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निःशुल्क जाँच · नौकरी या व्यापार

नौकरी या व्यापार: आपकी कुंडली में दोनों के संकेत

अपना जन्म विवरण दर्ज करें और साथ-साथ देखें कि आपकी कुंडली में नौकरी के कौन-से शास्त्रीय योग बनते हैं और व्यापार के कौन-से: षष्ठ और दशम भाव, शनि, सप्तम, दशम और एकादश भाव के स्वामी, बलवान बुध, और अन्य। हर योग के साथ उसका आधार दिखता है। बहुत-सी कुंडलियों में दोनों ओर के संकेत मिलते हैं; यह जाँच किसी एक को दूसरे से श्रेष्ठ नहीं ठहराती।

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करियर रिपोर्ट

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आपकी अपनी कुंडली से करियर का पूरा विश्लेषण

नौकरी या व्यापार, सरकारी सेवा या विदेश, आपके अनुकूल काम के प्रकार, और कदम उठाने का अनुकूल समय, तिथियों सहित। लगभग 65 पृष्ठ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

इस जाँच में क्या देखा जाता है

ये वे अठारह योग हैं जिनसे ज्योतिषी वेतन वाले पद और व्यापार चलाने का विचार करते हैं। कोई एक योग अपने-आप में निर्णायक नहीं होता; हर सूची एक झुकाव दिखाती है, और कई कुंडलियों में दोनों ओर के योग मिलते हैं।

नौकरी के योग

  1. 1

    अष्टकवर्ग में षष्ठ भाव आगे

    षष्ठ, सप्तम और दशम भावों में से षष्ठ भाव को सर्वाष्टकवर्ग में सबसे अधिक बिंदु मिलते हैं। यह सेवा का स्थान है, इसलिए इसका बल वेतन वाले पद की ओर संकेत करता है।

  2. 2

    षष्ठेश और दशमेश का संबंध

    षष्ठेश और दशमेश साथ हों, परस्पर राशि-परिवर्तन करें या एक-दूसरे पर दृष्टि डालें, या षष्ठेश दशम भाव में अथवा दशमेश षष्ठ भाव में बैठा हो, तो यह आपके काम को सेवा से जोड़ता है।

  3. 3

    दशम भाव पर शनि

    शनि दशम भाव में हो, या दशम भाव अथवा दशमेश पर दृष्टि डाले। शनि लंबी और स्थिर सेवा का ग्रह है।

  4. 4

    शुभ दृष्टि के बिना दशम भाव में सूर्य, शनि या मंगल

    दशम भाव में सूर्य, शनि या मंगल हो, और उस भाव पर किसी नैसर्गिक शुभ ग्रह की दृष्टि न हो; बृहत् जातक के आजीविका अध्याय के अनुसार इसे सेवा का संकेत माना जाता है।

  5. 5

    दशमांश के षष्ठ भाव में दशमेश

    दशमांश कुंडली में जन्म-कुंडली का दशमेश षष्ठ भाव में हो, या वहाँ दशमांश का अपना दशमेश बैठा हो।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  6. 6

    दशम भाव या लग्न में स्थिर राशि

    दशम भाव या लग्न में वृषभ, सिंह, वृश्चिक या कुंभ हो: स्थिर राशियाँ एक ही पद पर टिके रहने का संकेत मानी जाती हैं।

  7. 7

    शनि अमात्यकारक

    जैमिनी ज्योतिष में अमात्यकारक आपके काम का ग्रह है; जब यह शनि हो, तो इसे सेवा और लंबे कार्यकाल का संकेत माना जाता है।

  8. 8

    सूर्य या बुध के साथ शनि (नाड़ी)

    आर. जी. राव द्वारा सिखाई गई भृगु नंदी नाड़ी में कर्म का ग्रह शनि सूर्य या बुध के साथ हो या उनसे त्रिकोण में, तो यह सेवा की ओर संकेत करता है।

व्यापार के योग

  1. 9

    अष्टकवर्ग में सप्तम भाव आगे

    षष्ठ, सप्तम और दशम भावों में से सप्तम भाव को सर्वाष्टकवर्ग में सबसे अधिक बिंदु मिलते हैं; या दशम भाव को, जब लग्नेश अपनी राशि में या उच्च का हो। सप्तम भाव व्यापार और साझेदारी का स्थान है।

