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अमृत सिद्धि योग 2026

2026 में New Delhi के लिए अमृत सिद्धि योग की सटीक तिथियां और मुहूर्त समय

25अवसर
अगला योग: 10 नवंबर, 2026
वर्ष
2026

जनवरी2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
14 जनवरी, 2026
Wednesday
7:15 AM(14 Jan) → 3:04 AM(15 Jan)
अगला दिन
19h 48mAnuradha
Ekadashi
Krishna, Pausha

फरवरी2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
11 फरवरी, 2026
Wednesday
7:02 AM → 10:53 AM
3h 50mAnuradha
Navami
Krishna, Magha
20 फरवरी, 2026
Friday
8:08 PM(20 Feb) → 6:54 AM(21 Feb)
अगला दिन
10h 46mRevati
Tritiya
Shukla, Phalguna

मार्च2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
20 मार्च, 2026
Friday
6:25 AM(20 Mar) → 2:28 AM(21 Mar)
अगला दिन
20h 2mRevati
Pratipada
Shukla, Chaitra

अप्रैल2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
17 अप्रैल, 2026
Friday
5:53 AM → 12:02 PM
6h 8mRevati
Amavasya
Krishna, Vaishakha
20 अप्रैल, 2026
Monday
2:09 AM → 5:49 AM
3h 40mMrigashirsha
Tritiya
Shukla, Vaishakha
23 अप्रैल, 2026
Thursday
8:58 PM(23 Apr) → 5:47 AM(24 Apr)
अगला दिन
8h 49mPushya
Saptami
Shukla, Vaishakha

मई2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
18 मई, 2026
Monday
11:33 AM(18 May) → 5:28 AM(19 May)
अगला दिन
17h 55mMrigashirsha
Dvitiya
Shukla, Jyeshtha
21 मई, 2026
Thursday
5:27 AM(21 May) → 2:50 AM(22 May)
अगला दिन
21h 22mPushya
Panchami
Shukla, Jyeshtha

जून2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
13 जून, 2026
Saturday
1:18 AM → 5:22 AM
4h 4mRohini
Trayodashi
Krishna, Jyeshtha
15 जून, 2026
Monday
5:23 AM → 7:09 PM
13h 45mMrigashirsha
Amavasya
Krishna, Jyeshtha
18 जून, 2026
Thursday
5:23 AM → 11:32 AM
6h 8mPushya
Chaturthi
Shukla, Ashadha

जुलाई2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
11 जुलाई, 2026
Saturday
11:05 AM(11 Jul) → 5:31 AM(12 Jul)
अगला दिन
18h 26mRohini
Ekadashi
Krishna, Ashadha
13 जुलाई, 2026
Monday
5:32 AM → 5:41 AM
0h 8mMrigashirsha
Chaturdashi
Krishna, Ashadha
19 जुलाई, 2026
Sunday
6:13 PM(19 Jul) → 5:35 AM(20 Jul)
अगला दिन
11h 22mHasta
Panchami
Shukla, Shravana

अगस्त2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
04 अगस्त, 2026
Tuesday
9:55 PM(4 Aug) → 5:44 AM(5 Aug)
अगला दिन
7h 49mAshwini
Shashthi
Krishna, Shravana
08 अगस्त, 2026
Saturday
5:46 AM → 4:52 PM
11h 5mRohini
Dashami
Krishna, Shravana
16 अगस्त, 2026
Sunday
5:50 AM(16 Aug) → 3:51 AM(17 Aug)
अगला दिन
22h 0mHasta
Chaturthi
Shukla, Shravana

सितंबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
01 सितंबर, 2026
Tuesday
5:59 AM(1 Sep) → 2:43 AM(2 Sep)
अगला दिन
20h 43mAshwini
Chaturthi
Krishna, Bhadrapada
13 सितंबर, 2026
Sunday
6:05 AM → 1:07 PM
7h 1mHasta
Dvitiya
Shukla, Bhadrapada
16 सितंबर, 2026
Wednesday
5:24 PM(16 Sep) → 6:07 AM(17 Sep)
अगला दिन
12h 43mAnuradha
Panchami
Shukla, Bhadrapada
29 सितंबर, 2026
Tuesday
6:13 AM → 9:04 AM
2h 51mAshwini
Tritiya
Krishna, Ashwina

अक्टूबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
14 अक्टूबर, 2026
Wednesday
6:21 AM(14 Oct) → 4:03 AM(15 Oct)
अगला दिन
21h 41mAnuradha
Chaturthi
Shukla, Ashwina

नवंबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
11 नवंबर, 2026आगामी
Wednesday
6:40 AM → 11:39 AM
4h 58mAnuradha
Dvitiya
Shukla, Kartika

दिसंबर2026

दिनांक और वारयोग समयअवधिनक्षत्रतिथि और मास
18 दिसंबर, 2026
Friday
4:11 PM(18 Dec) → 7:08 AM(19 Dec)
अगला दिन
14h 57mRevati
Navami
Shukla, Pausha

क्या है अमृत सिद्धि योग?

