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सूतक काल कैलकुलेटर

ग्रहण और शहर चुनिए — सूतक लगेगा या नहीं, और लगेगा तो कब से कब तक।

निःशुल्क · 53 शहर · दृश्यता-आधारित गणना

नई दिल्ली में सूतक नहीं लगेगा

यह ग्रहण आपके शहर से दिखाई ही नहीं देगा — मंदिर खुले रहेंगे, भोजन या पूजा पर कोई रोक नहीं।

गणना नई दिल्ली के अक्षांश-देशांतर पर आधारित; समय भारतीय मानक समय में। यह जानकारी परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है और केवल शैक्षिक उद्देश्य से दी गई है।

सूतक की गणना कैसे होती है

शास्त्र का नियम सीधा है: सूतक ग्रहण के दिखने से जुड़ा है, तिथि से नहीं। इसीलिए यह कैलकुलेटर पहले दृश्यता जाँचता है — आपके शहर के अक्षांश-देशांतर पर ग्रहण के समय सूर्य या चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।

दृश्यता सिद्ध होने पर ही अवधि निकाली जाती है: सूर्य ग्रहण में स्पर्श से 12 घंटे (4 प्रहर) पहले, चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (3 प्रहर) पहले — और दोनों में मोक्ष के साथ समाप्ति।

ग्रहण के समय हमारे उसी इंजन से आते हैं जो ग्रहण कैलेंडर चलाता है; दृश्यता की जाँच खगोलीय गणना से होती है, किसी सूची से नहीं।

सूतक काल: सामान्य प्रश्न

सूतक काल क्या है?

सूतक ग्रहण से पहले का वह काल है, जिसमें भोजन पकाना, मंदिर-दर्शन और शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं। सूर्य ग्रहण में यह स्पर्श से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पहले आरंभ होता है, और मोक्ष के साथ समाप्त होता है।

क्या हर ग्रहण का सूतक लगता है?

नहीं। सूतक केवल वहीं लगता है जहाँ ग्रहण दिखाई दे — इसे दृश्य-ग्रहण का सिद्धांत कहते हैं। जो ग्रहण आपके क्षितिज के नीचे घट रहा है, उसका सूतक आप पर लागू नहीं होता।

यह कैलकुलेटर कैसे गणना करता है?

पहले यह जाँचता है कि चुने हुए ग्रहण के समय सूर्य या चंद्रमा आपके शहर के क्षितिज के ऊपर है या नहीं। दृश्यता सिद्ध होने पर ही सूतक की अवधि निकाली जाती है — सूर्य ग्रहण के लिए 12 घंटे, चंद्र ग्रहण के लिए 9 घंटे पूर्व से मोक्ष तक।

उपच्छाया ग्रहण में सूतक होता है?

नहीं। परंपरा में उपच्छाया (penumbral) चरण को ग्रहण नहीं माना जाता, इसलिए उसका सूतक भी नहीं होता। कैलकुलेटर ऐसे मामलों में यही बताता है।

किन लोगों को सूतक में छूट है?

बच्चों, वृद्धों और अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए सूतक केवल एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) का माना जाता है। औषधि, जल और आवश्यक देखभाल पर कोई रोक कभी नहीं होती।

यह जानकारी परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है और केवल शैक्षिक उद्देश्य से दी गई है।