जनवरी2026
| दिनांक और वार | योग समय | अवधि | नक्षत्र | तिथि और मास |
|---|---|---|---|---|
04 जनवरी, 2026 Sunday | 3:12 PM(4 Jan) → 7:14 AM(5 Jan) अगला दिन | 16h 2m | Pushya | Pratipada Krishna, Pausha |
फरवरी2026
| दिनांक और वार | योग समय | अवधि | नक्षत्र | तिथि और मास |
|---|---|---|---|---|
01 फरवरी, 2026 Sunday | 7:09 AM → 11:58 PM | 16h 48m | Pushya | Chaturdashi Shukla, Magha |
मार्च2026
| दिनांक और वार | योग समय | अवधि | नक्षत्र | तिथि और मास |
|---|---|---|---|---|
01 मार्च, 2026 Sunday | 6:46 AM → 8:34 AM | 1h 47m | Pushya | Trayodashi Shukla, Phalguna |
अक्टूबर2026
| दिनांक और वार | योग समय | अवधि | नक्षत्र | तिथि और मास |
|---|---|---|---|---|
04 अक्टूबर, 2026आगामी Sunday | 12:15 AM → 6:16 AM | 6h 1m | Pushya | Ashtami Krishna, Ashwina |
नवंबर2026
| दिनांक और वार | योग समय | अवधि | नक्षत्र | तिथि और मास |
|---|---|---|---|---|
01 नवंबर, 2026 Sunday | 6:32 AM(1 Nov) → 4:31 AM(2 Nov) अगला दिन | 21h 58m | Pushya | Saptami Krishna, Kartika |
29 नवंबर, 2026 Sunday | 6:54 AM → 10:59 AM | 4h 4m | Pushya | Panchami Krishna, Margashirsha |
क्या है रवि पुष्य योग?
शास्त्रीय परंपरा के अनुसार, रवि पुष्य योग दिन के सभी दोषों को नष्ट कर देता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। जब रविवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तो यह सांसारिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ समय होता है। ऋषियों ने बताया है कि इस योग में अर्जित संपत्ति पीढ़ियों तक स्थिर रहती है। अतः गृहस्थ इस मुहूर्त में अचल संपत्ति और स्वर्ण प्राप्त करने को प्राथमिकता देते हैं।
क्या करें
- • स्वर्ण, रजत और आभूषणों की खरीदारी
- • भूमि, भवन या संपत्ति का क्रय और पंजीकरण
- • नए व्यापार का आरंभ या महत्वपूर्ण अनुबंध
- • धन प्राप्ति हेतु लक्ष्मी पूजा और अनुष्ठान
क्या न करें
- • विवाह समारोह (शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक्षत्र विवाह के लिए वर्जित है)
- • अन्य लोगों को धन उधार देना
- • पुरानी या पैतृक संपत्ति को बेचना
सामान्य प्रश्न (FAQ)
रवि पुष्य योग को इतना शुभ क्यों माना जाता है?
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, रविवार (सूर्य का दिन) और पुष्य (पोषण का श्रेष्ठ नक्षत्र) का संयोग एक ऐसा शक्तिशाली प्रभाव उत्पन्न करता है जो अशुभ ग्रहों के दोषों को स्वतः ही समाप्त कर देता है।
क्या रवि पुष्य योग में विवाह किया जा सकता है?
नहीं। भगवान ब्रह्मा के एक प्राचीन श्राप के कारण, शास्त्रों में पुष्य नक्षत्र में विवाह करना स्पष्ट रूप से वर्जित किया गया है। धन और संपत्ति के लिए अत्यंत शुभ होने के बावजूद, यह विवाह के लिए निषिद्ध है।
एक वर्ष में रवि पुष्य योग कितनी बार आता है?
पुष्य नक्षत्र लगभग हर 27 दिनों में आता है, लेकिन रविवार पर पड़ना अत्यंत दुर्लभ है। सामान्यतः वर्ष में केवल 4 से 6 बार यह योग बनता है — कभी-कभी और भी कम। इसी दुर्लभता के कारण पंचांग परंपरा में प्रत्येक अवसर को अमूल्य माना जाता है।
क्या मुझे केवल नक्षत्र की अवधि में ही सोना खरीदना चाहिए, या पूरा रविवार मान्य है?
शास्त्रानुसार, यह योग केवल तभी तक सक्रिय रहता है जब तक पुष्य नक्षत्र प्रचलित हो। यदि पुष्य दोपहर 2 बजे समाप्त हो जाता है, तो उस रविवार को शाम 4 बजे सोना खरीदने का कोई विशेष लाभ नहीं मिलता। खरीदारी से पहले पंचांग से सटीक नक्षत्र समय अवश्य जांचें।
यदि रवि पुष्य योग के दिन राहुकाल भी हो, तो क्या योग मान्य रहता है?
योग पूरे दिन के लिए मान्य रहता है, किन्तु अनुभवी पंचांग साधक राहुकाल, यमगंड या गुलिक काल में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करते — भले ही वह रवि पुष्य का दिन हो। अपने कार्य की योजना पुष्य नक्षत्र की अवधि में, परन्तु इन अशुभ कालों के बाहर बनाएं।