PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर
पंचांग मार्गदर्शिका

विवाह पंचमी 2026

श्रीराम और सीता के विवाह का दिन — मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को, और सबसे भव्य रूप से जनकपुर तथा अयोध्या में मनाया जाता है।

The wedding of Ram and Sita, garlanded together before the sacred fire at Janakpur on Vivah Panchami
PanchangBodh Editorial
7 min read
vivah panchami 2026vivah panchami 2026 dateram sita vivahvivah panchami puja vidhivivah panchami significance

विवाह पंचमी भगवान श्रीराम और सीता के विवाह का दिन है। रामायण के अनुसार मिथिला के राजा जनक को धरती की एक रेखा में शिशु सीता मिली थीं, और जब वे बड़ी हुईं तो जनक ने उनके वर के लिए एक ही शर्त रखी — वह वही होगा जो शिव के विशाल धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ा सके, जिसे कोई राजा हिला तक न सका था। स्वयंवर में श्रीराम ने उसे उठाया, और वह उनके हाथों में मेघ-गर्जन जैसे नाद के साथ टूट गया — इस प्रकार उन्होंने सीता को वरण किया। इसके बाद जनकपुर में हुआ विवाह ही इस दिन का स्मरण है। 2026 में यह सोमवार, 14 दिसंबर को पड़ता है।

तिथि है मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी — मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तिथि। पंचमी 13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 तारीख़ शाम 7:17 तक रहती है, और चूँकि 14 को सूर्योदय के समय पंचमी रहती है, विवाह इसी दिन मनाया जाता है। यह सबसे भव्य रूप से नेपाल के जनकपुर — सीता की मिथिला — और श्रीराम के नगर अयोध्या में मनाया जाता है, जहाँ रामायण के बालकांड से विवाह-प्रसंग का पुनर्मंचन होता है। उल्लास के साथ एक परंपरा भी चलती है: उत्तर भारत के कुछ भागों में अनेक परिवार अपना विवाह इस दिन तय नहीं करते, क्योंकि श्रीराम और सीता का दांपत्य जीवन वनवास और लंबे वियोग से भरा रहा।

विवाह पंचमी 2026 एक दृष्टि में

🗓️
पर्व दिवस
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
🌙
चंद्र मास
मार्गशीर्ष (अगहन) · शुक्ल
पंचमी तिथि
13 दिसं शाम 4:49 → 14 दिसं शाम 7:17
💍
यह दिन
श्रीराम और सीता का विवाह
📍
प्रमुख स्थान
जनकपुर (नेपाल) · अयोध्या
🕉️
आराध्य
श्रीराम व सीता (सीताराम)

दोनों कार्ड वे दो बातें बताते हैं जिनके लिए पाठक आता है। विवाह पंचमी 2026 सोमवार, 14 दिसंबर को है, मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को रखी जाती है। पंचमी तिथि स्वयं 13 दिसंबर शाम 4:49 पर आरंभ होकर 14 तारीख़ शाम 7:17 पर समाप्त होती है, इसलिए विवाह का दिन 14 ही है — वही दिन जब तिथि सूर्योदय को घेरती है। यहाँ दिए समय नई दिल्ली के लिए IST में हैं; तिथि का समय आपके शहर के अनुसार थोड़ा बदलता है, अतः अपना स्थानीय समय पंचांग में देख लें।

