2027 Amavasya कैलेंडर
New Delhi के लिए गणना किया गया समय
पौष अमावस्या
In the heart of winter, this Amavasya teaches simplicity and compassion. Offering warm clothes, blankets, and food to the needy is believed to please both ancestors and the divine.
माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या)
सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक अमावस्या — मौन (मौन‑व्रत) और पवित्र नदी‑स्नान (विशेषकर प्रयाग) के साथ मनाई जाती है। अनुशासित साधना से जन्मों का कर्म‑शोधन माना जाता है।
फाल्गुन अमावस्या
जब शीत ऋतु समाप्त होकर वसंत आता है, वर्ष की अंतिम अमावस्या पुराना छोड़ने और नवीनीकरण अपनाने का अवसर देती है। वर्षभर के संरक्षण और मार्गदर्शन हेतु पूर्वजों का तर्पण करें।
चैत्र अमावस्या
वसंत के प्रस्फुटन और प्रकृति के जागरण में, चैत्र अमावस्या नई संकल्पनाओं के बीज बोने का निमंत्रण देती है — अपने मार्गदर्शक पूर्वजों का सम्मान करते हुए।
वैशाख अमावस्या
During the peak of summer heat, this sacred day reminds us to offer water and food to our departed elders, seeking their blessings for prosperity and peace in our homes.
ज्येष्ठ अमावस्या
Known as the month of Lord Vishnu, this Amavasya calls for inner purification through fasting and meditation, helping you find calm amidst life's intensity.
आषाढ़ अमावस्या
As monsoon rains arrive, this day symbolizes washing away past karmas. Devotees perform tarpan near rivers, connecting with ancestral souls through the sacred flow of water.
श्रावण अमावस्या (Hariyali अमावस्या)
Falling in the greenest heart of the monsoon in Lord Shiva's month, Hariyali Amavasya is kept with tree-planting, charity, and remembrance of the ancestors.
भाद्रपद अमावस्या
The Amavasya of Bhadrapada, observed with tarpan and charity for the departed as the monsoon draws to a close.
आश्विन अमावस्या (Mahalaya / Sarva Pitru अमावस्या)
The most important Amavasya for ancestor worship — it concludes Pitru Paksha with Sarva Pitru Shraddha, when families honour every departed ancestor, especially those whose tithi of passing is unknown.
कार्तिक अमावस्या (दिवाली)
दिवाली सबसे अंधेरी रात्रि को दीपों के उत्सव, समृद्धि और नई शुरुआत में रूपांतरित करती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या
जैसे‑जैसे शीत ऋतु आरम्भ होती है, यह अंतर्मुखी दिन ध्यान और आत्म‑चिंतन के लिए उपयुक्त है—आने वाले वर्ष के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी का समय।
पौष अमावस्या
In the heart of winter, this Amavasya teaches simplicity and compassion. Offering warm clothes, blankets, and food to the needy is believed to please both ancestors and the divine.
अमावस्या के बारे में
अमावस्या हिंदू चंद्र कैलेंडर में नव चंद्र दिवस है, जिसे आध्यात्मिक चिंतन, पितृ‑तर्पण और आंतरिक शुद्धि के लिए मनाया जाता है। नीचे आपको अपने चुने हुए वर्ष के लिए शहर‑अनुसार सटीक तिथि आरंभ और समाप्ति समय मिलेंगे।
अमावस्या नवीनीकरण और आत्म‑चिंतन का प्रतीक है। कई भक्त पूर्वजों के लिए तर्पण करते हैं और सात्त्विक अनुशासन बनाए रखते हैं।
सामान्य पालन में सरल भोजन/उपवास, परंपरागत तर्पण, ध्यान, मंत्र‑जप और दान शामिल हैं।
सभी समय दिए गए वर्ष के लिए सटीक चंद्र गणनाओं के आधार पर शहर के समय‑क्षेत्र अनुसार निकाले गए हैं।
"अमावस्या दिव्य कृपा का दिन है"
अमावस्या को श्रद्धा से मनाने का वर्णन ग्रंथों में मिलता है—ऐसा पालन हजारों यज्ञ और तीर्थों के समान पुण्य देता है।
परंपरा और अनुष्ठान
अमावस्या का पालन क्षेत्र और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भिन्न होता है। निम्नलिखित संक्षिप्त सुझावों को सम्मानपूर्वक अपनाया जा सकता है।
- जहाँ उपयुक्त हो सरल सात्त्विक भोजन या उपवास करें
- शांत वाणी और आत्म‑चिंतन का अभ्यास करें
- आंतरिक स्पष्टता और शांति के लिए प्रार्थना करें
- मंत्र‑जप और शांत वातावरण में ध्यान करें
- पारिवारिक परंपरा के अनुसार पवित्र ग्रंथ पढ़ें
- जरूरतमंदों को भोजन या आवश्यक वस्तुएं दान करें
- बड़ों या पुजारी के मार्गदर्शन में तर्पण करें
- सुबह के समय को प्राथमिकता दें; स्थानीय रीति और कैलेंडर का सम्मान करें
- मन शांत और प्रार्थनामय रखें
महत्वपूर्ण अनुस्मारक
विशिष्ट पालन प्रथाओं के लिए हमेशा अपने आध्यात्मिक गुरु या पारिवारिक परंपराओं से परामर्श लें। समय स्थान और स्थानीय रीति‑रिवाजों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। अपने शरीर की सुनें और केवल रीति‑रिवाज के बजाय भक्ति के साथ अभ्यास करें।