ग्रह अस्त (दहन)

ग्रह अस्त - सूर्य के निकटता का प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में, जब कोई दृश्य ग्रह (चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) सूर्य के बहुत निकट आ जाता है, तो उसे "अस्त" या "दहन" कहा जाता है। इस स्थिति में ग्रह अपनी दृश्य और ज्योतिषीय शक्ति खो देता है।

हर ग्रह की अलग दूरी
6 पारंपरिक ग्रह
Moon Combustion - चंद्र अस्त

चंद्र अस्त

Moon Combustion

12°
मध्यम
Mars Combustion - मंगल अस्त

मंगल अस्त

Mars Combustion

17°
उच्च
Mercury Combustion - बुध अस्त

बुध अस्त

Mercury Combustion

14°
उच्च
Jupiter Combustion - गुरु अस्त

गुरु अस्त

Jupiter Combustion

11°
गंभीर
Venus Combustion - शुक्र अस्त

शुक्र अस्त

Venus Combustion

10°
उच्च
Saturn Combustion - शनि अस्त

शनि अस्त

Saturn Combustion

15°
मध्यम

शास्त्रीय संदर्भ

बृहत् पाराशर होर शास्त्र

"अस्तं गते तु सौम्ये च क्रूरे वा सूर्यसन्निधौ।
तद्बलं हीयते सर्वं फलं नैव प्रदीयते॥"

जब शुभ या क्रूर ग्रह सूर्य के समीप अस्त हो जाता है, तो उसका सम्पूर्ण बल क्षीण हो जाता है और वह अपने फल नहीं दे पाता।

महर्षि पराशर

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