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बियॉन्से की वैदिक कुंडली

अमेरिकी गायिका और गीतकार
जन्म 4 सितंबर 1981, ह्यूस्टन, अमेरिका
चंद्र राशि
वृश्चिक
जन्म नक्षत्र
विशाखा, पाद 4
लग्न
मेष
सूर्य राशि
सिंह
जन्म-समय
रात 9:47जन्म-अभिलेख से

इस कुंडली की विशेष बातें

ग्रह किस भाव में है, यह दर्ज जन्म-समय के अनुसार पढ़ा गया है।

सूर्य अपनी राशि सिंह में, रचनात्मकता और प्रस्तुति के पंचम भाव में
पंचम भाव रचनात्मकता, बुद्धि और प्रस्तुति का भाव है। पंचम भाव में सूर्य को रचनात्मक तेज, अपने काम पर गर्व और मंच की ओर स्वाभाविक खिंचाव से जोड़ा जाता है।

सूर्य पूरे दिन सिंह में रहा, इसलिए जन्म का समय कोई भी हो, उसकी राशि यही रहती। सिंह ही वह राशि है जिसका स्वामी सूर्य है। हर गीत के साथ फ़िल्म वाला उनका विज़ुअल एल्बम 'बियॉन्से' 13 दिसंबर 2013 को आया।

बुध अपनी सबसे बलवान राशि कन्या में, प्रतियोगिता और रोज़ के संघर्ष के षष्ठ भाव में
बुध बुद्धि, वाणी और कौशल का ग्रह है। उच्च का अर्थ है कि बुध कन्या राशि में है, जो उसकी सबसे बलवान राशि है। ज्योतिष इसे सधी हुई बुद्धि, बारीकियों पर नज़र और शब्दों पर पकड़ से जोड़ता है।

बुध दिन भर कन्या में रहा, इसलिए यह बल जन्म-समय पर टिका नहीं है। गुरु, शुक्र और शनि भी कन्या में बैठे हैं। इस तरह एक ही भाव में चार ग्रह इकट्ठे हैं।

दर्ज समय, रात 9:47 बजे, चंद्र विशाखा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में
विशाखा उन 27 नक्षत्रों में से एक है जिनसे होकर चंद्र गुज़रता है। इसके नाम का अर्थ है 'दो शाखाओं वाला', और इसका प्रतीक सजा हुआ तोरण-द्वार है। इसके स्वामी गुरु हैं और देवता इंद्र और अग्नि, दोनों साथ। इसे महत्वाकांक्षा, एक तय लक्ष्य और उस तक पहुँचने की लगन से जोड़ा जाता है।

चंद्र रात लगभग 10:10 बजे तक, यानी उनके जन्म के तेईस मिनट बाद तक, विशाखा में रहा। इस नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। उनका गुरु कन्या राशि में तीन और ग्रहों के साथ बैठा है।

लग्न राशि मेष का स्वामी मंगल, घर और परिवार के सुख वाले चतुर्थ भाव में
लग्नेश, यानी लग्न का स्वामी, वह ग्रह है जो लग्न राशि पर शासन करता है और स्वयं व्यक्ति का प्रतिनिधि माना जाता है। चतुर्थ भाव घर, मन के सुख और माता का भाव है। चतुर्थ भाव में लग्नेश को ऐसे जीवन से जोड़ा जाता है जिसकी जड़ें घर और परिवार में गहरी होती हैं।

उस रात ह्यूस्टन में मेष रात 9:31 से 11:05 बजे तक उदित रहा। मंगल कर्क राशि में है, जो उसकी सबसे कमज़ोर राशि है, और राहु उसके साथ। बचपन से जिस समूह 'डेस्टिनीज़ चाइल्ड' में वे गाती रहीं, उसका प्रबंधन उनके पिता करते थे।

आसान शब्दों में कुंडली

सार्वजनिक जीवन के साथ रखकर इस कुंडली का पाठ, इसी पृष्ठ के लिए लिखा गया

बियॉन्से की कुंडली का लग्न मेष है, जो ह्यूस्टन में रात 9:31 से 11:05 बजे तक उदित रहा। उनका दर्ज जन्म-समय, रात 9:47 बजे, इसी दायरे में आता है। लग्न का स्वामी मंगल कर्क राशि में, घर और परिवार के सुख वाले चतुर्थ भाव में है।

