वैदिक परंपरा में अमावस्या कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन है — जब चंद्रमा पूर्णतः अदृश्य हो जाता है। यह आत्मचिंतन, पितृ तर्पण और आत्मशुद्धि का पवित्र अवसर है। नीचे वर्ष 2026 की सभी अमावस्या तिथियों का मास-क्रम कैलेंडर दिया गया है।
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जनवरी 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
18 जनरविवार | प्रारंभ:जन 18, 2026, 12:05 पूर्वाह्न समाप्त:जन 19, 2026, 1:22 पूर्वाह्न | माघ मासमाघ अमावस्या (मौनी अमावस्या) |
वर्ष की सबसे पवित्र अमावस्या। भक्तगण मौन व्रत धारण कर त्रिवेणी संगम, प्रयाग पर स्नान करते हैं। इस दिन किया गया पितृ तर्पण विशेष आध्यात्मिक पुण्य का वाहक माना जाता है। | ||
फरवरी 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
17 फरमंगलवार | प्रारंभ:फर 16, 2026, 5:35 अपराह्न समाप्त:फर 17, 2026, 5:31 अपराह्न | फाल्गुन मासफाल्गुन अमावस्या |
हिंदू नव वर्ष से पूर्व की अंतिम अमावस्या। वर्ष के समापन पर कृतज्ञता स्वरूप पितृ तर्पण की परंपरा है। वार्षिक चक्र का समापन और चैत्र नवरात्रि की तैयारी का समय। | ||
मार्च 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
19 मार्चगुरुवार | प्रारंभ:मार्च 18, 2026, 8:26 पूर्वाह्न समाप्त:मार्च 19, 2026, 6:54 पूर्वाह्न | चैत्र मासचैत्र अमावस्या |
हिंदू नव वर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) की पूर्व संध्या। पितृ स्मरण और शांत संकल्प का दिन, जो आने वाले वर्ष की आध्यात्मिक नींव रखता है। | ||
अप्रैल 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
16 अप्रैलगुरुवार | प्रारंभ:अप्रैल 16, 2026, 8:12 अपराह्न समाप्त:अप्रैल 17, 2026, 5:22 अपराह्न | वैशाख मासवैशाख अमावस्या |
ग्रीष्म ऋतु के चरम में पितृ तर्पण के लिए पवित्र। जल और अन्न अर्पण का विशेष महत्व — भक्तगण अनुष्ठान द्वारा पृथ्वी और पितृ आत्माओं दोनों को शीतलता प्रदान करते हैं। | ||
मई 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
16 मईशनिवार | प्रारंभ:मई 16, 2026, 5:12 पूर्वाह्न समाप्त:मई 17, 2026, 1:31 पूर्वाह्न | ज्येष्ठ मासज्येष्ठ अमावस्या |
भगवान विष्णु के मास में यह अमावस्या आंतरिक तपस्या का आह्वान करती है। वैष्णव परंपरा में उपवास, सात्विक अनुशासन और विष्णु-नाम जप का विधान है। | ||
जून 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
15 जूनसोमवार | प्रारंभ:जून 14, 2026, 12:20 अपराह्न समाप्त:जून 15, 2026, 8:24 पूर्वाह्न | आषाढ़ मासआषाढ़ अमावस्या |
मानसून के आरंभ में नदी-घाटों पर तर्पण की परंपरा है। बहता जल पितृ लोक तक अर्पण पहुँचाने का माध्यम माना जाता है। | ||
जुलाई 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
14 जुलमंगलवार | प्रारंभ:जुल 13, 2026, 6:50 अपराह्न समाप्त:जुल 14, 2026, 3:14 अपराह्न | श्रावण मासश्रावण अमावस्या |
भगवान शिव के पवित्रतम मास में इस अमावस्या का विशेष गौरव है। भक्तगण पितृ श्राद्ध और शिव आराधना का दुर्लभ संयोग साधते हैं। | ||
अगस्त 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
12 अगबुधवार | प्रारंभ:अग 12, 2026, 1:54 पूर्वाह्न समाप्त:अग 12, 2026, 11:07 अपराह्न | भाद्रपद मासभाद्रपद अमावस्या (महालय अमावस्या) |
पितृ श्राद्ध की प्रामाणिक अमावस्या। पितृ पक्ष का समापन दिवस। भारतभर में परिवार पिंडदान और तर्पण के लिए एकत्र होते हैं — विश्वास है कि इस पक्ष में पितर अर्पण ग्रहण करने अवतरित होते हैं। | ||
सितंबर 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
11 सितशुक्रवार | प्रारंभ:सित 10, 2026, 10:34 पूर्वाह्न समाप्त:सित 11, 2026, 8:57 पूर्वाह्न | आश्विन मासआश्विन अमावस्या |
उत्सव काल से पूर्व अंतिम कृष्ण पक्ष। भौतिक और कार्मिक ऋणों के निपटारे, बड़ों से क्षमा याचना और निर्मल अंतःकरण के साथ उत्सव अर्धवर्ष में प्रवेश का दिन। | ||
अक्टूबर 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
10 अक्टूशनिवार | प्रारंभ:अक्टू 09, 2026, 9:36 अपराह्न समाप्त:अक्टू 10, 2026, 9:20 अपराह्न | कार्तिक मासकार्तिक अमावस्या (दीपावली अमावस्या) |
हिंदू कैलेंडर की सर्वाधिक प्रचलित अमावस्या। निशीथ काल में लक्ष्मी-गणेश पूजा होती है। दीप प्रज्वलन, पितृ पूजन और चोपड़ा पूजन व्यापारी परंपरा में नवीन संवत् का उद्घाटन करते हैं। | ||
नवंबर 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
09 नवसोमवार | प्रारंभ:नव 08, 2026, 11:29 पूर्वाह्न समाप्त:नव 09, 2026, 12:32 अपराह्न | मार्गशीर्ष मासमार्गशीर्ष अमावस्या |
भगवान श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष को स्वयं के निकटतम मास कहा (गीता 10.35)। यह चिंतनशील अमावस्या सात्विक साधना और पौष की कड़ी शीत से पूर्व आध्यात्मिक तैयारी के लिए समर्पित है। | ||
दिसंबर 2026
| तिथि | तिथि समय (प्रारंभ - अंत) | मास और नाम |
|---|---|---|
08 दिसमंगलवार | प्रारंभ:दिस 08, 2026, 4:13 पूर्वाह्न समाप्त:दिस 09, 2026, 6:22 पूर्वाह्न | पौष मासपौष अमावस्या |
मध्य शीत की अमावस्या, जिसमें दान केंद्रीय कर्म है। ज़रूरतमंदों को ऊष्ण वस्त्र, कंबल और अन्न का दान सर्वोच्च तर्पण माना जाता है — जीवितों की सेवा ही दिवंगतों की पूजा है। | ||
अमावस्या क्या है?
चंद्र पंचांग में अमावस्या कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन है — जब चंद्रमा पूर्णतः अदृश्य होता है। यह दिन पितृ तर्पण, व्रत-उपवास और आत्मचिंतन के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन किए गए दान, जप और ध्यान को विशेष पुण्यकारी माना जाता है।
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