2026 Amavasya कैलेंडर
New Delhi के लिए गणना किया गया समय
माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या)
सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक अमावस्या — मौन (मौन‑व्रत) और पवित्र नदी‑स्नान (विशेषकर प्रयाग) के साथ मनाई जाती है। अनुशासित साधना से जन्मों का कर्म‑शोधन माना जाता है।
फाल्गुन अमावस्या
जब शीत ऋतु समाप्त होकर वसंत आता है, वर्ष की अंतिम अमावस्या पुराना छोड़ने और नवीनीकरण अपनाने का अवसर देती है। वर्षभर के संरक्षण और मार्गदर्शन हेतु पूर्वजों का तर्पण करें।
चैत्र अमावस्या
वसंत के प्रस्फुटन और प्रकृति के जागरण में, चैत्र अमावस्या नई संकल्पनाओं के बीज बोने का निमंत्रण देती है — अपने मार्गदर्शक पूर्वजों का सम्मान करते हुए।
वैशाख अमावस्या
During the peak of summer heat, this sacred day reminds us to offer water and food to our departed elders, seeking their blessings for prosperity and peace in our homes.
ज्येष्ठ अमावस्या
Known as the month of Lord Vishnu, this Amavasya calls for inner purification through fasting and meditation, helping you find calm amidst life's intensity.
अमावस्या
New Moon (Amavasya) — suitable for introspection, tarpan, and charity.
आषाढ़ अमावस्या
As monsoon rains arrive, this day symbolizes washing away past karmas. Devotees perform tarpan near rivers, connecting with ancestral souls through the sacred flow of water.
श्रावण अमावस्या (Hariyali अमावस्या)
Falling in the greenest heart of the monsoon in Lord Shiva's month, Hariyali Amavasya is kept with tree-planting, charity, and remembrance of the ancestors.
भाद्रपद अमावस्या
The Amavasya of Bhadrapada, observed with tarpan and charity for the departed as the monsoon draws to a close.
आश्विन अमावस्या (Mahalaya / Sarva Pitru अमावस्या)
The most important Amavasya for ancestor worship — it concludes Pitru Paksha with Sarva Pitru Shraddha, when families honour every departed ancestor, especially those whose tithi of passing is unknown.
कार्तिक अमावस्या (दिवाली)
दिवाली सबसे अंधेरी रात्रि को दीपों के उत्सव, समृद्धि और नई शुरुआत में रूपांतरित करती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या
जैसे‑जैसे शीत ऋतु आरम्भ होती है, यह अंतर्मुखी दिन ध्यान और आत्म‑चिंतन के लिए उपयुक्त है—आने वाले वर्ष के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी का समय।
अमावस्या के बारे में
अमावस्या हिंदू चंद्र कैलेंडर में नव चंद्र दिवस है, जिसे आध्यात्मिक चिंतन, पितृ‑तर्पण और आंतरिक शुद्धि के लिए मनाया जाता है। नीचे आपको अपने चुने हुए वर्ष के लिए शहर‑अनुसार सटीक तिथि आरंभ और समाप्ति समय मिलेंगे।
अमावस्या नवीनीकरण और आत्म‑चिंतन का प्रतीक है। कई भक्त पूर्वजों के लिए तर्पण करते हैं और सात्त्विक अनुशासन बनाए रखते हैं।
सामान्य पालन में सरल भोजन/उपवास, परंपरागत तर्पण, ध्यान, मंत्र‑जप और दान शामिल हैं।
सभी समय दिए गए वर्ष के लिए सटीक चंद्र गणनाओं के आधार पर शहर के समय‑क्षेत्र अनुसार निकाले गए हैं।
"अमावस्या दिव्य कृपा का दिन है"
अमावस्या को श्रद्धा से मनाने का वर्णन ग्रंथों में मिलता है—ऐसा पालन हजारों यज्ञ और तीर्थों के समान पुण्य देता है।
परंपरा और अनुष्ठान
अमावस्या का पालन क्षेत्र और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भिन्न होता है। निम्नलिखित संक्षिप्त सुझावों को सम्मानपूर्वक अपनाया जा सकता है।
- जहाँ उपयुक्त हो सरल सात्त्विक भोजन या उपवास करें
- शांत वाणी और आत्म‑चिंतन का अभ्यास करें
- आंतरिक स्पष्टता और शांति के लिए प्रार्थना करें
- मंत्र‑जप और शांत वातावरण में ध्यान करें
- पारिवारिक परंपरा के अनुसार पवित्र ग्रंथ पढ़ें
- जरूरतमंदों को भोजन या आवश्यक वस्तुएं दान करें
- बड़ों या पुजारी के मार्गदर्शन में तर्पण करें
- सुबह के समय को प्राथमिकता दें; स्थानीय रीति और कैलेंडर का सम्मान करें
- मन शांत और प्रार्थनामय रखें
महत्वपूर्ण अनुस्मारक
विशिष्ट पालन प्रथाओं के लिए हमेशा अपने आध्यात्मिक गुरु या पारिवारिक परंपराओं से परामर्श लें। समय स्थान और स्थानीय रीति‑रिवाजों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। अपने शरीर की सुनें और केवल रीति‑रिवाज के बजाय भक्ति के साथ अभ्यास करें।
अमावस्या प्रश्नोत्तर — नियम, उपवास और महत्व
अमावस्या (नया चंद्रमा) क्या है?
अमावस्या हिंदू चंद्र पंचांग में नया चंद्रमा का दिन है। इसे आंतरिक शुद्धि, पूर्वजों की स्मृति (जहां प्रथा हो तर्पण), और आध्यात्मिक नवीनीकरण के लिए मनाया जाता है।
क्या समय शहर के अनुसार बदलता है?
हां। समय आपके चुने गए शहर के टाइमज़ोन और खगोलीय डेटा के आधार पर गणना किया जाता है, इसलिए यह स्थान और मौसम के अनुसार भिन्न होता है।
क्या तिथि समय अमावस्या की शुरुआत और समाप्ति दर्शाते हैं?
दिखाए गए समय चयनित शहर के स्थानीय समय में अमावस्या तिथि की शुरुआत और समाप्ति हैं।
मैं अमावस्या का पालन कैसे करूं?
पारिवारिक परंपरा का पालन करें: सात्विक आहार या उपवास, प्रार्थना, ध्यान, मंत्र जप और दान। जहां प्रथा हो वहां तर्पण करें।
क्या अमावस्या पर कोई नया काम शुरू करना शुभ है?
आमतौर पर, अमावस्या को नए भौतिक कार्यों, विवाह या महत्वपूर्ण खरीदारी शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है। हालाँकि, यह आध्यात्मिक अभ्यास और दान के लिए अत्यधिक शुभ है।
हमें अमावस्या के दिन किन चीजों से बचना चाहिए?
पारंपरिक रूप से मांसाहारी भोजन, शराब, नई यात्रा शुरू करने और बड़े वित्तीय लेनदेन से बचने की सलाह दी जाती है। सादगी और भक्ति पर ध्यान देना चाहिए।
कौन सी अमावस्या सबसे महत्वपूर्ण होती है?
महालय अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) और मौनी अमावस्या को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवती अमावस्या (सोमवार को पड़ने वाली) भी आध्यात्मिक अभ्यास के लिए अत्यधिक पूजनीय है।
क्या हम अमावस्या पर बाल धो सकते हैं?
कई पारंपरिक परिवार अमावस्या पर बाल धोने, नाखून काटने या शेविंग करने से मना करते हैं, क्योंकि यह दिन सादगी और संयम का पालन करने के लिए होता है।