सूर्य अपनी राशि सिंह में, रचनात्मकता और प्रस्तुति के पंचम भाव में है। कन्या राशि में, प्रतियोगिता के षष्ठ भाव में, चार ग्रह इकट्ठे हैं: बुध, गुरु, शुक्र और शनि। वहाँ बुध अपनी सबसे बलवान राशि में है।

उनका चंद्र वृश्चिक राशि में, विशाखा नक्षत्र में है। वृश्चिक चंद्र की सबसे कमज़ोर राशि है, और इस स्थिति को गहरी, भीतर रखी भावनाओं से जोड़ा जाता है। ये बातें कुंडली को उनके दर्ज करियर के पास रखती हैं। ये दावा नहीं करतीं कि करियर कुंडली से बना।

इस कुंडली को कैसे पढ़ें

जन्म-समय
दर्ज जन्म-समय रात 9:47, ग्रीष्मकालीन समय (UTC−5); जन्म-अभिलेख से।
जन्म के पूरे दिन एक जैसा
  • हर ग्रह पूरे दिन अपनी राशि में रहता है
  • योग: संन्यास योग, केदार योग
जन्म-समय के साथ बदलता है
  • रात 10:10 तक चंद्र विशाखा में, उसके बाद अनुराधा में
  • दोपहर 3:26 तक चंद्र राशि तुला, उसके बाद वृश्चिक
  • लग्न मेष: उस दिन रात 9:31 से रात 11:05 तक उदित; दर्ज समय इसी के भीतर है

जन्म कुंडली (D1) और नवांश (D9)

D1 — लग्न कुंडली
1234मंरा℞5सू6बुगुशुश78चं910के℞1112
D9 — नवांश कुंडली
2श3गु4चं5रा6सूमंशु7891011के12बु1

💡 विवरण देखने के लिए ऊपर किसी भी भाव पर क्लिक करें

जन्म-विवरण और स्रोत

जन्म
4 सितंबर 1981, रात 9:47
घड़ी
ग्रीष्मकालीन समय (UTC−5)
स्थान
ह्यूस्टन, अमेरिका
निर्देशांक
29.7628, -95.3831
जन्म-समय
जन्म-अभिलेख से

बियॉन्से के जन्म-दिवस का पंचांग

वार
शुक्रवार
चंद्र मास
भाद्रपद
सूर्योदय की तिथि
षष्ठी, शुक्ल पक्ष
सूर्योदय का नक्षत्र
विशाखा
योग
इन्द्र
करण
तैतिल
सूर्योदय
सुबह 7:00
सूर्यास्त
शाम 7:40
पूर्णिमांत मास; तिथि, नक्षत्र, योग और करण सूर्योदय के समय के हैं, जन्मस्थान के लिए गणना की गई है।

बियॉन्से की कुंडली में ग्रह

रात 9:47 की स्थितियाँ (दर्ज समय)। लाहिरी अयनांश।
ग्रहराशिअंशनक्षत्रभाव
लग्नमेष5.39°अश्विनी, पाद 21
सूर्यसिंह18.86°पूर्वा फाल्गुनी, पाद 25मूलत्रिकोण
चंद्रवृश्चिक3.14°विशाखा, पाद 48नीच
मंगलकर्क8.33°पुष्य, पाद 24नीच
बुधकन्या9.68°उत्तरा फाल्गुनी, पाद 46उच्च
गुरुकन्या18.89°हस्त, पाद 36
शुक्रकन्या27.20°चित्रा, पाद 26नीच
शनिकन्या15.51°हस्त, पाद 26
राहुकर्क5.83°पुष्य, पाद 14वक्री
केतुमकर5.83°उत्तराषाढ़ा, पाद 310वक्री

कुंडली के योग

ये योग दर्ज जन्म-समय पर पढ़े गए हैं। "पूरे दिन" वाले योग किसी भी समय बनते हैं।

संन्यास योगपूरे दिन
निर्माता ग्रह: बुध + गुरु + शुक्र + शनि
निर्माता ग्रह: चंद्र
केदार योगपूरे दिन
निर्माता ग्रह: सूर्य + चंद्र + मंगल + बुध + गुरु + शुक्र + शनि
निर्माता ग्रह: चंद्र + मंगल · शुक्र + गुरु · शनि + गुरु
निर्माता ग्रह: शुक्र + गुरु · शनि + गुरु · शुक्र + शनि
निर्माता ग्रह: गुरु + शनि
निर्माता ग्रह: चंद्र · मंगल
निर्माता ग्रह: गुरु

