2025 एकादशी कैलेंडर
New Delhi के लिए गणना किया गया समय
पुत्रदा एकादशी
शुक्र, जनवरी 10, 2025, 12:23 अपराह्न
पौष, शुक्ल पक्ष
पुत्रदा एकादशी परिवार के कल्याण और सौहार्द के लिए मंगलकारी—घर‑परिवार के बंधन मजबूत करने का दिन।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
षट्तिला एकादशी
शनि, जनवरी 25, 2025, 07:26 अपराह्न
माघ, कृष्ण पक्ष
षट्तिला एकादशी—संपन्नता और दान‑पुण्य का साधन; आर्थिक बाधाएं घटती हैं।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
जया एकादशी
शनि, फ़रवरी 8, 2025, 09:27 अपराह्न
माघ, शुक्ल पक्ष
जया एकादशी—कठिनाइयों पर विजय और सत्कर्मों में सफलता।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
जया एकादशी
सोम, फ़रवरी 24, 2025, 01:57 अपराह्न
फाल्गुन, कृष्ण पक्ष
विजया एकादशी—विजय और सिद्धि के लिए शुभ; बाधाएँ हटती हैं।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
आमलकी एकादशी
सोम, मार्च 10, 2025, 07:46 पूर्वाह्न
फाल्गुन, शुक्ल पक्ष
आमलकी/आमलकी एकादशी—आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
पापमोचनी एकादशी
मंगल, मार्च 25, 2025, 05:06 पूर्वाह्न
चैत्र, कृष्ण पक्ष
पापमोचनी एकादशी पाप क्षय और आंतरिक शुद्धि का दिन है—पुरानी भूलों को छोड़ने की शक्ति देती है। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
कामदा एकादशी
मंगल, अप्रैल 8, 2025, 08:01 अपराह्न
चैत्र, शुक्ल पक्ष
कामदा एकादशी शुभता और आध्यात्मिक वृद्धि देती है। नकारात्मक प्रभाव घटते हैं और शांति‑समृद्धि बढ़ती है।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
वरूथिनी एकादशी
गुरु, अप्रैल 24, 2025, 04:44 अपराह्न
वैशाख, कृष्ण पक्ष
वरूथिनी एकादशी सुरक्षा और बल देती है—भय और चुनौतियों पर विजय में सहायक।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
मोहिनी एकादशी
गुरु, मई 8, 2025, 10:20 पूर्वाह्न
वैशाख, शुक्ल पक्ष
मोहिनी एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़ी है—कृपा और आंतरिक सौंदर्य का प्रतीक।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
अपरा एकादशी
शुक्र, मई 23, 2025, 01:13 पूर्वाह्न
ज्येष्ठ, कृष्ण पक्ष
अपरा एकादशी पुराने संकटों से उबारकर शांति और आध्यात्मिक प्रगति में सहायक मानी जाती है। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
निर्जला एकादशी
शुक्र, जून 6, 2025, 02:17 पूर्वाह्न
ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष
निर्जला एकादशी सबसे कठिन—बिना पानी के। इसके पुण्य सभी एकादशियों के समतुल्य माने जाते हैं। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
योगिनी एकादशी
शनि, जून 21, 2025, 07:19 पूर्वाह्न
आषाढ़, कृष्ण पक्ष
योगिनी एकादशी स्वास्थ्य, समृद्धि और साधना‑फल के लिए शुभ मानी जाती है। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
देवशयनी एकादशी
रवि, जुलाई 6, 2025, 07:00 अपराह्न
आषाढ़, शुक्ल पक्ष
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरंभ—आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ काल।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
कामिका एकादशी
सोम, जुलाई 21, 2025, 12:14 अपराह्न
श्रावण, कृष्ण पक्ष
कामिका एकादशी सद्भावनापूर्ण इच्छाओं की पूर्ति और बाधा निवारण में सहायक।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
पुत्रदा एकादशी
मंगल, अगस्त 5, 2025, 11:42 पूर्वाह्न
श्रावण, शुक्ल पक्ष
पुत्रदा एकादशी परिवार के कल्याण और सौहार्द के लिए मंगलकारी—घर‑परिवार के बंधन मजबूत करने का दिन।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
अजा एकादशी
मंगल, अगस्त 19, 2025, 05:23 अपराह्न
भाद्रपद, कृष्ण पक्ष
अजा एकादशी कठिनाइयों पर विजय और अंतःशांति की ओर बढ़ने में सहायक।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
परिवर्तिनी एकादशी
बुध, सितंबर 3, 2025, 03:54 पूर्वाह्न
भाद्रपद, शुक्ल पक्ष
