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नई दिल्ली में आज का होरा

दिन-रात के 24 होरा और उनके ग्रह

•नई दिल्ली
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होरा चक्र क्या है

होरा चक्र में दिन और रात को 24 हिस्सों में बाँटते हैं। हर हिस्से पर एक ग्रह का असर होता है — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, और शनि। जिस ग्रह का समय हो, उससे जुड़े काम करने से अच्छा फल मिलता है।

कैसे निकालते हैं होरा

होरा इस तरह निकलता है:

  1. दिन की लंबाई निकालें (सूर्यास्त − सूर्योदय)।
  2. रात की लंबाई निकालें (अगला सूर्योदय − सूर्यास्त)।
  3. दिन को 12 और रात को 12 बराबर हिस्सों में बाँटें।
  4. ग्रहों का क्रम होता है: सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल।
  5. सूर्योदय से शुरू करके यह क्रम दोहराते जाएं।

होरा क्यों ज़रूरी है

  • हर ग्रह का अपना ख़ास असर होता है
  • सही ग्रह के समय में काम करने से फ़ायदा होता है
  • ग्रहों की शक्ति का लाभ मिलता है
  • ज़िंदगी के अलग-अलग कामों में मदद

ग्रह के हिसाब से काम

  • सूर्य: सरकारी काम, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
  • चंद्र: माँ से जुड़े काम, सफ़र, भावनात्मक बातें
  • मंगल: ताक़त वाले काम, ज़मीन ख़रीदना, मुक़ाबला
  • बुध: कारोबार, पढ़ाई, बातचीत
  • गुरु: पूजा-पाठ, शादी, गुरु से मिलना
  • शुक्र: प्यार, कला, संगीत, मनोरंजन
  • शनि: लंबे प्रोजेक्ट, मेहनत के काम, न्याय

ध्यान रखें

  • गलत ग्रह के समय में उससे उलट काम न करें
  • शनि के समय में शुभ काम (शादी वग़ैरह) न शुरू करें
  • मंगल के समय में शांति वाले काम टालें

याद रखने की बातें

  • होरा चक्र सूर्योदय से शुरू होता है।
  • हर घंटे पर एक ग्रह का असर होता है।
  • अपने काम के हिसाब से सही समय चुनें।
  • ग्रहों की शक्ति का फ़ायदा उठाएं।
  • दिन और रात के होरा अलग-अलग होते हैं।

और जानकारी के लिए

बृहत जातक — वराहमिहिर • ज्योतिष रत्नमाला — कल्याण वर्मा • बी. वी. रमन — होरा • कलाप्रकाशिका

होरा समय-चयन की एक परत है; व्यापक निर्णय के लिए पंचांग के अन्य अंग भी देखें।

आज का होरा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होरा चक्र क्या होता है?

होरा चक्र में दिन और रात को 24 हिस्सों में बाँटते हैं। हर हिस्से पर एक ग्रह का असर होता है — इससे पता चलता है कौन सा समय किस काम के लिए अच्छा है।

होरा कैसे निकालते हैं?

सूर्योदय से शुरू करके दिन को 12 और रात को 12 हिस्सों में बाँटते हैं। ग्रहों का क्रम है: सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल — यही क्रम बार-बार चलता है।

कौन सा होरा किस काम के लिए अच्छा है?

सूर्य — नेतृत्व, चंद्र — सफ़र, मंगल — हिम्मत के काम, बुध — कारोबार, गुरु — धार्मिक काम, शुक्र — प्यार-कला, शनि — मेहनत के लंबे काम।

दिन और रात के होरा में क्या फ़र्क है?

दिन के होरा सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलते हैं, रात के होरा सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक। ग्रहों का क्रम दोनों में एक जैसा रहता है।

होरा का रोज़मर्रा में क्या फ़ायदा है?

अगर आप सही ग्रह के समय में उससे जुड़ा काम करें, तो काम में आसानी होती है और अच्छा नतीजा मिलता है। जैसे — बुध के समय में कारोबार की बात करना अच्छा है।

वाहन या सोना ख़रीदने के लिए कौन सा होरा अच्छा है?

वाहन और सुख-सुविधा की चीज़ों के लिए शुक्र होरा उत्तम माना जाता है; सोने-गहनों के लिए गुरु या शुक्र होरा। ज़मीन-मकान के लिए मंगल होरा और कारोबारी सौदे के लिए बुध होरा चुनें। इनका आज का सटीक समय ऊपर की तालिका में देखें।

क्या होरा हर शहर में अलग होता है?

हाँ। होरा की गणना स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त से होती है, और हर शहर का सूर्योदय अलग समय पर होता है। इसलिए शहर बदलते ही होरा की समय-सारिणी भी बदल जाती है — अपने शहर के अनुसार ही समय देखें।

यह समय-सारिणी प्रतिदिन सूर्योदय-सूर्यास्त की गणना से अपडेट होती है • 14 दिसंबर 2026, सोमवार