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शनि सबसे धीमा दृश्य ग्रह है — प्रत्येक राशि में लगभग ढाई वर्ष ठहरता है। इसका राशि गोचर वैदिक ज्योतिष में सबसे प्रभावशाली और भय-सम्मान दोनों से देखा जाने वाला गोचर है — यही साढ़े साती (साढ़े सात वर्ष), अष्टम शनि (चंद्र से 8वें भाव में शनि) और ढैय्या (चंद्र से 4वें भाव में शनि) का आधार है। शनि अनुशासन, कर्मफल, विलंब, आयु और कठिन परिश्रम से मिलने वाली सिद्धि का कारक है। शनि का हर राशि परिवर्तन एक पीढ़ीगत मोड़ होता है — सभी 12 चंद्र राशियों में जिम्मेदारियों का पुनर्निर्माण होता है और धैर्य की कसौटी लगती है।
राशि गोचर सारणी 2026
1 परिवर्तनमीन (Pisces)
वर्तमानस्वामी: बृहस्पति
3 अक्टू 2025, 11:41 अपराह्न → 8 फर 2027, 7:51 पूर्वाह्न
27 जुल 2026 → 11 दिस 2026
मीन राशि में · 350.5° → 343.7°
राशि गोचर क्या है?
जब कोई ग्रह एक राशि (30°) से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे राशि गोचर कहते हैं। यह जीवन के मुख्य क्षेत्रों को प्रभावित करता है।
