पंचक योग अवधियां 202613
मध्यम पंचक
पंचक योग • 5 दिन
अग्नि पंचक
पंचक योग • 5 दिन
राज पंचक
पंचक योग • 5 दिन
राज पंचक
पंचक योग • 5 दिन
रोग पंचक
पंचक योग • 5 दिन
मृत्यु पंचक
पंचक योग • 5 दिन
मृत्यु पंचक
पंचक योग • 5 दिन
चोर पंचक
पंचक योग • 5 दिन
मध्यम पंचक
पंचक योग • 5 दिन
मध्यम पंचक
पंचक योग • 5 दिन
मध्यम पंचक
पंचक योग • 5 दिन
अग्नि पंचक
पंचक योग • 5 दिन
अग्नि पंचक
पंचक योग • 5 दिन
पंचक योग को समझें
पंचक योग (जिसे पंचक काल या पंचक नक्षत्र भी कहा जाता है) हिंदू ज्योतिष में एक अशुभ अवधि है जो तब होती है जब चंद्रमा राशि चक्र के अंतिम पांच नक्षत्रों से गुजरता है, विशेष रूप से:
इसका मतलब है कि चंद्रमा मेष राशि में प्रवेश करने से पहले कुंभ और मीन राशि के अंतिम 5 नक्षत्रों से गुजरता है, एक चंद्र चक्र पूरा करता है। पंचक आमतौर पर हर चंद्र महीने में लगभग 4 दिन और 12 घंटे तक रहता है।
🌙 अर्थ और ज्योतिषीय आधार
शब्द "पंचक" का शाब्दिक अर्थ है पांच भाग या पांच खंड। यह पांच नक्षत्रों के एक समूह का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा इनसे गुजरता है, प्राचीन शास्त्र इस अवधि को संवेदनशील या विघ्न काल (परेशानी का चरण) के रूप में वर्णित करते हैं।
🕉️ पंचक को अशुभ क्यों माना जाता है
वैदिक ज्योतिष में, चंद्रमा हमारी भावनाओं, मन और दैनिक निर्णयों को नियंत्रित करता है। पंचक के दौरान, यह माना जाता है कि चंद्रमा राशि चक्र के एक कर्म या परिवर्तनकारी क्षेत्र से गुजरता है — एक समय जब मानवीय गतिविधियां अप्रत्याशित या बढ़े हुए परिणाम ला सकती हैं। इसलिए, कुछ गतिविधियों से बचा जाता है।
⚠️ पंचक के दौरान परंपरागत रूप से टाली जाने वाली चीज़ें
(ये पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, वैज्ञानिक सिद्धांतों पर नहीं।)
🔭 पंचक के प्रकार
ज्योतिषी पंचक को उस वार (दिन) के आधार पर वर्गीकृत करते हैं जिस दिन यह शुरू होता है, जो इसे एक विशिष्ट स्वाद देता है:
| पंचक प्रकार | शुरू होता है | पारंपरिक मान्यता |
|---|---|---|
| रोग पंचक | रविवार | स्वास्थ्य समस्याएं ला सकता है |
| राज पंचक | सोमवार | शक्ति संघर्ष लाता है |
| अग्नि पंचक | मंगलवार | आग या संघर्ष का जोखिम |
| मध्यम पंचक | बुधवार/गुरुवार | मध्यम प्रभाव; सावधानी |
| चोर पंचक | शुक्रवार | चोरी या धोखे का जोखिम |
| मृत्यु पंचक | शनिवार | मृत्यु या हानि से जुड़ा |
🕰️ पंचक कब होता है
यह हर चंद्र महीने में एक बार दोहराता है। उदाहरण के लिए, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र (अंतिम चरण) में प्रवेश करता है और रेवती नक्षत्र पूरा होने के बाद समाप्त होता है। पंचांग और PanchangBodh APIs प्रत्येक शहर के लिए इसकी सटीक शुरुआत और समाप्ति की गणना कर सकते हैं।
🧘 उपचार और अच्छे उपयोग
🪐 खगोलीय अंतर्दृष्टि
तकनीकी रूप से, यह चरण चंद्रमा की गति के अनुरूप है जो कुंभ राशि के अंतिम 40° और मीन राशि के पूर्ण 30° से गुजरता है, सूर्य (*अमावस्या*) के साथ युति से ठीक पहले। इसलिए यह ऊर्जावान रूप से संवेदनशील है — नवीकरण से पहले समापन का एक प्राकृतिक चक्र।