विवाह पंचमी किसका स्मरण है

मिथिला की सीता, शिव का धनुष, और जनकपुर का विवाह

यह कथा रामायण के प्रथम कांड, बालकांड की है। मिथिला के राजा जनक वर्षा के निमित्त यज्ञ-भूमि जोत रहे थे, तभी धरती की एक रेखा से एक शिशु कन्या प्रकट हुई; रेखा — सीता — में मिलने के कारण उनका यही नाम पड़ा, और जनक ने उन्हें अपनी पुत्री मानकर पाला। बड़ी होने पर जनक ने उनका स्वयंवर अपने दरबार में रखे शिव के हरधनुष के चारों ओर रचा — वह इतना विशाल था कि उसे सैकड़ों जन मिलकर ही हिला पाते: जो उसे उठाकर प्रत्यंचा चढ़ा दे, वही सीता का वरण करेगा। अनेक राजा आए और असफल रहे, कुछ तो उसे हिला तक न सके। तब ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला आए श्रीराम धनुष के पास गए, उसे ऐसे उठाया मानो उसका कोई भार न हो, और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह समूचे राज्य में सुनाई देने वाली गूँज के साथ दो टुकड़ों में टूट गया। सीता ने उनके गले में जयमाला डाली, और जनक ने अयोध्या संदेश भेजा; एक ही भव्य आयोजन में श्रीराम और उनके तीनों भाइयों का विवाह सीता और उनकी बहनों से हुआ। यही विवाह विवाह पंचमी है।

श्रीराम ने सीता को कैसे वरण किया
🌾

चरण 1

धरती से प्रकट सीता

हल जोतते समय राजा जनक को शिशु सीता मिलती हैं।

🏹

चरण 2

प्रण

जो शिव-धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाए, वही वर।

चरण 3

धनुष भंग

श्रीराम उठाते हैं, और वह दो टुकड़ों में टूट जाता है।

💍

चरण 4

विवाह

जनकपुर में श्रीराम-सीता का विवाह होता है।

विवाह, चरण दर चरण

श्रीराम और सीता का विवाह कैसे संपन्न होता है

दिन का केंद्र स्वयं विवाह है, जो अग्नि के समक्ष पुनः रचाया जाता है — श्रीराम और सीता की मूर्तियाँ वर-वधू रूप में सजाई जाती हैं, और पूरे विधि-विधान से क्रमशः विवाह संपन्न होता है।

🛕

1.मंडप व मूर्तियाँ

श्रीराम-सीता वर-वधू रूप में सज्जित होते हैं।

🪔

2.पूजन

पहले गणेश और गौरी का पूजन होता है।

🌸

3.जयमाला

वर-वधू माल्यार्पण करते हैं।

🤝

4.कन्यादान

जनक सीता का कन्यादान करते हैं।

🔥

5.सप्तपदी

अग्नि के चारों ओर सात फेरे।

📖

6.कथा व आरती

विवाह-प्रसंग का पाठ और आरती।

यह दिन कैसे मनाया जाता है

व्रत, विवाह-गीत, और प्रमुख केंद्र

अनेक लोग समारोह पूर्ण होने तक व्रत रखते हैं, और संध्या भर मिथिला तथा उत्तर भारत के मंदिरों, घरों और सीताराम मंदिरों में रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण का विवाह-प्रसंग पढ़ा जाता है और मिथिला के पुराने विवाह-गीत गाए जाते हैं। दो प्रमुख केंद्र हैं — नेपाल का जनकपुर, सीता की मिथिला, जहाँ अयोध्या से बारात आती है और उत्सव कई दिनों तक चलता है, और स्वयं श्रीराम का नगर अयोध्या।

💭कुछ लोग इस दिन विवाह क्यों नहीं करते

उत्तर भारत के कुछ भागों में अनेक परिवार अपने बच्चों का विवाह विवाह पंचमी पर तय नहीं करते। यद्यपि यह स्वयं श्रीराम और सीता का विवाह-दिवस है, उनका दांपत्य जीवन चौदह वर्ष के वनवास, सीता के अपहरण और बाद के वियोग से भरा रहा — इसलिए इस दिन को साक्षी बनने योग्य दिव्य विवाह माना जाता है, सदा अनुकरण योग्य नहीं। इसके विपरीत मिथिला और जनकपुर में यह वर्ष का सबसे बड़ा दिन है।

लाइव पंचांग

14 दिसंबर को अपने शहर का पंचांग देखें

यहाँ पंचमी तिथि — 13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 दिसंबर शाम 7:17 — नई दिल्ली के लिए है। 14 दिसंबर, या किसी भी दिन, अपने शहर के सूर्योदय, तिथि और चौघड़िया के लिए लाइव पंचांग खोलें।