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, अमृत सिद्धि योग कार्यों में "अमृत के समान" पूर्णता (सिद्धि) प्रदान करता है। शास्त्रीय परंपरा ने सात विशिष्ट वार-नक्षत्र संयोजनों की पहचान की है। इस मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्यों में विलंब नहीं होता। परंपरा यह मानती है कि यदि दैनिक पंचांग में कुछ सामान्य दोष भी हों, तो इस योग की शक्ति उन्हें निष्प्रभावी कर देती है।

क्या करें

  • • महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर करना
  • • नवनिर्मित गृह में प्रवेश (गृह प्रवेश)
  • • नए वाहन की डिलीवरी लेना
  • • अदालती मामले दर्ज करना या महत्वपूर्ण आवेदन प्रस्तुत करना

क्या न करें

  • • यदि यह योग गुरुवार और पुष्य नक्षत्र से बनता है, तो विवाह पूर्णतः वर्जित है
  • • यदि यह योग मंगलवार को बने तो गृह निर्माण आरंभ न करें
  • • गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें (दिशाशूल)
शास्त्रीय प्रमाण:Kalamrita & Muhurta Parijata
अमृत सिद्धि योग की तिथियां सेव करें?

सामान्य प्रश्न (FAQ)

क्या अमृत सिद्धि योग राहुकाल के दोष को समाप्त कर देता है?

पारंपरिक आचरण के अनुसार, अमृत सिद्धि योग अत्यंत फलदायी होने पर भी राहुकाल, यमगंड और भद्रा (विष्टि करण) जैसे निषिद्ध समयों का त्याग आवश्यक है। यह योग प्रमुख दैनिक निषेधों को रद्द नहीं करता।

अमृत सिद्धि योग बनाने वाले 7 वार-नक्षत्र जोड़े कौन से हैं?

कालामृत और मुहूर्त पारिजात इन सात निश्चित जोड़ों का उल्लेख करते हैं: रविवार–हस्त, सोमवार–मृगशिरा, मंगलवार–अश्विनी, बुधवार–अनुराधा, गुरुवार–पुष्य, शुक्रवार–रेवती, और शनिवार–रोहिणी। इनके अतिरिक्त कोई अन्य संयोजन मान्य नहीं है।

क्या अमृत सिद्धि योग गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त है?

हाँ, बशर्ते प्रवेश के समय नक्षत्र अवधि सक्रिय हो और वह दिन राहुकाल या भद्रा में न पड़ता हो। उत्तर भारत के अनेक परिवार अपना गृह प्रवेश अमृत सिद्धि से मिलाकर रखते हैं क्योंकि यह नए घर में दैनिक जीवन की सुगमता का आश्वासन देता है।

अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में क्या अंतर है?

दोनों सफलता का वचन देते हैं, परन्तु निर्माण के नियम भिन्न हैं। अमृत सिद्धि में ठीक 7 निश्चित जोड़े हैं (प्रत्येक वार के लिए एक), जो इसे कठोर और अपेक्षाकृत दुर्लभ बनाते हैं। सर्वार्थ सिद्धि 35 से अधिक संयोजनों से बनता है और इसलिए अधिक बार आता है। अमृत सिद्धि को सांद्र सार समझें और सर्वार्थ सिद्धि को व्यापक दैनिक मुहूर्त।

क्या अमृत सिद्धि योग में कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किया जा सकता है?

अनुबंध, समझौते और महत्वपूर्ण आवेदनों पर हस्ताक्षर करना इस योग के सर्वाधिक अनुशंसित कार्यों में से है। "सिद्धि" (पूर्णता) तत्व यह सुनिश्चित करता है कि इस मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्य बिना किसी प्रशासनिक विलंब या उलटफेर के आगे बढ़ें।

जांचें कि क्या आपके शहर में अभी अमृत सिद्धि योग सक्रिय है

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