PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर
निःशुल्क जाँच · विदेश में काम

विदेश योग: आपकी कुंडली में विदेश में काम करने और बसने के संकेत

अपना जन्म विवरण दर्ज करें और देखें कि विदेश में काम के दस शास्त्रीय योगों में से कौन-से आपकी कुंडली में बनते हैं: आपसे या आपके काम से जुड़ा द्वादशेश, नवमेश, राहु, घर से दूरी दिखाता चतुर्थ भाव, और अन्य; साथ ही यह भी कि उनका झुकाव विदेश में बसने की ओर है या कुछ समय के प्रवास की ओर। हर योग के साथ उसका आधार दिखता है। यह झुकाव बताता है, वीज़ा या विदेश जाने का वादा नहीं करता।

मुफ़्त · साइन-अप के बिना · दस शास्त्रीय योग, हर एक के आधार सहित

आपका जन्म विवरण

मुफ़्त, साइन-अप के बिना।

जन्म तिथि
जन्म समय
जन्म-समय पक्का नहीं है?
जन्म-समय कितना पक्का है?

पक्का न हो तो जो सच हो वही चुनें। रिपोर्ट उतना ही कहती है जितना आपके जन्म-समय की सटीकता से कहा जा सके, और यह बात साफ़ लिखती भी है।

करियर रिपोर्ट

करियर रिपोर्ट · कर्म बोध

आपकी अपनी कुंडली से करियर का पूरा विश्लेषण

नौकरी या व्यापार, सरकारी सेवा या विदेश, आपके अनुकूल काम के प्रकार, और कदम उठाने का अनुकूल समय, तिथियों सहित। लगभग 65 पृष्ठ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

इस जाँच में क्या देखा जाता है

ये वे दस योग हैं जिनसे ज्योतिषी विदेश में काम और जीवन का विचार करते हैं। कोई एक योग अपने-आप में निर्णायक नहीं होता; सब मिलकर झुकाव दिखाते हैं।

  1. 1

    दशमेश या लग्नेश से जुड़ा द्वादशेश

    द्वादश भाव दूर देशों का स्थान है। द्वादशेश को दशमेश या लग्नेश से जुड़ा तब माना जाता है जब वह स्वयं उनमें से एक हो (जैसे कुंभ लग्न में शनि लग्न और द्वादश भाव, दोनों का स्वामी है), उनमें से किसी के साथ बैठा हो या उससे राशि-परिवर्तन करे, या द्वादशेश दशम भाव अथवा लग्न में, या दशमेश अथवा लग्नेश द्वादश भाव में बैठा हो। तब आपका काम, या आप स्वयं, उन देशों से जुड़ते हैं; घर से दूरी दिखाते चतुर्थ भाव के साथ इसे विदेश में बसने का योग माना जाता है।

  2. 2

    दशमेश या लग्नेश से जुड़ा नवमेश

    नवम भाव लंबी यात्राओं का स्थान है। उसका स्वामी इन्हीं तरीकों से दशमेश या लग्नेश से जुड़ा हो (जैसे वृषभ लग्न में शनि नवम और दशम, दोनों भावों का स्वामी है), तो यह काम के लिए यात्रा का संकेत है, जिसे बसने के बजाय कुछ समय के प्रवास का योग माना जाता है।

  3. 3

    दूरी के भाव में राहु

    विदेश का कारक राहु द्वादश, नवम, दशम या चतुर्थ भाव में हो, या उसी राशि में जहाँ दशमेश बैठा है।

  4. 4

    घर से दूरी दिखाता चतुर्थ भाव

    चतुर्थ भाव घर का स्थान है। चतुर्थेश द्वादश भाव में हो, या शनि, राहु अथवा केतु चतुर्थ भाव में बैठा हो, तो इसे जन्मस्थान से दूर जाने का संकेत माना जाता है।

  5. 5

    चर राशि में चंद्र

    मन का कारक चंद्र मेष, कर्क, तुला या मकर में हो: ऐसा चित्त जो स्थान-परिवर्तन को सहज स्वीकार करता है।

  6. 6

    चर राशि में दशमेश

    दशमेश मेष, कर्क, तुला या मकर में हो: ऐसा काम जिसमें स्थान बदलता रहे।

  7. 7

    द्वादश भाव में दो या अधिक ग्रह

    केतु को छोड़कर द्वादश भाव में दो या अधिक ग्रह हों, तो दूर देशों और घर से बाहर होने वाले व्यय पर ज़ोर रहता है।

  8. 8

    दशमांश के द्वादश या नवम भाव में दशमेश

    दशमांश कुंडली में जन्म-कुंडली का दशमेश द्वादश या नवम भाव में हो: दूर देशों में होने वाला, या उनसे जुड़ा काम।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  9. 9

    नवम या द्वादश भाव में आत्मकारक या अमात्यकारक

    जैमिनी ज्योतिष में आत्मा का ग्रह (आत्मकारक) या काम का ग्रह (अमात्यकारक) लग्न से नवम या द्वादश भाव में हो।

  10. 10

    राहु के साथ शनि (नाड़ी)

    भृगु नंदी नाड़ी में कर्म का ग्रह शनि राहु के साथ हो या उससे त्रिकोण में, तो यह विदेश में काम की ओर संकेत करता है।

अपना परिणाम कैसे पढ़ें

ये झुकाव हैं, भविष्यवाणी नहीं। इनमें से कई योग होने पर भी बहुत से लोग कभी विदेश नहीं जाते, और विदेश में रहने वाले कई लोगों की कुंडली में ये योग कम होते हैं।
यहाँ किसी योग को दूसरे से भारी नहीं माना गया, और यह जाँच जान-बूझकर अंक नहीं देती।
बसना या कुछ समय का प्रवास: घर से दूरी दिखाते चतुर्थ भाव के साथ द्वादशेश को बसने का योग माना जाता है, और अकेले नवमेश को प्रवास का। एक कुंडली में दोनों हो सकते हैं।
योग होना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उसका समय भी: विदेश जाना प्रायः द्वादश, नवम या चतुर्थ भाव से जुड़े ग्रह की, या राहु की दशा में होता है। करियर रिपोर्ट ये अवधियाँ तिथियों सहित बताती है।
जन्म-समय कितना सटीक है, इसका असर पड़ता है: दशमांश के पाठ के लिए पक्का समय चाहिए, इसलिए आगे-पीछे की गुंजाइश होने पर इसे अलग रखा जाता है।

करियर से जुड़ी अन्य निःशुल्क जाँचें

पूरी तस्वीर

यह जाँच कुंडली का एक हिस्सा देखती है। करियर रिपोर्ट चारों रास्तों को एक साथ पढ़ती है, और उनका समय भी बताती है।

सरकारी सेवा, नौकरी, व्यापार और विदेश में काम को आपकी कुंडली से एक-दूसरे के मुक़ाबले तौला जाता है; इसके अलावा आपके अनुकूल काम के प्रकार, और परीक्षा, नौकरी बदलने व विदेश जाने के अनुकूल समय, तिथियों सहित।

प्रश्न और उत्तर

लोग इस नाम से कुंडली के उन योगों को पुकारते हैं जिनसे ज्योतिषी विदेश जाने और वहाँ रहने का विचार करते हैं: दूर देशों का द्वादश भाव और उसका स्वामी, लंबी यात्राओं का नवम भाव, राहु, और घर से दूरी दिखाता चतुर्थ भाव। यह जाँच ऐसे दस योग देखती है।