PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर

त्रिपुष्कर योग 2026

2026 में New Delhi के लिए त्रिपुष्कर योग की सटीक तिथियां और मुहूर्त समय

22अवसर
अगला योग: 27 अक्टूबर, 2026
वर्ष
2026

जनवरी2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
04 जनवरी, 2026
Sunday
7:14 AM → 3:11 PM
7h 56mPunarvasu
Dvitiya
Krishna, Pausha

फरवरी2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
23 फरवरी, 2026
Monday
4:35 PM(23 Feb) → 6:51 AM(24 Feb)
अगला दिन
14h 16mKrittika
Saptami
Shukla, Phalguna
24 फरवरी, 2026
Tuesday
6:51 AM → 3:08 PM
8h 16mKrittika
Saptami
Shukla, Phalguna
28 फरवरी, 2026
Saturday
6:47 AM → 9:35 AM
2h 47mPunarvasu
Dwadashi
Shukla, Phalguna

अप्रैल2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
14 अप्रैल, 2026
Tuesday
4:07 PM(14 Apr) → 5:56 AM(15 Apr)
अगला दिन
13h 49mPurva Bhadrapada
Dwadashi
Krishna, Chaitra
19 अप्रैल, 2026
Sunday
7:11 AM(19 Apr) → 4:35 AM(20 Apr)
अगला दिन
21h 24mKrittika
Dvitiya
Shukla, Vaishakha
27 अप्रैल, 2026
Monday
9:20 PM(27 Apr) → 5:43 AM(28 Apr)
अगला दिन
8h 23mUttara Phalguni
Dwadashi
Shukla, Vaishakha
28 अप्रैल, 2026
Tuesday
5:43 AM → 10:36 PM
16h 52mUttara Phalguni
Dwadashi
Shukla, Vaishakha

मई2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
03 मई, 2026
Sunday
5:39 AM → 7:10 AM
1h 30mVishakha
Dvitiya
Krishna, Vaishakha

जून2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
16 जून, 2026
Tuesday
4:14 PM(16 Jun) → 5:23 AM(17 Jun)
अगला दिन
13h 9mPunarvasu
Dvitiya
Shukla, Ashadha
21 जून, 2026
Sunday
9:33 AM(21 Jun) → 5:24 AM(22 Jun)
अगला दिन
19h 51mUttara Phalguni
Saptami
Shukla, Ashadha

जुलाई2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
06 जुलाई, 2026
Monday
5:28 AM → 4:08 PM
10h 39mPurva Bhadrapada
Saptami
Krishna, Ashadha
11 जुलाई, 2026
Saturday
5:31 AM → 11:04 AM
5h 32mKrittika
Dwadashi
Krishna, Ashadha

अगस्त2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
24 अगस्त, 2026
Monday
8:29 PM(24 Aug) → 5:55 AM(25 Aug)
अगला दिन
9h 26mUttara Ashadha
Dwadashi
Shukla, Bhadrapada
25 अगस्त, 2026
Tuesday
5:55 AM → 10:52 PM
16h 56mUttara Ashadha
Dwadashi
Shukla, Bhadrapada
29 अगस्त, 2026
Saturday
5:57 AM(29 Aug) → 3:43 AM(30 Aug)
अगला दिन
21h 45mPurva Bhadrapada
Dvitiya
Krishna, Bhadrapada

सितंबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
07 सितंबर, 2026
Monday
6:02 AM → 6:14 PM
12h 11mPunarvasu
Dwadashi
Krishna, Bhadrapada
12 सितंबर, 2026
Saturday
6:04 AM → 12:56 PM
6h 51mUttara Phalguni
Dvitiya
Shukla, Bhadrapada

अक्टूबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
27 अक्टूबर, 2026आगामी
Tuesday
3:41 PM(27 Oct) → 6:30 AM(28 Oct)
अगला दिन
14h 49mKrittika
Dvitiya
Krishna, Kartika
31 अक्टूबर, 2026
Saturday
7:14 AM(31 Oct) → 5:40 AM(1 Nov)
अगला दिन
22h 26mPunarvasu
Saptami
Krishna, Kartika

दिसंबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
21 दिसंबर, 2026
Monday
1:10 PM(21 Dec) → 7:10 AM(22 Dec)
अगला दिन
18h 0mKrittika
Dwadashi
Shukla, Pausha
29 दिसंबर, 2026
Tuesday
3:45 PM(29 Dec) → 7:13 AM(30 Dec)
अगला दिन
15h 28mUttara Phalguni
Saptami
Krishna, Pausha

क्या है त्रिपुष्कर योग?

