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पितृ पक्ष 2027 - तिथियां और समय

2027 में New Delhi के लिए पितृ पक्ष की सटीक तिथियां और समय

🕉️15 दिन
🙏पूर्वज पूजा
📅15 सितंबर 2027 - 29 सितंबर 2027
📍New Delhi
प्रारंभ: बुधवार, 15 सितंबर 2027समाप्त: बुधवार, 29 सितंबर 2027

भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक - पितरों की पूजा और श्राद्ध की अवधि

2026
वर्ष
2027
2028

पितृ पक्ष प्रारंभ

पूर्णिमा

15सितंबर2027

बुधवार

तिथि प्रारंभ

02:50

पितृ पक्ष समाप्त

अमावस्या

29सितंबर2027

बुधवार

तिथि समाप्त

10:57

नोट: पूर्वजों के श्राद्ध की 15 दिनों की अवधि; महालया अमावस्या इसका सबसे महत्वपूर्ण दिन है।

पितृ पक्ष तिथि समयरेखा

15 दिनों की विस्तृत तिथियां

दिन 1

पूर्णिमा

🚩 प्रारंभ

📅 15 सितंबर 2027

बुधवार

शुक्ल पक्षभाद्रपद

प्रारंभ02:50
समाप्त04:34

महत्व: पूर्णिमा - पितृ पक्ष प्रारंभ

दिन 2

प्रतिपदा

⚡ मुख्य

📅 16 सितंबर 2027

गुरुवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ04:35
समाप्त05:53

महत्व: प्रतिपदा - श्राद्ध का पहला दिन

दिन 3

द्वितीया

📅 17 सितंबर 2027

शुक्रवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ05:54
समाप्त06:45
दिन 4

तृतीया

📅 18 सितंबर 2027

शनिवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ06:46
समाप्त07:10
दिन 5

चतुर्थी

📅 19 सितंबर 2027

रविवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ07:11
समाप्त07:10
दिन 6

पंचमी

📅 20 सितंबर 2027

सोमवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ07:11
समाप्त06:44
दिन 7

षष्ठी

📅 21 सितंबर 2027

मंगलवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ06:45
समाप्त05:53
दिन 8

सप्तमी

📅 22 सितंबर 2027

बुधवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ05:54
समाप्त04:38
दिन 9

अष्टमी

⚡ मुख्य

📅 23 सितंबर 2027

गुरुवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ04:39
समाप्त02:59

महत्व: अष्टमी - अष्टमी तिथि पर मृत्यु के लिए श्राद्ध

दिन 10

नवमी

⚡ मुख्य

📅 24 सितंबर 2027

शुक्रवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ03:00
समाप्त00:56

महत्व: नवमी - नवमी तिथि पर मृत विवाहित महिलाओं के लिए श्राद्ध

दिन 11

दशमी

📅 25 सितंबर 2027

शनिवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ00:57
समाप्त22:32
दिन 12

एकादशी

📅 26 सितंबर 2027

रविवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ22:32
समाप्त19:50
दिन 13

द्वादशी

📅 27 सितंबर 2027

सोमवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ19:51
समाप्त16:57
दिन 14

चतुर्दशी

⚡ मुख्य

📅 28 सितंबर 2027

मंगलवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ13:57
समाप्त10:56

महत्व: चतुर्दशी - हिंसा/दुर्घटना से मृत्यु के लिए श्राद्ध

दिन 15

अमावस्या

⭐ महालया

📅 29 सितंबर 2027

बुधवार

कृष्ण पक्षआश्विन

प्रारंभ10:57
समाप्त08:06

महत्व: महालया अमावस्या - सभी पूर्वजों के लिए सार्वभौमिक श्राद्ध (सबसे महत्वपूर्ण)

मुख्य दिनों की व्याख्या

पूर्णिमा

पितृ पक्ष प्रारंभ

प्रतिपदा

श्राद्ध का पहला दिन

अष्टमी

अष्टमी तिथि पर मृत्यु

नवमी

विवाहित महिलाएं

चतुर्दशी

हिंसा/दुर्घटना से मृत्यु

महालया अमावस्या

सबसे महत्वपूर्ण - सभी पूर्वजों के लिए

पितृ पक्ष को समझें

पितृ पक्ष हिंदू परंपरा में सबसे पवित्र 15 दिनों की अवधि है जब पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या (महालया अमावस्या) पर समाप्त होता है।

⏱️ अवधि

15 दिन - भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक। इस दौरान प्रत्येक तिथि पर विशेष श्राद्ध किया जाता है।

हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस अवधि के दौरान पितर (पूर्वज) पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों का आशीर्वाद देने के लिए श्राद्ध और तर्पण स्वीकार करते हैं।

🙏 श्राद्ध विधि और अनुष्ठान

1. तर्पण (जल अर्पण)

पूर्वजों को जल, तिल और दूध चढ़ाया जाता है। यह सुबह जल्दी नदी, तालाब या घर में भी किया जा सकता है।

2. पिंडदान

चावल, जौ या आटे से बने पिंड (गोले) पूर्वजों को अर्पित किए जाते हैं, प्रत्येक तीन पीढ़ियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

3. ब्राह्मण भोजन

ब्राह्मणों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। वे पूर्वजों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

4. दान

वस्त्र, अनाज, दक्षिणा और खाद्य पदार्थों का दान करना शुभ माना जाता है।

⚠️ पितृ पक्ष में वर्जित कार्य

💍 विवाह और सगाई
शुभ कार्य और उत्सव टाले जाते हैं।
🏠 नया घर खरीदना / गृह प्रवेश
संपत्ति से जुड़े काम नहीं किए जाते।
🚗 नया वाहन खरीदना
महंगी खरीदारी टालें।
🏢 नया व्यवसाय शुरू करना
नए उपक्रम की शुरुआत नहीं करें।
🎉 उत्सव और पार्टियां
खुशी के समारोह स्थगित करें।
✂️ बाल कटवाना / दाढ़ी बनवाना
कुछ परिवारों में इससे बचा जाता है।

नोट: दैनिक कार्य, आध्यात्मिक साधना और कार्यालय का काम सामान्य रूप से चल सकता है। केवल शुभ और महत्वपूर्ण कार्य टाले जाते हैं।

🌟 मुख्य दिनों का महत्व

पूर्णिमा - पितृ पक्ष प्रारंभ

15 दिनों की अवधि की शुरुआत। पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं।

प्रतिपदा - श्राद्ध का पहला दिन

जिन पूर्वजों की मृत्यु प्रतिपदा तिथि पर हुई, उनका श्राद्ध।

अष्टमी - विशेष मृत्यु तिथि

अष्टमी को मरने वाले पूर्वजों के लिए श्राद्ध का दिन।

नवमी - विवाहित महिलाओं के लिए

नवमी को मरने वाली विवाहित महिलाओं का श्राद्ध।

चतुर्दशी - हिंसा/दुर्घटना से मृत्यु

अप्राकृतिक मृत्यु वाले पूर्वजों के लिए विशेष दिन।

महालया अमावस्या - सबसे महत्वपूर्ण

सभी पूर्वजों के लिए सार्वभौमिक श्राद्ध। यदि आप कोई अन्य दिन याद नहीं कर सकते, तो इस दिन अवश्य श्राद्ध करें।

📋 नियम और पालन

✅ क्या करें

  • प्रतिदिन स्नान और स्वच्छता बनाए रखें
  • सात्विक भोजन करें (शाकाहारी)
  • ब्राह्मणों और गरीबों को दान करें
  • पितरों को याद करें और प्रार्थना करें
  • काले तिल और चावल का उपयोग करें

❌ क्या न करें

  • मांस, मछली, अंडे न खाएं
  • प्याज, लहसुन से बचें (कुछ परंपराओं में)
  • नए कपड़े न खरीदें
  • शराब और तंबाकू का सेवन न करें
  • अनावश्यक झगड़े और क्रोध से बचें

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न