह राशिफल चंद्र राशि के गोचर पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है — व्यक्तिगत जन्मकुंडली परामर्श, चिकित्सा, वित्तीय या कानूनी सलाह का विकल्प नहीं। कार्यप्रणाली व अस्वीकरण