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शनि का पाद गोचर एक गहन और धीमी प्रक्रिया है — प्रत्येक पाद लगभग 3-4 सप्ताह तक रहता है। इससे मासिक स्तर पर कर्म विषयों का अनुसरण सार्थक हो जाता है। पाद और नवांश का संबंध शनि के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि D9 कुंडली धर्म और संचित कर्मों को दर्शाती है — शनि के स्वाभाविक अधिकार क्षेत्र। ज्योतिषी शनि की पाद स्थिति देखकर समझते हैं कि कौन से कर्म पाठ सक्रिय हैं, और उसी अनुसार उपचार (जैसे शनि पूजा या हनुमान आराधना) का उचित समय तय करते हैं।
पाद गोचर सारणी 2026
9 परिवर्तनपूर्वा भाद्रपद पाद 4
↩ वक्रीनवांश: कर्क · मीन में
3 अक्टू 2025, 11:41 अपराह्न → 20 जन 2026, 10:52 पूर्वाह्न
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उत्तरा भाद्रपद पाद 1
नवांश: सिंह · मीन में
20 जन 2026, 10:52 पूर्वाह्न → 22 फर 2026, 3:10 पूर्वाह्न
उत्तरा भाद्रपद पाद 2
नवांश: कन्या · मीन में
22 फर 2026, 3:10 पूर्वाह्न → 21 मार्च 2026, 3:03 अपराह्न
उत्तरा भाद्रपद पाद 3
वर्तमाननवांश: तुला · मीन में
21 मार्च 2026, 3:03 अपराह्न → 17 अप्रैल 2026, 3:04 अपराह्न
उत्तरा भाद्रपद पाद 4
नवांश: वृश्चिक · मीन में
17 अप्रैल 2026, 3:04 अपराह्न → 17 मई 2026, 2:37 अपराह्न
रेवती पाद 1
नवांश: धनु · मीन में
17 मई 2026, 2:37 अपराह्न → 2 जुल 2026, 5:51 पूर्वाह्न
रेवती पाद 2
↩ वक्रीनवांश: मकर · मीन में
2 जुल 2026, 5:51 पूर्वाह्न → 20 अग 2026, 10:12 अपराह्न
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रेवती पाद 1
↩ वक्रीनवांश: धनु · मीन में
20 अग 2026, 10:12 अपराह्न → 9 अक्टू 2026, 8:51 अपराह्न
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उत्तरा भाद्रपद पाद 4
↩ वक्रीनवांश: वृश्चिक · मीन में
9 अक्टू 2026, 8:51 अपराह्न → 8 फर 2027, 7:51 पूर्वाह्न
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27 जुल 2026 → 11 दिस 2026
मीन राशि में · 350.5° → 343.7°
पाद गोचर क्या है?
प्रत्येक नक्षत्र के 4 पाद (3°20') होते हैं — कुल 108 पाद। नवांश कुंडली विश्लेषण के लिए उपयोगी।
