गुरु (बृहस्पति)

गुरु (बृहस्पति) नक्षत्र गोचर 2026

ग्रह गोचरवक्री

"जब ग्रह राशि बदलते हैं, जीवन बदलता है।"

New Delhi के लिए गुरु (बृहस्पति) नक्षत्र गोचर 2026 की सटीक तारीखें और समय। सभी 3 नक्षत्र परिवर्तनों की विस्तृत सूची।

वर्तमान राशि
मिथुन
अंश
21.3°
परिवर्तन
3
दैनिक गति
0.06°/दिन

वर्ष और शहर चुनें

वर्ष
2026

गुरु का नक्षत्र गोचर वार्षिक राशि परिवर्तन में और गहराई जोड़ता है। चूँकि गुरु एक राशि में लगभग 13 माह रहता है, इस बीच यह 3-4 नक्षत्रों से होकर गुज़रता है। हर नक्षत्र गुरु की कृपा को अपना रंग देता है — पुष्य नक्षत्र (गुरु की उच्च स्थिति) में गुरु परम शुभ माना जाता है, जबकि आर्द्रा में गुरु अधिक चुनौतीपूर्ण, परिवर्तनकारी ऊर्जा लाता है। गुरु के नक्षत्र का अनुसरण पूजा, यज्ञ और आध्यात्मिक दीक्षा के शुभ समय निर्धारण में बड़ा सहायक होता है।

नक्षत्र गोचर सारणी 2026

4 परिवर्तन
1

पुनर्वसु (Punarvasu)

वर्तमानवक्री

मिथुन राशि में · स्वामी: बृहस्पति · देवता: Aditi

5 दिस 2025, 5:25 अपराह्न → 18 जून 2026, 9:01 अपराह्न

💡 Includes retrograde period within this nakshatra

195.2 दिन (~6.4 माह)
2

पुष्य (Pushya)

कर्क राशि में · स्वामी: शनि · देवता: Brihaspati

18 जून 2026, 9:01 अपराह्न → 19 अग 2026, 3:12 पूर्वाह्न

61.3 दिन (~2 माह)
3

आश्लेषा (Ashlesha)

कर्क राशि में · स्वामी: बुध · देवता: Nagas

19 अग 2026, 3:12 पूर्वाह्न → 31 अक्टू 2026, 12:02 अपराह्न

73.3 दिन (~2.4 माह)
4

मघा (Magha)

वक्री

सिंह राशि में · स्वामी: केतु · देवता: Pitris

31 अक्टू 2026, 12:02 अपराह्न → 25 जन 2027, 1:31 पूर्वाह्न

💡 Includes retrograde period within this nakshatra

85.6 दिन (~2.8 माह)
⚠️2026 में वक्री गोचर

11 नव 202511 मार्च 2026

कर्क राशि में · 90.9° → 80.9°

120 दिन

13 दिस 202613 अप्रैल 2027

सिंह राशि में · 122.8° → 112.8°

121 दिन

नक्षत्र गोचर क्या है?

नक्षत्र 13°20' के भाग हैं — राशि से सूक्ष्म। मुहूर्त निर्णय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु एक राशि में लगभग 13 माह रहता है। गुरु के 2026 में सटीक राशि परिवर्तन की तिथि और समय के लिए इस पृष्ठ पर विस्तृत गोचर कैलेंडर देखें, जो स्विस एफेमेरिस डेटा से गणना किया गया है।
गुरु वैदिक ज्योतिष में सबसे बड़ा प्राकृतिक शुभ ग्रह है। इसका गोचर ज्ञान, भाग्य, संतान, विवाह और आध्यात्मिक विकास को प्रभावित करता है। गुरु का राशि परिवर्तन सभी 12 चंद्र राशियों को प्रभावित करता है और वार्षिक भविष्यफल (वर्षफल) के लिए व्यापक रूप से देखा जाता है।
चंद्र या शुक्र से 2, 5, 7 या 11वें भाव पर गुरु का गोचर विवाह के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। जन्म चंद्रमा से 7वें भाव में गुरु जीवनसाथी खोजने के लिए विशेष रूप से शुभ है।
नक्षत्र गोचर 27 चंद्र नक्षत्रों (नक्षत्रों) के माध्यम से ग्रह की गति को ट्रैक करता है। प्रत्येक नक्षत्र राशि चक्र के 13°20' का विस्तार करता है। नक्षत्र गोचर राशि गोचर से अधिक सूक्ष्म है और नक्षत्र स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) के माध्यम से ग्रह का सूक्ष्म प्रभाव प्रकट करता है।