इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
इस माह में कोई भी पंचांग-शुद्ध शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
2026 में कुल शुभ विवाह मुहूर्त — New Delhi
नक्षत्र, तिथि और ग्रह-स्थिति के अनुसार पंचांग-शुद्ध गणना
2026 में शुभ मुहूर्त — ऋतु के अनुसार
नीचे दी गई जानकारी New Delhi के लिए 2026 की वास्तविक पंचांग-गणना पर आधारित है।
फरवरी–मार्च, मई: मुहूर्त का शीर्ष काल
फरवरी–मार्च, मई में कुल 28 शुभ मुहूर्त तिथियाँ हैं — यह 2026 का सर्वाधिक अनुकूल काल है। इन महीनों में चातुर्मास नहीं होता और अनुकूल नक्षत्रों की संख्या अधिक होती है — इसीलिए इस काल में सबसे अधिक शुभ मुहूर्त मिलते हैं।
जनवरी, अगस्त–अक्टूबर: शुभ मुहूर्त क्यों नहीं?
जनवरी, अगस्त–अक्टूबर में शुभ मुहूर्त शून्य हैं। इसके मुख्य कारण हो सकते हैं — चातुर्मास, खरमास, अथवा शुक्र या गुरु का अस्त होना। कैलकुलेटर सभी स्थितियों की जाँच स्वतः करता है — इसीलिए इन महीनों में कोई तिथि प्रदर्शित नहीं होती।
अप्रैल, जून–जुलाई, नवम्बर–दिसम्बर: शुभ मुहूर्त की दूसरी खिड़की
अप्रैल, जून–जुलाई, नवम्बर–दिसम्बर में कुल 29 अतिरिक्त शुभ मुहूर्त तिथियाँ उपलब्ध हैं। यह काल उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मुख्य काल में तिथि नहीं पा सके। ग्रह-स्थिति और नक्षत्र-संयोग के आधार पर इन महीनों में भी उत्तम मुहूर्त मिल सकते हैं।
हर शुभ विवाह मुहूर्त तिथि के पीछे — शास्त्रों की कसौटी
ऊपर कैलेंडर में जो तिथियाँ शुभ के रूप में चिह्नित हैं, वे केवल एक नहीं — सात पंचांग-कसौटियों पर खरी उतरती हैं। यह गणना बृहत्पराशर होराशास्त्र और मुहूर्त चिन्तामणि के नियमों पर आधारित है — वे ग्रन्थ जो सदियों से विवाह के लिए शुभ काल निर्धारण का आधार रहे हैं।
इसीलिए जनवरी में 9 तिथियाँ शुभ हो सकती हैं और फरवरी में 14 — यह कोई अनुमान नहीं, बल्कि आपके चुने हुए शहर के सूर्योदय, नक्षत्र-परिवर्तन और तिथि-क्षय के आधार पर की गई सटीक पंचांग-शुद्ध गणना है।
इसके अतिरिक्त, हमने शुक्र और गुरु के अस्त — जिसे ज्योतिष में तारा अस्त कहते हैं — की गणना के लिए एक आधुनिक हेलियाकल राइजिंग/सेटिंग एल्गोरिद्म विकसित किया है। जब ये दोनों ग्रह सूर्य के अत्यन्त निकट होते हैं और दृष्टिगत नहीं होते, तो परम्परागत रूप से विवाह वर्जित माना जाता है। सामान्य पंचांग में यह सूक्ष्म गणना प्रायः नहीं होती — यहाँ हर तिथि पर यह जाँच स्वचालित रूप से लागू होती है।
शुभ विवाह मुहूर्त का निर्धारण कैसे होता है?
विवाह मुहूर्त कब नहीं हो सकता — शास्त्रीय वर्जनाएँ
यदि कैलेंडर में किसी माह शून्य तिथि दिखे, तो इनमें से कोई एक कारण अवश्य है—
चातुर्मास — ब्रह्म विवाह निषिद्ध
आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक — जिसे चातुर्मास कहते हैं — देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस काल में विवाह सहित सभी शुभ कार्य वर्जित हैं। हमारा यंत्र प्रति वर्ष इन तिथियों की गणना स्वऺालित रूप से करता है और उस अवधि में सभी तिथियाँ हटा देता है।
तारा अस्त — शुक्र और गुरु का अस्त होना
जब शुक्र (शुक्रास्त) या गुरु (गुर्वास्त) सूर्य के अत्यन्त निकट आने से दृष्टिगोचर नहीं रहते, तो विवाह मुहूर्त परम्परागत रूप से वर्जित माना जाता है। दोनों ग्रह विवाह के कारक हैं। सामान्य पंचांग व ओनलाईन कैलकुलेटर इस स्तर पर गणना प्रायः नहीं करते — इसीलिए कुछ साइट्स अस्त काल में भी तिथियाँ दिखाती हैं। हमारे यांत्रिकी हेलियाकल डाटा के आधार पर प्रत्येक तिथि की जाँच की जाती है।
खर मास (Khar Maas / Malmaas) — धनु व मीन राशि
जब सूर्य धनु राशि (दिसम्बर मध्य से जनवरी मध्य) और मीन राशि (फरवरी मध्य से मार्च मध्य) में रहते हैं, तो इसे खर मास कहते हैं। उत्तर भारत की परम्परा में इस काल में विवाह वर्जित माना जाता है। दक्षिण भारत की कुछ परम्पराओं में यह वर्जना नहीं होती।
विवाह मुहूर्त — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अन्य शुभ मुहूर्त कैलकुलेटर
यह कैलकुलेटर वैदिक पंचांग नियमों पर आधारित है। महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