  2. 10

    सप्तमेश, दशमेश और एकादशेश का संबंध

    सप्तम (व्यापार), दशम (कर्म) और एकादश (लाभ) भावों के स्वामियों का आपसी संबंध।

  3. 11

    सप्तम, दशम या एकादश से जुड़ा बलवान बुध

    व्यापार और हिसाब-किताब का ग्रह बुध अपनी राशि में या उच्च का हो, अस्त न हो, और सप्तम, दशम या एकादश भाव के स्वामी से जुड़ा हो या इनमें से किसी भाव में बैठा हो।

  4. 12

    शुभ स्थिति में लग्नेश

    लग्नेश मित्र राशि या उससे अच्छी स्थिति में हो, और केंद्र या त्रिकोण में बैठा हो: व्यापार के लिए आवश्यक आत्मनिर्भरता का संकेत।

  5. 13

    दशम भाव या लग्न में चर राशि

    दशम भाव या लग्न में मेष, कर्क, तुला या मकर हो: चर राशियाँ पहल और परिवर्तन का संकेत मानी जाती हैं।

  6. 14

    सप्तम, दशम या एकादश भाव में राहु

    महत्वाकांक्षा और लीक से हटकर चलने का ग्रह राहु व्यापार, कर्म या लाभ के भाव में हो।

  7. 15

    बुध या शुक्र अमात्यकारक

    जैमिनी ज्योतिष में आपके काम का ग्रह बुध (व्यापार) या शुक्र (वस्तुएँ, सुख-साधन, कलाएँ) हो।

  8. 16

    दशमांश में बुध या शुक्र की प्रमुखता

    दशमांश कुंडली में बुध या शुक्र लग्न या दशम भाव में हो, या दशमांश का सप्तमेश अपनी राशि में या उच्च का हो।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  9. 17

    बुध, शुक्र या गुरु के साथ शनि (नाड़ी)

    भृगु नंदी नाड़ी में शनि बुध, शुक्र या गुरु के साथ हो या उनसे त्रिकोण में, तो यह व्यापार और वाणिज्य की ओर संकेत करता है।

  10. 18

    धन योग

    कुंडली में धन का कोई शास्त्रीय योग बनता हो।

अपना परिणाम कैसे पढ़ें

ये झुकाव हैं, भविष्यवाणी नहीं। व्यापार के योग वाले कई लोग नौकरी करते हैं, और नौकरी के योग वाले कई लोग व्यापार।
यह जाँच जान-बूझकर न अंक देती है, न किसी पक्ष को श्रेष्ठ ठहराती है: कुंडली में दोनों ओर के योग हो सकते हैं, और बहुत से लोग एक से दूसरे की ओर जाते हैं।
कौन-सा रास्ता, यह जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उसका समय भी: नौकरी से व्यापार की ओर बढ़ना प्रायः किसी विशेष दशा में होता है। करियर रिपोर्ट ये अवधियाँ तिथियों सहित बताती है।
जन्म-समय कितना सटीक है, इसका असर पड़ता है: दशमांश के पाठों के लिए पक्का समय चाहिए, इसलिए आगे-पीछे की गुंजाइश होने पर इन्हें अलग रखा जाता है।

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पूरी तस्वीर

यह जाँच कुंडली का एक हिस्सा देखती है। करियर रिपोर्ट चारों रास्तों को एक साथ पढ़ती है, और उनका समय भी बताती है।

सरकारी सेवा, नौकरी, व्यापार और विदेश में काम को आपकी कुंडली से एक-दूसरे के मुक़ाबले तौला जाता है; इसके अलावा आपके अनुकूल काम के प्रकार, और परीक्षा, नौकरी बदलने व विदेश जाने के अनुकूल समय, तिथियों सहित।

प्रश्न और उत्तर

ज्योतिषी षष्ठ भाव (सेवा) को सप्तम भाव (व्यापार) के मुक़ाबले तौलते हैं, और दशम भाव व दशमेश, एकादश भाव (लाभ), लंबी सेवा के लिए शनि और व्यापार के लिए बुध का विचार करते हैं। यह जाँच दोनों ओर के शास्त्रीय योग दिखाती है; अधिकतर कुंडलियों में दोनों के कुछ योग होते हैं।