अपने दोहरे स्वरूप वाले योग के समान, त्रिपुष्कर कार्यों के फल को तीन गुना बढ़ा देता है। यह विशेष तिथियों (3, 8, 13)—जिन्हें जया तिथियां या स्वभाव से विजय दिलाने वाली तिथियां कहा जाता है—और एक विशेष नक्षत्र समूह के संयोग से बनता है। गृहस्थ इस विशेष समय का उपयोग बड़े और वृद्धि करने वाले निवेशों के लिए करते हैं। परंपरा का निर्देश स्पष्ट है: ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे दुख या आर्थिक हानि हो, क्योंकि वह घटना तीन बार दोहराई जाएगी।

क्या करें

  • • महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक वित्तीय निवेश
  • • बड़े व्यापार या कारखाने की स्थापना
  • • स्वर्ण और कृषि भूमि का क्रय
  • • बड़े पैमाने पर दान या अन्न दान करना

क्या न करें

  • • किसी भी परिस्थिति में धन उधार लेना
  • • संपत्ति को गिरवी रखना
  • • अस्पतालों का दौरा करना या टल सकने वाले ऑपरेशन करवाना
  • • विवाद प्रारंभ करना या अलगाव
शास्त्रीय प्रमाण:Muhurta Chintamani
त्रिपुष्कर योग की तिथियां सेव करें?

सामान्य प्रश्न (FAQ)

त्रिपुष्कर के लिए सटीक नक्षत्र सूची क्या है?

परंपरा के अनुसार, जब किसी भी पक्ष की तृतीया, अष्टमी या त्रयोदशी तिथि के साथ कृत्तिका, पुनर्वसु, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, पूर्व भाद्रपद, पूर्व फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र मिलते हैं, तो त्रिपुष्कर योग बनता है।

त्रिपुष्कर और द्विपुष्कर में क्या अंतर है?

सिद्धांत वही है — कार्यों का फल बढ़कर मिलता है — परन्तु परिमाण भिन्न है। द्विपुष्कर दोगुना करता है, त्रिपुष्कर तीन गुना। दोनों तिथियों और नक्षत्रों के पूर्णतः भिन्न समूहों का उपयोग करते हैं। द्विपुष्कर तिथि 2, 7, 12 और मृगशिरा/चित्रा/धनिष्ठा का प्रयोग करता है। त्रिपुष्कर तिथि 3, 8, 13 और आठ नक्षत्रों के व्यापक समूह का।

तिथि 3, 8, और 13 को जया तिथियां क्यों कहा जाता है?

पंचांग पद्धति में तिथियों को स्वभाव के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्येक पक्ष की तृतीया, अष्टमी, और त्रयोदशी तिथियों को मुहूर्त चिंतामणि में जया (विजयी) तिथियां कहा गया है। इनमें विजय और आगे बढ़ने की स्वाभाविक ऊर्जा होती है, इसीलिए इन तिथियों पर बना त्रिपुष्कर इतना शक्तिशाली प्रभाव रखता है।

क्या त्रिपुष्कर योग में बीमार व्यक्ति से मिलने जा सकते हैं?

परंपरा इससे कड़ाई से मना करती है। तीन गुना प्रभाव का अर्थ है कि मुलाकात के दौरान मिली बीमारी और पीड़ा की ऊर्जा मिलने जाने वाले के जीवन में बार-बार प्रकट हो सकती है। यदि अस्पताल जाना अनिवार्य हो, तो सक्रिय योग अवधि में यात्रा आरंभ न करें — पहले या बाद में जाएं।

क्या त्रिपुष्कर योग दान और परोपकार के लिए उत्तम है?

अत्यंत उत्तम। त्रिपुष्कर में किया गया अन्नदान, विद्यादान (पुस्तक दान या शिक्षा का वित्तपोषण), और वस्त्रदान दाता को तीन गुना पुण्य प्रदान करता है। इसी कारण मंदिर और धर्मशालाएं प्रायः त्रिपुष्कर तिथियों के आसपास बड़े पैमाने पर भंडारों का आयोजन करती हैं।

जांचें कि क्या आपके शहर में अभी त्रिपुष्कर योग सक्रिय है

आज का योग जांचें →