शुक्ल पक्ष • बढ़ता चंद्रमा
आज एक से ज्यादा तिथियाँ हैं। यहाँ देखिए पूरा समय:
नवमी देवी दुर्गा के विजयी रूप से जुड़ी है। यह संघर्ष के बाद जीत का समय है। कोई भी पेंडिंग काम निपटाने या किसी चुनौती पर विजय पाने के लिए आज का दिन बहुत अनुकूल है।
दशमी यमराज का दिन है, जो धर्म के देवता हैं। यह दिन सही रास्ते पर चलने और अच्छे कर्म करने का है। दान-पुण्य करने और सामाजिक कार्यों के लिए यह तिथि बहुत शुभ मानी जाती है।
तिथि हिंदू कैलेंडर का 'दिन' है। अंग्रेजी कैलेंडर में दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन तिथि सूर्य और चंद्रमा की दूरी पर निर्भर करती है, इसलिए यह कभी 19 घंटे की तो कभी 26 घंटे की भी हो सकती है। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में बंटती हैं: शुक्ल पक्ष (चांदनी रातें) और कृष्ण पक्ष (अंधेरी रातें)। हर तिथि का अपना एक स्वामी और स्वभाव होता है। कोई भी शुभ काम करने से पहले सही तिथि देखना सफलता के लिए जरूरी माना जाता है।
यह अमावस्या से पूर्णिमा तक का समय है। इसमें चांद का आकार बढ़ता है। यह समय नई शुरुआत, विकास और शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
यह पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय है। इसमें चांद का आकार घटता है। यह समय कार्यों को पूरा करने, ध्यान, साधना और बुरी आदतों को छोड़ने के लिए उत्तम है।
तारीख (Date) सूर्य के हिसाब से चलती है और हमेशा 24 घंटे की होती है। तिथि (Tithi) चंद्रमा की चाल से चलती है, इसलिए यह छोटी-बड़ी हो सकती है और दिन में किसी भी समय बदल सकती है।
तिथि आसमान में सूर्य और चंद्रमा के कोण (angle) से तय होती है। क्योंकि हर शहर से यह कोण अलग दिखता है, इसलिए तिथि शुरू और खत्म होने का समय भी हर जगह अलग होता है। दिल्ली और मुंबई में तिथि का समय अलग हो सकता है।
आमतौर पर पूर्णिमा, एकादशी, और द्वितीया (दूज) को सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन हर काम के लिए अलग तिथि अच्छी होती है, जैसे लड़ने के लिए 'षष्ठी' और पढ़ने के लिए 'पंचमी'।
कोशिश करें कि 'शुभ' तिथियों (जैसे द्वितीया, पंचमी, दशमी, पूर्णिमा) में ही नया काम शुरू करें। 'क्रूर' तिथियों (जैसे चतुर्थी, नवमी) में रूटीन काम करना बेहतर होता है।
जैसे नाव बहती हवा के साथ तेज चलती है, वैसे ही सही तिथि में किया गया काम जल्दी सफल होता है। तिथि हमें बताती है कि आज ब्रह्मांड की ऊर्जा किस तरह के काम के लिए अनुकूल है।