PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर

षष्ट्यंश कुंडली गणक — D60 वर्ग कुंडली

निःशुल्क D60 षष्ट्यंश कुंडली बनाएं — D1 बनाम D60 तुलना और पूर्व जन्म कर्म विश्लेषण।

"षोडश वर्ग बिना ग्रह बल अधूरा — षष्ट्यंश पूर्व जन्म कर्म की कुंजी है।"

— बृहत् पाराशर होरा शास्त्र

पूर्व जन्म
कर्म
निःशुल्क
← सभी 16 वर्ग कुंडलियाँ देखें
⚠️

जन्म समय की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण

षष्ट्यंश (D60) चार्ट अत्यंत सूक्ष्म विभाजन (0°30' प्रति भाग) पर आधारित है। जन्म समय में मात्र 2 मिनट का अंतर ग्रहों की D60 स्थिति पूर्णतया बदल सकता है। विश्वसनीय विश्लेषण के लिए आपका जन्म समय अत्यंत सटीक रूप से अंकित होना आवश्यक है।

षष्ट्यंश (D60) प्रत्येक राशि को 60 भागों में विभाजित करती है, जो पूर्व जन्म कर्म के क्षेत्र में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। यह वर्ग कुंडली आपकी जन्म कुंडली (D1) से परे जाकर जीवन के इस विशिष्ट पहलू को सूक्ष्मता से प्रकट करती है।

नीचे जन्म विवरण दर्ज कर अपनी D1 और D60 कुंडलियाँ साथ-साथ बनाएं। ग्रह गरिमा तुलना और पूर्व जन्म कर्म विश्लेषण देखें।

अपनी षष्ट्यंश कुंडली बनाएं

पूर्व जन्म कर्म विश्लेषण सहित D1 बनाम D60 तुलना के लिए जन्म विवरण दर्ज करें।

Date of Birth
Time of Birth
BPHS अनुरूप · लाहिरी अयनांश · निःशुल्क
🔮

षष्ट्यंश (D60) कुंडली क्या है?

षष्ट्यंश प्रत्येक राशि को मात्र 0°30' (30 कला-मिनट) के 60 भागों में विभाजित करती है — षोडश वर्ग योजना में सबसे सूक्ष्म विभाजन। यह गहन पूर्व जन्म कार्मिक पैटर्न प्रकट करती है जो इस जीवनकाल को प्रभावित करते हैं। ऋषि पराशर D60 को ग्रह शक्ति की अंतिम परीक्षा मानते थे।

जन्म समय संवेदनशीलता — एक जिम्मेदार टिप्पणी

प्रति विभाजन 0°30' के साथ, जन्म समय में मात्र 2 मिनट की त्रुटि D60 ग्रह स्थितियों को पूर्णतया बदल सकती है। इसका अर्थ है कि D60 विश्लेषण केवल तभी विश्वसनीय है जब जन्म समय सटीक रूप से अंकित हो (आदर्श रूप से मिनट तक)। यदि आपका जन्म समय अनुमानित है (±5 मिनट या अधिक), तो D60 परिणामों को निर्णायक नहीं बल्कि सांकेतिक मानें।

संपूर्ण षोडश वर्ग विश्लेषण

सभी 16 वर्ग कुंडलियों का एक साथ विश्लेषण करें — विवाह, करियर, संतान, सम्पत्ति, आध्यात्मिकता और बहुत कुछ।

षोडश वर्ग मुख्य पृष्ठ
🪷

संपूर्ण जन्म कुंडली रिपोर्ट

सभी 16 वर्ग + योग + दोष + दशा — एक ही स्थान पर

जन्म कुंडली बनाएं

षष्ट्यंश (D60) कुंडली — सामान्य प्रश्न

Q.What does the Shashtiamsha chart show?

D60 reveals deep past-life karmic patterns. Each of the 60 divisions has a specific name and quality (benefic or malefic), indicating the karmic merit or debt a planet carries from previous incarnations.

Q.Why is birth time so critical for D60?

D60 uses 0°30' divisions — the finest in Vedic astrology. A 2-minute birth time error shifts the Moon's D60 position entirely. Only those with precisely recorded birth times should rely on D60 analysis.

Q.Is D60 really the most important divisional chart?

Sage Parashara states that D60 is the ultimate test of planetary strength. However, due to birth time sensitivity, most practitioners rely on D1, D9, and D10 for practical predictions, using D60 only when birth time is confirmed.

Q.How do the 60 division names work?

Each of the 60 parts has a Sanskrit name (like Ghora, Amrita, Deva, etc.) with inherent benefic or malefic qualities. A planet in a benefic D60 position carries karmic merit; in a malefic one, karmic debt.

सूचना: यह पृष्ठ शास्त्रीय ज्योतिष सिद्धांतों (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र) पर आधारित है। वर्ग कुंडली विश्लेषण योग्य ज्योतिषी के मार्गदर्शन में करें।