परिवर्तिनी/पार्श्व एकादशी भगवान के दिव्य परिवर्तन का उत्सव—सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों लाभ। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
इंदिरा एकादशी
बुध, सितंबर 17, 2025, 12:23 पूर्वाह्न
Ashwina, कृष्ण पक्ष
इंदिरा एकादशी पितरों की शांति और पारिवारिक सौहार्द के लिए विशेष। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
पापांकुशा एकादशी
शुक्र, अक्टूबर 3, 2025, 07:12 अपराह्न
Ashwina, शुक्ल पक्ष
पापांकुशा एकादशी बाधाएँ दूर कर सिद्धि और सफलता दिलाने वाली मानी जाती है।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
रमा एकादशी
शुक्र, अक्टूबर 17, 2025, 10:36 पूर्वाह्न
कार्तिक, कृष्ण पक्ष
रमा एकादशी कृपा और समृद्धि का आशीर्वाद देती है।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
प्रबोधिनी एकादशी
रवि, नवंबर 2, 2025, 09:12 पूर्वाह्न
कार्तिक, शुक्ल पक्ष
प्रबोधिनी/देवोत्थान एकादशी—भगवान विष्णु के जागरण का दिन; नए आरंभ के लिए शुभ।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
उत्पन्ना एकादशी
शनि, नवंबर 15, 2025, 12:51 पूर्वाह्न
मार्गशीर्ष, कृष्ण पक्ष
उत्पन्ना एकादशी—एकादशी देवी का आरंभ; दीर्घकालीन दोषों से मुक्ति का अवसर। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
मोक्षदा एकादशी
सोम, दिसंबर 1, 2025, 09:30 अपराह्न
मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष
मोक्षदा एकादशी—मोक्ष और परम शांति की साधना का श्रेष्ठ दिन।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
साफला एकादशी
सोम, दिसंबर 15, 2025, 06:51 अपराह्न
पौष, कृष्ण पक्ष
साफला एकादशी—सफलता और विघ्नों से मुक्ति।
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
पुत्रदा एकादशी
मंगल, दिसंबर 30, 2025, 07:52 पूर्वाह्न
पौष, शुक्ल पक्ष
पुत्रदा एकादशी परिवार के कल्याण और सौहार्द के लिए मंगलकारी—घर‑परिवार के बंधन मजबूत करने का दिन। (नोट: परंपरा अनुसार तिथियां भिन्न हैं)
एकादशी तिथि समय
अनुष्ठान तिथियां
About Ekadashi
Sacred days of spiritual purification and devotion to Lord Vishnu
Ekadashi literally means "eleven" in Sanskrit, referring to the 11th day of each lunar fortnight. It is considered one of the most auspicious days for spiritual practices.
According to the Padma Purana, Ekadashi Devi emerged from Lord Vishnu to defeat the demon Mura, earning the boon of granting liberation to devotees.
Regular observance of Ekadashi brings numerous spiritual, mental, and physical benefits to devoted practitioners.
Each Ekadashi has unique significance and is associated with specific benefits and spiritual practices.
"Ekadashi दिव्य कृपा का दिन है"
Ekadashi को श्रद्धा से मनाने का वर्णन ग्रंथों में मिलता है—ऐसा पालन हजारों यज्ञ और तीर्थों के समान पुण्य देता है।
Fasting Observance Guidelines
Traditional guidelines for observing Ekadashi fasting with devotion and spiritual discipline.
- Begin fast from sunrise on Ekadashi day
- Complete abstinence from grains and beans
- Only fruits, milk, and water allowed (if not doing Nirjala)
- Break fast on Dwadashi after sunrise
- Maintain celibacy during the fast
- Chant Vishnu mantras and names
- Read Bhagavad Gita or Vishnu Purana
- Perform meditation and prayer
- Visit Vishnu temples if possible
- Engage in charitable activities
- Eat light meal on Dashami (day before)
- Avoid heavy or spicy foods
- Stay hydrated (except during Nirjala)
- Get adequate rest
- Avoid strenuous physical activities
महत्वपूर्ण अनुस्मारक
विशिष्ट पालन प्रथाओं के लिए हमेशा अपने आध्यात्मिक गुरु या पारिवारिक परंपराओं से परामर्श लें। समय स्थान और स्थानीय रीति‑रिवाजों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। अपने शरीर की सुनें और केवल रीति‑रिवाज के बजाय भक्ति के साथ अभ्यास करें।