विंशोत्तरी दशा

जन्म के समय गुरु की दशा, 0.2 वर्ष शेष, 29 नवंबर 1981 तक
जीवित व्यक्ति के लिए यह पृष्ठ केवल आरंभ हो चुकी दशाएँ दिखाता है।
महादशाआरंभसमाप्ति
गुरु4 सितंबर 198129 नवंबर 1981
शनि29 नवंबर 198129 नवंबर 2000
बुध29 नवंबर 200029 नवंबर 2017
केतु29 नवंबर 201729 नवंबर 2024
शुक्र29 नवंबर 202429 नवंबर 2044

जीवन के पड़ाव और दशाएँ

महादशा एक लंबी ग्रह-अवधि है, जो कई वर्ष चलती है। अंतर्दशा उसी के भीतर की छोटी अवधि है।

समय क्या दिखाता है

जन्म-समय 15 मिनट आगे या पीछे हो, तब भी हर मुख्य दशा वही रहती है। कोचेला वाली अंतर्दशा खाली है, क्योंकि वह इसी दायरे में बदल जाती है।

विज़ुअल एल्बम और 'लेमनेड' बुध की लंबी दशा में आए। बुध कौशल का ग्रह है, और यह उनके प्रतियोगिता वाले षष्ठ भाव में बैठा है।

केतु की दशा में कोचेला, 'रेनेसां' और 'काउबॉय कार्टर' आए। वर्ष के एल्बम का सम्मान शुक्र की लंबी दशा की पहली अंतर्दशा में मिला।

कोई दशा तभी दिखाई गई है जब जन्म-समय 15 मिनट आगे या पीछे होने पर भी वही रहे। जहाँ ऐसा नहीं है, वहाँ — दिखता है। जीवित व्यक्ति के लिए यह तालिका आज तक की घटनाएँ ही दिखाती है।

अवकहड़ा

वर्ण
Brahmin
वश्य
Keeta
योनि
Vyaghra (Tiger)
गण
Rakshasa
नाड़ी
Antya
नामाक्षर
To

लोग क्या पूछते हैं

बियॉन्से की राशि क्या है?▾
दर्ज समय, रात 9:47 बजे, पर वृश्चिक। राशि से यहाँ आशय चंद्र राशि से है। उस दिन दोपहर लगभग 3:26 बजे चंद्र तुला से वृश्चिक में गया, यानी उनके जन्म से छह घंटे पहले।
बियॉन्से का नक्षत्र कौन-सा है?▾
विशाखा, चतुर्थ पाद। पाद नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, यानी चरण है। चंद्र रात लगभग 10:10 बजे अनुराधा में चला गया। तेईस मिनट बाद का जन्म अनुराधा नक्षत्र देता।
बियॉन्से का लग्न क्या है?▾
मेष। लग्न वह राशि है जो जन्म के क्षण पूर्व दिशा में उदित हो रही होती है। उस रात ह्यूस्टन में मेष 9:31 से 11:05 बजे तक उदित रहा, और 9:47 बजे का समय इसके भीतर है।
बियॉन्से का जन्म-समय कितना भरोसेमंद है?▾
बहुत भरोसेमंद; इसे सबसे ऊँची, AA श्रेणी मिली है, क्योंकि समय उनके टेक्सस जन्म-प्रमाणपत्र से आता है। उन्होंने इसकी प्रति अपनी 'काउबॉय कार्टर आर्ट बुक' में छापी। उस पन्ने की केवल एक धुँधली तस्वीर देखी गई है, और ई! ऑनलाइन ने भी यही रात 9:47 बजे बताया।
क्या बियॉन्से की कुंडली में धर्म कर्म अधिपति योग है?▾
हाँ, उनके मेष लग्न के साथ। किसी भाव का स्वामी वह ग्रह है जो उस भाव की राशि का स्वामी हो। मेष लग्न में गुरु भाग्य के नवम भाव का स्वामी है और शनि कामकाज के दशम भाव का। ये दोनों कन्या राशि में साथ बैठे हैं।