गुरु (बृहस्पति)

गुरु (बृहस्पति) राशि गोचर 2026

ग्रह गोचरवक्री

"जब ग्रह राशि बदलते हैं, जीवन बदलता है।"

New Delhi के लिए गुरु (बृहस्पति) राशि गोचर 2026 की सटीक तारीखें और समय। सभी 2 राशि परिवर्तनों की विस्तृत सूची।

वर्तमान राशि
मिथुन
अंश
21.3°
परिवर्तन
2
दैनिक गति
0.05°/दिन

वर्ष और शहर चुनें

वर्ष
2026

गुरु (बृहस्पति) वैदिक ज्योतिष का सबसे बड़ा शुभ ग्रह है और लगभग वर्ष में एक बार राशि बदलता है। इसीलिए हर गुरु राशि गोचर एक बड़ी ज्योतिषीय घटना मानी जाती है — वार्षिक भविष्यफल और वर्षफल में इसकी व्यापक चर्चा होती है। गुरु ज्ञान, भाग्य, संतान, धर्म और उच्च शिक्षा का कारक है। इसके राशि परिवर्तन से सभी 12 चंद्र राशियों के लिए अवसरों, आध्यात्मिक उन्नति और आर्थिक विस्तार को नई दिशा मिलती है। विवाह, संतान प्राप्ति और व्यावसायिक उन्नति के लिए गुरु गोचर सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

राशि गोचर सारणी 2026

3 परिवर्तन
1

मिथुन (Gemini)

वर्तमान

स्वामी: बुध

5 दिस 2025, 5:25 अपराह्न → 2 जून 2026, 1:50 पूर्वाह्न

178.4 दिन (~5.9 माह)
2

कर्क (Cancer)

स्वामी: चंद्र

2 जून 2026, 1:50 पूर्वाह्न → 31 अक्टू 2026, 12:02 अपराह्न

151.4 दिन (~5 माह)
3

सिंह (Leo)

स्वामी: सूर्य

31 अक्टू 2026, 12:02 अपराह्न → 25 जन 2027, 1:31 पूर्वाह्न

85.6 दिन (~2.8 माह)
⚠️2026 में वक्री गोचर

11 नव 202511 मार्च 2026

कर्क राशि में · 90.9° → 80.9°

120 दिन

13 दिस 202613 अप्रैल 2027

सिंह राशि में · 122.8° → 112.8°

121 दिन
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राशि गोचर क्या है?

जब कोई ग्रह एक राशि (30°) से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे राशि गोचर कहते हैं। यह जीवन के मुख्य क्षेत्रों को प्रभावित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु एक राशि में लगभग 13 माह रहता है। गुरु के 2026 में सटीक राशि परिवर्तन की तिथि और समय के लिए इस पृष्ठ पर विस्तृत गोचर कैलेंडर देखें, जो स्विस एफेमेरिस डेटा से गणना किया गया है।
गुरु वैदिक ज्योतिष में सबसे बड़ा प्राकृतिक शुभ ग्रह है। इसका गोचर ज्ञान, भाग्य, संतान, विवाह और आध्यात्मिक विकास को प्रभावित करता है। गुरु का राशि परिवर्तन सभी 12 चंद्र राशियों को प्रभावित करता है और वार्षिक भविष्यफल (वर्षफल) के लिए व्यापक रूप से देखा जाता है।
चंद्र या शुक्र से 2, 5, 7 या 11वें भाव पर गुरु का गोचर विवाह के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। जन्म चंद्रमा से 7वें भाव में गुरु जीवनसाथी खोजने के लिए विशेष रूप से शुभ है।
राशि गोचर एक ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश है। यह गोचर का सबसे मूलभूत प्रकार है और सभी 12 चंद्र राशियों को प्रभावित करता है। वैदिक ज्योतिष गोचर गणना के लिए सायन राशि चक्र (लाहिरी अयनांश) का उपयोग करता है।