ग्रह किस भाव में है, यह दर्ज जन्म-समय के अनुसार पढ़ा गया है।
लंदन में धनु दोपहर 3:05 से शाम 5:01 बजे तक उदित रहा, इसलिए 4:20 बजे का जन्म इसके भीतर आता है। धनु के स्वामी गुरु हैं। यहाँ गुरु अपने मूलत्रिकोण अंशों की सीमा के ठीक भीतर है, यानी राशि के उस हिस्से में जहाँ वह सबसे सहज रहता है।
शनि पूरे दिन तुला में रहा, इसलिए जन्म का समय कोई भी हो, राशि यही रहती। 6 मार्च 2014 को उन्होंने घायल सैनिकों के लिए 'इनविक्टस गेम्स' की घोषणा की। यह शनि की अंतर्दशा में हुआ, जो मुख्य दशा के भीतर की छोटी अवधि है।
सूर्य सिंह राशि के बिल्कुल अंतिम अंश में था। वह पूरे दिन इसी राशि में रहा और अगली सुबह कन्या में गया। वाणी और कौशल का ग्रह बुध भी इसी भाव में बैठा है।
चंद्र दोपहर लगभग 2:17 बजे कृत्तिका में पहुँचा, यानी उनके जन्म से दो घंटे पहले। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। उनकी कुंडली में यही सूर्य अपनी राशि में बैठा है।
प्रिंस हैरी की कुंडली का लग्न धनु है, और इसका स्वामी गुरु वहीं, स्वयं के प्रथम भाव में बैठा है। इसी स्थिति से हंस योग बनता है। लंदन में धनु के उदय होने के 75 मिनट बाद, शाम 4:20 बजे उनका जन्म हुआ।
सूर्य और बुध सिंह राशि में, भाग्य और आस्था के नवम भाव में साथ हैं। कर्तव्य और धैर्य का ग्रह शनि अपनी उच्च, यानी सबसे बलवान राशि तुला में, लाभ और मित्रों के एकादश भाव में है। मंगल अपनी राशि वृश्चिक में, दूर देशों और एकांत के द्वादश भाव में है, और केतु भी उसी राशि में।
उनका चंद्र मेष राशि में, कृत्तिका नक्षत्र में, रचनात्मकता और विद्या के पंचम भाव में है। आगे का पाठ उनकी कुंडली को उनके सार्वजनिक जीवन के तथ्यों के साथ रखता है। इसका दावा यह नहीं कि उनके फ़ैसले ग्रहों ने लिए।
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| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | |
|---|---|---|---|---|---|
| लग्न | धनु | 17.77° | पूर्वाषाढ़ा, पाद 2 | 1 | |
| सूर्य | सिंह | 29.31° | उत्तरा फाल्गुनी, पाद 1 | 9 | |
| चंद्र | मेष | 27.70° | कृत्तिका, पाद 1 | 5 | |
| मंगल | वृश्चिक | 23.31° | ज्येष्ठा, पाद 2 | 12 | |
| बुध | सिंह | 11.57° | मघा, पाद 4 | 9 | |
| गुरु | धनु | 9.92° | मूल, पाद 3 | 1 | मूलत्रिकोण |
| शुक्र | कन्या | 24.07° | चित्रा, पाद 1 | 10 | नीच |
| शनि | तुला | 19.20° | स्वाति, पाद 4 | 11 | उच्च |
| राहु | वृषभ | 7.19° | कृत्तिका, पाद 4 | 6 | वक्रीउच्च |
| केतु | वृश्चिक | 7.19° | अनुराधा, पाद 2 | 12 | वक्रीउच्च |
ये योग दर्ज जन्म-समय पर पढ़े गए हैं। "पूरे दिन" वाले योग किसी भी समय बनते हैं।
| महादशा | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| सूर्य | 15 सितंबर 1984 | 28 मार्च 1990 |
| चंद्र | 28 मार्च 1990 | 28 मार्च 2000 |
| मंगल | 28 मार्च 2000 | 28 मार्च 2007 |
| राहु | 28 मार्च 2007 | 28 मार्च 2025 |
| गुरु | 28 मार्च 2025 | 28 मार्च 2041 |
महादशा एक लंबी ग्रह-अवधि है, जो कई वर्ष चलती है। अंतर्दशा उसी के भीतर की छोटी अवधि है।
| तारीख़ | घटना | महादशा | अंतर्दशा |
|---|---|---|---|
| 8 मई 2005 | अफ़सर कैडेट के रूप में रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट में दाख़िला | मंगल | शुक्र |
| 7 सितंबर 2012 | अपाचे हेलीकॉप्टर उड़ाने के 20 हफ़्ते के दौरे पर अफ़ग़ानिस्तान के कैंप बैस्टियन पहुँचे | राहु | शनि |
| 6 मार्च 2014 | घायल सैनिकों के लिए 'इनविक्टस गेम्स' की घोषणा | राहु | शनि |
| 10 सितंबर 2014 | लंदन में पहले इनविक्टस गेम्स शुरू हुए | राहु | शनि |
| 19 जून 2015 | दस साल की सेवा के बाद ब्रिटिश सेना छोड़ी | राहु | बुध |
| 31 मार्च 2020 | शाही परिवार के कामकाजी सदस्य की भूमिका से हटने का फ़ैसला लागू हुआ | राहु | शुक्र |
जन्म-समय 15 मिनट इधर-उधर हो, तब भी यहाँ हर मुख्य दशा और हर अंतर्दशा वही रहती है।
छह में से पाँच घटनाएँ राहु की लंबी दशा में आती हैं, जो 2007 से 2025 तक चली। राहु उनके सेवा और संघर्ष के षष्ठ भाव में बैठा है।
अफ़ग़ानिस्तान का दौरा और इनविक्टस की दोनों तारीख़ें शनि की अंतर्दशा में आईं। शनि उनके मित्रों और साझा उद्देश्यों के एकादश भाव में अपनी उच्च, यानी सबसे बलवान राशि में बैठा है।