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मंगल अस्त 2027 - तिथियां और समय

ग्रह अस्त

2027 में New Delhi के लिए मंगल अस्त (Mars Combustion) की सटीक तिथियां और समय। जानें कब मंगल सूर्य के निकट आकर अस्त होता है, इसका ज्योतिषीय प्रभाव, वैदिक महत्व और साहस, ऊर्जा तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े मामलों पर असर।

मंगल अस्त तब होता है जब यह ग्रह सूर्य से 17 अंश के भीतर आ जाता है। इस स्थिति में सूर्य के तेज के आगे मंगल का बल क्षीण पड़ जाता है।

📍New Delhi

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वर्ष
2027

2027 में कोई मंगल अस्त अवधि नहीं मिली

प्राचीन ग्रंथ से

Brihat Parashara Hora Shastra

अस्तं गते तु सौम्ये च क्रूरे वा सूर्यसन्निधौ। तद्बलं हीयते सर्वं फलं नैव प्रदीयते॥

astaṃ gate tu saumye ca krūre vā sūryasannidhau tadbalaṃ hīyate sarvaṃ phalaṃ naiva pradīyate

जब शुभ या क्रूर ग्रह सूर्य के समीप अस्त हो जाता है, तो उसका सम्पूर्ण बल क्षीण हो जाता है और वह अपने फल नहीं दे पाता।

— महर्षि पराशर

मंगल अस्त कैसे होता है - खगोलीय व्याख्या

मंगल सूर्य के चारों ओर लगभग 687 दिनों में एक चक्कर लगाता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य के सापेक्ष विभिन्न स्थितियों में होता है।

जब मंगल सूर्य के 17 डिग्री के भीतर आ जाता है, तो उसे अस्त माना जाता है। इस निकटता के कारण मंगल सूर्य की चमक में खो जाता है और दृश्य रूप से दिखाई नहीं देता।

वैदिक ज्योतिष में, अस्त मंगल को कमजोर माना जाता है। यह ऊर्जा, साहस और कार्य क्षमता को प्रभावित करता है।

आज कैसे गणना की जाती है:

सूर्य-मंगल कोणीय दूरी ≤ 17°

NASA JPL DE440/441 + Lahiri Ayanāṃśa

मंगल अस्त पैटर्न और आवृत्ति

साल 2027 में मंगल अस्त की 0 अवधियां हैं।

मंगल अस्त की अवधि आमतौर पर 15-25 दिनों तक रहती है। मंगल की गति के आधार पर, प्रत्येक वर्ष में सामान्यतः एक मंगल अस्त अवधि होती है।

ज्योतिषीय प्रभाव

  • • ऊर्जा और साहस में कमी
  • • क्रोध और आक्रामकता में वृद्धि
  • • भाई-बहन संबंधों में तनाव
  • • संपत्ति और भूमि मामलों में चुनौतियां
  • • दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ना

उपाय

  • • महत्वपूर्ण निर्णयों और विवादों से बचें
  • • मंगल मंत्र का जाप करें (ॐ अं अंगारकाय नमः)
  • • लाल वस्तुएं और मसूर दाल दान करें
  • • मंगलवार को व्रत रखें
  • • हनुमान चालीसा का पाठ करें