PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर

शुक्र अस्त 2027 - तिथियां और समय

ग्रह अस्त

2027 में New Delhi के लिए शुक्र अस्त (Venus Combustion) की सटीक तिथियां और समय। जानें कब शुक्र सूर्य के निकट आकर अस्त होता है, इसका ज्योतिषीय प्रभाव, वैदिक महत्व और प्रेम, विवाह तथा सुख-सुविधाओं पर असर। शुक्र अस्त की अवधि में विवाह जैसे मांगलिक कार्य परंपरागत रूप से टाले जाते हैं।

शुक्र अस्त तब होता है जब यह ग्रह सूर्य से 10 अंश के भीतर आ जाता है; वक्री शुक्र के लिए यह सीमा 8 अंश है। इस स्थिति में सूर्य के तेज के आगे शुक्र का बल क्षीण पड़ जाता है।

⏱️~73 दिन
📅6 जुलै - 17 सितं
📍New Delhi

वर्ष और शहर चुनें

वर्ष
2027

2027 में शुक्र अस्त तिथियां और समय

अवधि 1

अस्त आरंभ

शुक्र सूर्य के निकट

6जुलाई2027

मंगलवार

राशि

Gemini (Mithuna)

10.09°

स्थानीय समय

01:38 UTC+5:30

अस्त समाप्त

शुक्र सूर्य से दूर

17सितंबर2027

शुक्रवार

राशि

Virgo (Kanya)

10.33°

स्थानीय समय

03:44 UTC+5:30

Spans Gemini to Virgo
⏱️अवधि: 73 दिन

प्राचीन ग्रंथ से

Brihat Parashara Hora Shastra

अस्तं गते तु सौम्ये च क्रूरे वा सूर्यसन्निधौ। तद्बलं हीयते सर्वं फलं नैव प्रदीयते॥

astaṃ gate tu saumye ca krūre vā sūryasannidhau tadbalaṃ hīyate sarvaṃ phalaṃ naiva pradīyate

जब शुभ या क्रूर ग्रह सूर्य के समीप अस्त हो जाता है, तो उसका सम्पूर्ण बल क्षीण हो जाता है और वह अपने फल नहीं दे पाता।

— महर्षि पराशर

शुक्र अस्त कैसे होता है - खगोलीय व्याख्या

शुक्र सूर्य के चारों ओर लगभग 225 दिनों में एक चक्कर लगाता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य के सापेक्ष विभिन्न स्थितियों में होता है।

जब शुक्र सूर्य के 10 डिग्री के भीतर आ जाता है, तो उसे अस्त माना जाता है। इस निकटता के कारण शुक्र सूर्य की चमक में खो जाता है और दृश्य रूप से दिखाई नहीं देता।

वैदिक ज्योतिष में, अस्त शुक्र को कमजोर माना जाता है। यह प्रेम, सौंदर्य, कला और विलासिता को प्रभावित करता है।

आज कैसे गणना की जाती है:

सूर्य-शुक्र कोणीय दूरी ≤ 10°

NASA JPL DE440/441 + Lahiri Ayanāṃśa

शुक्र अस्त पैटर्न और आवृत्ति

साल 2027 में शुक्र अस्त की 1 अवधियां हैं।

शुक्र अस्त की अवधि आमतौर पर 45-50 दिनों तक रहती है। शुक्र सूर्य के निकट होने के कारण, यह वर्ष में एक या दो बार अस्त होता है।

ज्योतिषीय प्रभाव

  • • प्रेम और रोमांस में चुनौतियां
  • • सौंदर्य और आकर्षण में कमी
  • • कलात्मक अभिव्यक्ति में बाधा
  • • विवाह और साझेदारी में तनाव
  • • वित्तीय विलासिता में कमी

उपाय

  • • विवाह और सगाई जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों से बचें
  • • शुक्र मंत्र का जाप करें (ॐ शुं शुक्राय नमः)
  • • सफेद वस्तुएं और चावल दान करें
  • • शुक्रवार को व्रत रखें
  • • लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें