इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
2026 में कुल शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त — New Delhi
नक्षत्र, तिथि और ग्रह-स्थिति के अनुसार पंचांग-शुद्ध गणना
2026 में शुभ मुहूर्त — ऋतु के अनुसार
नीचे दी गई जानकारी New Delhi के लिए 2026 की वास्तविक पंचांग-गणना पर आधारित है।
फरवरी, मई, दिसम्बर: मुहूर्त का शीर्ष काल
फरवरी, मई, दिसम्बर में कुल 32 शुभ मुहूर्त तिथियाँ हैं — यह 2026 का सर्वाधिक अनुकूल काल है। इन महीनों में चातुर्मास नहीं होता और अनुकूल नक्षत्रों की संख्या अधिक होती है — इसीलिए इस काल में सबसे अधिक शुभ मुहूर्त मिलते हैं।
जनवरी, अगस्त–अक्टूबर: शुभ मुहूर्त क्यों नहीं?
जनवरी, अगस्त–अक्टूबर में शुभ मुहूर्त शून्य हैं। इसके मुख्य कारण हो सकते हैं — चातुर्मास, खरमास, अथवा शुक्र या गुरु का अस्त होना। कैलकुलेटर सभी स्थितियों की जाँच स्वतः करता है — इसीलिए इन महीनों में कोई तिथि प्रदर्शित नहीं होती।
मार्च–अप्रैल, जून–जुलाई, नवम्बर: शुभ मुहूर्त की दूसरी खिड़की
मार्च–अप्रैल, जून–जुलाई, नवम्बर में कुल 26 अतिरिक्त शुभ मुहूर्त तिथियाँ उपलब्ध हैं। यह काल उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मुख्य काल में तिथि नहीं पा सके। ग्रह-स्थिति और नक्षत्र-संयोग के आधार पर इन महीनों में भी उत्तम मुहूर्त मिल सकते हैं।
हर शुभ गृह प्रवेश तिथि — वास्तुशास्त्र और पंचांग दोनों की कसौटी पर
ऊपर कैलेंडर में जो तिथियाँ शुभ चिह्नित हैं, वे एक-दो नहीं — छह पंचांग-शर्तों पर खरी उतरती हैं। यह गणना वास्तुशास्त्र के गृह प्रवेश अध्याय और मुहूर्त चिन्तामणि के नियमों पर आधारित है।
इसीलिए फरवरी में 9 तिथियाँ शुभ हो सकती हैं और जनवरी में शून्य — यह संयोग नहीं, बल्कि आपके शहर के सूर्योदय, नक्षत्र-परिवर्तन, सौर-मास और तिथि-क्षय के आधार पर की गई सटीक गणना है।
प्रत्येक तिथि पर शुक्र और गुरु के अस्त की जाँच भी स्वचालित रूप से होती है। गृह प्रवेश के लिए गुरु अस्त विशेष रूप से प्रतिबंधात्मक है — गुरु गृह-लक्ष्मी के कारक ग्रह हैं।
शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त — कैसे निर्धारित होता है?
गृह प्रवेश कब नहीं हो सकता — शास्त्रीय वर्जनाएँ
यदि कैलेंडर में किसी माह शून्य तिथि दिखे, तो इनमें से कोई एक कारण अवश्य है—
चातुर्मास — गृह प्रवेश सहित शुभ कार्य वर्जित
आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक — भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस काल में गृह प्रवेश वर्जित है। हमारा यंत्र प्रति वर्ष इन तिथियों की गणना स्वचालित रूप से करता है — इसीलिए जुलाई से अक्टूबर तक कोई तिथि प्रदर्शित नहीं होती।
खरमास (Khar Maas / Malmaas) — धनु व मीन राशि
जब सूर्य धनु राशि (दिसम्बर मध्य से जनवरी मध्य) और मीन राशि (फरवरी मध्य से मार्च मध्य) में रहते हैं, उसे खरमास कहते हैं। उत्तर भारतीय परम्परा में इस काल में गृह प्रवेश अशुभ माना जाता है। इसीलिए जनवरी में प्रायः शून्य शुभ तिथियाँ दिखती हैं।
रविवार एवं मंगलवार — गृह प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
वास्तुशास्त्र में रविवार (सूर्य — अत्यधिक तेज) और मंगलवार (मंगल — आक्रामक ऊर्जा) को गृह-शान्ति के अनुकूल नहीं माना गया। भले ही नक्षत्र और तिथि सही हों, इन दोनों वारों पर गृह प्रवेश कभी नहीं होता। यह गणक इस नियम को स्वतः लागू करता है।
गृह प्रवेश मुहूर्त — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अन्य शुभ मुहूर्त कैलकुलेटर
यह कैलकुलेटर वैदिक पंचांग नियमों पर आधारित है। महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