विवाह पंचमी 2026 — आपके प्रश्न

तिथि, श्रीराम-सीता विवाह, और मनाने की विधि

विवाह पंचमी 2026 में कब है?+
विवाह पंचमी 2026 में सोमवार, 14 दिसंबर को है। यह मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को रखी जाती है, और पंचमी तिथि 13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 दिसंबर शाम 7:17 (IST, नई दिल्ली) तक रहती है। चूँकि 14 तारीख़ को सूर्योदय के समय पंचमी रहती है, इसलिए पर्व इसी दिन मनाया जाता है।
विवाह पंचमी किस उपलक्ष्य में मनाई जाती है?+
यह भगवान श्रीराम और सीता के विवाह की वर्षगाँठ है। रामायण के अनुसार मिथिला के राजा जनक को सीता धरती की एक रेखा (सीता) में मिली थीं, और उन्होंने प्रण किया था कि सीता का विवाह केवल उसी से होगा जो शिव के विशाल धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ा सके। स्वयंवर में श्रीराम ने वह धनुष उठाया और वह उनके हाथों में टूट गया — और इस प्रकार उन्होंने सीता को वरण किया। विवाह पंचमी उन्हीं के विवाह का दिन है।
विवाह पंचमी कहाँ मनाई जाती है?+
सबसे भव्य रूप से नेपाल के जनकपुर में — सीता की मिथिला, राजा जनक का नगर — जहाँ पूरी बारात और कई दिनों के उत्सव के साथ विवाह का पुनर्मंचन होता है; और अयोध्या में, श्रीराम के नगर में। उत्तर भारत तथा मिथिला के सीताराम मंदिर इसे झाँकियों, शोभायात्राओं और रामचरितमानस के बालकांड से विवाह-प्रसंग के पाठ के साथ मनाते हैं।
कुछ परिवार विवाह पंचमी पर विवाह क्यों नहीं करते?+
यह उत्तर भारत के कुछ भागों में प्रचलित लोक-मान्यता है। यद्यपि यह दिन स्वयं श्रीराम और सीता के विवाह का है, उनका दांपत्य जीवन कठिनाइयों से भरा रहा — चौदह वर्ष का वनवास, सीता का अपहरण, और बाद में वियोग। इसी कारण अनेक परिवार अपने बच्चों का विवाह इस तिथि पर तय नहीं करते, इस भाव से कि वर-वधू को ऐसी परीक्षाएँ न सहनी पड़ें। इसके विपरीत मिथिला और जनकपुर में यह दिन वर्ष का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।
विवाह पंचमी कैसे मनाई जाती है?+
दिन का केंद्र स्वयं विवाह है — श्रीराम और सीता का विवाह अग्नि के समक्ष पुनः रचाया जाता है; दोनों की मूर्तियाँ वर-वधू के रूप में सजाई जाती हैं, माला पहनाई जाती है और पूरे विधि-विधान से विवाह होता है। मंदिरों और घरों में रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण का विवाह-प्रसंग पढ़ा जाता है, विवाह-गीत गाए जाते हैं, और विवाह के बाद व्रत का पारण होता है। जनकपुर और अयोध्या में शोभायात्राएँ और भव्य आयोजन होते हैं।
विवाह पंचमी किस तिथि को होती है?+
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को — मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तिथि। यह विनायक चतुर्थी और स्कंद षष्ठी के बीच, नवंबर के अंत या दिसंबर के आसपास पड़ती है। 2026 में पंचमी 13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 दिसंबर शाम 7:17 तक रहती है, और पर्व 14 तारीख़ को मनाया जाता है।
स्रोत और अस्वीकरण: तिथियाँ और समय IST में लाहिरी अयनांश से गणना किए गए हैं; मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी तिथि 13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 दिसंबर 2026 शाम 7:17 तक रहती है, और विवाह 14 तारीख़ को मनाया जाता है, जब सूर्योदय के समय पंचमी रहती है। तिथि का समय आपके शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए अपना स्थानीय समय पंचांग में देख लें। यह पृष्ठ जानकारी और सांस्कृतिक समझ के लिए है; इस दिन विवाह न करने संबंधी उल्लेख एक पारंपरिक मान्यता का वर्णन है, कोई विधान नहीं।