संपत्ति व भूमि क्रय मुहूर्त 2026

संपत्ति व भूमि क्रय मुहूर्त 2026

आपके शहर के पंचांग अनुसार राहुकाल व भद्रा रहित संपत्ति पंजीकरण, प्लॉट और मकान खरीदने की सटीक तिथियाँ

2026 — सम्पूर्ण वर्ष संपत्ति क्रय मुहूर्त
सर्वोत्तमउत्तमशुभ
जनवरीनिषिद्ध मास
कोई शुभ तिथि नहीं

इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

फरवरी5 शुभ
शुभ तिथियाँ
06:14 pm11:36 pm
5घं 22मि
तिथि
पंचमी
कृष्ण
नक्षत्र
हस्त
योग
धृति
करण
तैतिल
12:25 pm01:42 pm
1घं 17मि
तिथि
एकादशी
कृष्ण
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
हर्षण
करण
बव
08:53 pm12:00 am
3घं 6मि
तिथि
तृतीया
शुक्ल
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
योग
साध्य
करण
तैतिल
12:00 am02:39 pm
14घं 37मि(2)
तिथि
तृतीया
शुक्ल
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
योग
साध्य
करण
तैतिल, Garaja
02:43 am12:11 pm
9घं 28मि
तिथि
दशमी
शुक्ल
नक्षत्र
Mrigashirsha
योग
प्रीति
करण
तैतिल
मार्च3 शुभ
शुभ तिथियाँ
07:40 am08:52 am
1घं 12मि
तिथि
प्रतिपदा
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
योग
धृति
करण
कौलव
04:12 pm11:28 pm
7घं 15मि
तिथि
षष्ठी
कृष्ण
नक्षत्र
अनुराधा
योग
हर्षण
करण
वणिज
09:12 am10:00 pm
12घं 45मि(2)
तिथि
अष्टमी
कृष्ण
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
सिद्धि
करण
बालव, कौलव
अप्रैल3 शुभ
शुभ तिथियाँ
03:24 pm10:32 pm
7घं 8मि
तिथि
त्रयोदशी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
योग
ऐन्द्र
करण
वणिज
04:36 am07:28 am
2घं 51मि
तिथि
तृतीया
शुक्ल
नक्षत्र
रोहिणी
योग
सौभाग्य
करण
Garaja
12:00 am07:53 pm
19घं 51मि(2)
तिथि
त्रयोदशी
शुक्ल
नक्षत्र
हस्त
योग
हर्षण
करण
कौलव, तैतिल
मई4 शुभ
शुभ तिथियाँ
06:47 pm11:22 pm
4घं 35मि
तिथि
षष्ठी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
साध्य
करण
Garaja
12:00 am12:23 pm
12घं 21मि(2)
तिथि
षष्ठी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
साध्य, शुभ
करण
वणिज
08:56 pm12:00 am
3घं 3मि
तिथि
द्वादशी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
योग
प्रीति
करण
कौलव
12:33 am10:01 pm
21घं 25मि(3)
तिथि
द्वादशी, त्रयोदशी
कृष्ण
नक्षत्र
रेवती
योग
प्रीति, आयुष्मान
करण
तैतिल, Garaja
10:35 pm12:00 am
1घं 24मि
तिथि
त्रयोदशी
कृष्ण
नक्षत्र
अश्विनी
योग
आयुष्मान
करण
वणिज
जून4 शुभ
शुभ तिथियाँ
01:38 pm08:50 pm
7घं 12मि
तिथि
तृतीया
शुक्ल
नक्षत्र
पुष्य
योग
ध्रुव
करण
Garaja
10:32 am03:41 pm
5घं 8मि
तिथि
अष्टमी
शुक्ल
नक्षत्र
हस्त
योग
Variyana
करण
बव
02:00 pm12:00 am
9घं 57मि(2)
तिथि
दशमी, एकादशी
शुक्ल
नक्षत्र
स्वाति
योग
शिव
करण
Garaja, वणिज
07:17 pm12:00 am
4घं 40मि(2)
तिथि
द्वादशी, त्रयोदशी
शुक्ल
नक्षत्र
अनुराधा
योग
साध्य
करण
बालव, कौलव
जुलाई2 शुभ
शुभ तिथियाँ
06:53 am04:04 pm
9घं 9मि(2)
तिथि
प्रतिपदा, Dvitiya
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
ऐन्द्र
करण
कौलव, तैतिल
10:40 am02:56 pm
4घं 15मि
तिथि
दशमी
कृष्ण
नक्षत्र
अश्विनी
योग
धृति
करण
वणिज
अगस्तनिषिद्ध मास
कोई शुभ तिथि नहीं

इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

सितम्बरनिषिद्ध मास
कोई शुभ तिथि नहीं

इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

अक्टूबरनिषिद्ध मास
कोई शुभ तिथि नहीं

इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

नवम्बर2 शुभ
शुभ तिथियाँ
12:00 am12:00 am
23घं 54मि(5)
तिथि
प्रतिपदा, Dvitiya
कृष्ण
नक्षत्र
रोहिणी, Mrigashirsha
योग
शिव, सिद्ध
करण
बालव, कौलव, तैतिल
12:00 am05:47 pm
17घं 42मि(4)
तिथि
Dvitiya, तृतीया
कृष्ण
नक्षत्र
Mrigashirsha
योग
सिद्ध, साध्य
करण
तैतिल, Garaja, वणिज
दिसम्बर4 शुभ
शुभ तिथियाँ
10:54 pm12:00 am
1घं 5मि
तिथि
दशमी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
योग
प्रीति
करण
वणिज
12:00 am09:15 am
9घं 15मि
तिथि
दशमी
कृष्ण
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
योग
प्रीति
करण
वणिज
09:25 am10:55 am
1घं 30मि
तिथि
दशमी
कृष्ण
नक्षत्र
हस्त
योग
आयुष्मान
करण
वणिज
11:06 pm12:00 am
53 मि
तिथि
एकादशी
कृष्ण
नक्षत्र
हस्त
योग
आयुष्मान
करण
बव
12:00 am10:23 am
10घं 22मि(2)
तिथि
एकादशी
कृष्ण
नक्षत्र
हस्त
योग
आयुष्मान, सौभाग्य
करण
बव
06:24 am08:39 am
2घं 15मि
तिथि
प्रतिपदा
शुक्ल
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
धृति
करण
किंस्तुघ्न

2026 में कुल शुभ संपत्ति क्रय मुहूर्त — New Delhi

नक्षत्र, तिथि और ग्रह-स्थिति के अनुसार पंचांग-शुद्ध गणना

सर्वाधिक शुभ तिथियाँ
फरवरी
27
शुभ तिथियाँ
जन
फर
मार
अप्र
मई
जून
जुल
अग
सित
अक्त
नव
दिस

2026 में शुभ मुहूर्त — ऋतु के अनुसार

नीचे दी गई जानकारी New Delhi के लिए 2026 की वास्तविक पंचांग-गणना पर आधारित है।

फरवरी, मई–जून: मुहूर्त का शीर्ष काल

फरवरी, मई–जून में कुल 13 शुभ मुहूर्त तिथियाँ हैं — यह 2026 का सर्वाधिक अनुकूल काल है। इन महीनों में चातुर्मास नहीं होता और अनुकूल नक्षत्रों की संख्या अधिक होती है — इसीलिए इस काल में सबसे अधिक शुभ मुहूर्त मिलते हैं।

जनवरी, अगस्त–अक्टूबर: शुभ मुहूर्त क्यों नहीं?

जनवरी, अगस्त–अक्टूबर में शुभ मुहूर्त शून्य हैं। इसके मुख्य कारण हो सकते हैं — चातुर्मास, खरमास, अथवा शुक्र या गुरु का अस्त होना। कैलकुलेटर सभी स्थितियों की जाँच स्वतः करता है — इसीलिए इन महीनों में कोई तिथि प्रदर्शित नहीं होती।

मार्च–अप्रैल, जुलाई, नवम्बर–दिसम्बर: शुभ मुहूर्त की दूसरी खिड़की

मार्च–अप्रैल, जुलाई, नवम्बर–दिसम्बर में कुल 14 अतिरिक्त शुभ मुहूर्त तिथियाँ उपलब्ध हैं। यह काल उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मुख्य काल में तिथि नहीं पा सके। ग्रह-स्थिति और नक्षत्र-संयोग के आधार पर इन महीनों में भी उत्तम मुहूर्त मिल सकते हैं।

पंचांग-शुद्ध संपत्ति क्रय मुहूर्त — निवेश की स्थिरता के लिए

संपत्ति खरीदना जीवन के सबसे बड़े निर्णयों में से एक है। ऊपर दी गई पंचांग-शुद्ध तिथियाँ राहुकाल, भद्रा और अशुभ ग्रहों के प्रभाव से पूर्णतः मुक्त हैं। महर्षि पराशर कृत बृहत् पराशर होराशास्त्र के अनुसार मंगल (Mars) भूमि का और बृहस्पति (Jupiter) धन वृद्धि का कारक माना जाता है।

अचल संपत्ति के मामले में स्थिर (Dhruva) नक्षत्रों को प्रमुखता दी जाती है ताकि आपका निवेश लंबे समय के लिए सुरक्षित और लाभदायक सिद्ध हो।

मुहूर्त का पालन कब करना चाहिए — टोकन, एग्रीमेंट या पोज़ेशन?

सबसे महत्वपूर्ण क्षण: जिस समय संपत्ति का मुख्य भुगतान (Payment) किया जाता है या पंजीकरण (Registry/Agreement) के कागज़ात पर हस्ताक्षर किए जाते हैं, उस समय का शुभ होना अनिवार्य है। पोज़ेशन (कब्ज़ा) के लिए सामान्यतः 'गृह प्रवेश मुहूर्त' का पालन किया जाता है।

संपत्ति क्रय मुहूर्त के मुख्य नियम

स्थिर नक्षत्र
स्थिर नक्षत्र (रोहिणी, उ.फाल्गुनी, उ.आषाढ़ा, उ.भाद्रपद) निवेश की स्थिरता के लिए सर्वश्रेठ हैं। मृगशिरा भी संपत्ति के लिए उत्तम है।
🌙
रिक्ता तिथियाँ त्याज्य
चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या को संपत्ति का पंजीकरण या धन का लेन-देन कभी नहीं करना चाहिए।
☀️
मंगल का प्रभाव
गुरुवार, शुक्रवार शुभ हैं। परंतु भूमि क्रय के लिए मंगलवार को विशेष रूप से फलदायी माना जाता है क्योंकि मंगल भूमि का कारक है।
राहुकाल व भद्रा
दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर या ऑनलाइन ट्रांसफर के समय राहुकाल का त्याग अति आवश्यक है। भद्रा काल में भी संपत्ति नहीं खरीदनी चाहिए।

संपत्ति क्रय मुहूर्त — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह कैलकुलेटर वैदिक पंचांग नियमों पर आधारित है। महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।