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निःशुल्क जाँच · सरकारी सेवा

सरकारी नौकरी योग: आपकी कुंडली में सरकारी सेवा के संकेत

अपना जन्म विवरण दर्ज करें और देखें कि सरकारी सेवा के दस शास्त्रीय योगों में से कौन-से आपकी कुंडली में बनते हैं: बलवान सूर्य, दशम भाव से सूर्य का संबंध, दशम भाव पर गुरु या मंगल, और सात अन्य। हर योग के साथ उसका आधार दिखता है। यह झुकाव बताता है, नौकरी का वादा नहीं करता।

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नौकरी या व्यापार, सरकारी सेवा या विदेश, आपके अनुकूल काम के प्रकार, और कदम उठाने का अनुकूल समय, तिथियों सहित। लगभग 65 पृष्ठ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

इस जाँच में क्या देखा जाता है

ये वे दस योग हैं जिनसे ज्योतिषी सरकारी सेवा और सार्वजनिक पद का विचार करते हैं। कोई एक योग अपने-आप में निर्णायक नहीं होता; सब मिलकर झुकाव दिखाते हैं।

  1. 1

    बलवान सूर्य

    सूर्य राजा और राज्य का कारक है। मेष में उच्च का, अपनी राशि सिंह में या मित्र राशि में बैठा सूर्य अधिकार और शासन की कृपा का संकेत माना जाता है।

  2. 2

    सूर्य और दशम भाव

    सूर्य दशम भाव में हो, दशमेश के साथ हो या उस पर दृष्टि डाले, या दशमेश सूर्य की अपनी राशि सिंह में हो। दशम भाव कर्म और प्रतिष्ठा का स्थान है।

  3. 3

    दशम भाव पर गुरु या मंगल

    दशम भाव में बैठे या उस पर दृष्टि डालते गुरु (परामर्श, विधि, अध्यापन) या मंगल (पुलिस, सेना, नेतृत्व)।

  4. 4

    शुभ भाव में बलवान दशमेश

    दशमेश अपनी राशि में या उच्च का हो, और केंद्र (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव) या त्रिकोण (प्रथम, पंचम या नवम भाव) में बैठा हो।

  5. 5

    दशमांश में इंद्र

    दशमांश (D10) में राशि के हर भाग का एक अधिष्ठाता दिक्पाल होता है, जैसा बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में बताया गया है। जब देवराज इंद्र दशमेश, सूर्य या दशमांश लग्नेश के देवता हों, तो रिपोर्ट इसे अधिकार और प्रशासन का संकेत मानती है।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  6. 6

    दशमांश में सूर्य

    दशमांश कुंडली में सूर्य केंद्र में हो, या वहाँ दशम भाव का स्वामी हो।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  7. 7

    कारकांश से दशम पर सूर्य या शुक्र

    जैमिनी पद्धति का योग: कारकांश (नवांश में आत्मकारक की राशि) से दशम भाव पर सूर्य या शुक्र का प्रभाव, जिसे जैमिनी सूत्र राज्य की सेवा से जोड़ते हैं।

    पक्का जन्म-समय चाहिए

  8. 8

    षष्ठेश और दशमेश का संबंध

    षष्ठ भाव सेवा और प्रतियोगी परीक्षाओं का स्थान है; उसके स्वामी का दशमेश से संबंध वेतन वाले पद की ओर संकेत करता है।

  9. 9

    सूर्य या गुरु के साथ शनि (नाड़ी)

    आर. जी. राव द्वारा सिखाई गई भृगु नंदी नाड़ी में शनि कर्म का ग्रह है; शनि सूर्य या गुरु के साथ हो या उनसे त्रिकोण में, तो यह शासन और प्रशासन की ओर संकेत करता है।

  10. 10

    बलवान चंद्र, या उस पर गुरु की दृष्टि

    चंद्र जनता का कारक है। अपनी राशि कर्क में, वृषभ में उच्च का, या गुरु की दृष्टि पाता चंद्र सार्वजनिक पद और लोगों से जुड़े काम का संकेत माना जाता है।

अपना परिणाम कैसे पढ़ें

ये झुकाव हैं, भविष्यवाणी नहीं। इनमें से कई योग होने पर भी बहुत से लोग सरकारी परीक्षा देते ही नहीं, और कई अधिकारियों की कुंडली में ये योग कम होते हैं।
यहाँ किसी योग को दूसरे से भारी नहीं माना गया, और यह जाँच जान-बूझकर अंक नहीं देती।
योग होना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उसका समय भी: सरकारी पद प्रायः दशम भाव या सूर्य से जुड़े ग्रह की दशा में मिलता है। करियर रिपोर्ट ये अवधियाँ तिथियों सहित बताती है।
जन्म-समय कितना सटीक है, इसका असर पड़ता है: दशमांश और जैमिनी के पाठों के लिए पक्का समय चाहिए, इसलिए आगे-पीछे की गुंजाइश होने पर इन्हें अलग रखा जाता है।

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पूरी तस्वीर

यह जाँच कुंडली का एक हिस्सा देखती है। करियर रिपोर्ट चारों रास्तों को एक साथ पढ़ती है, और उनका समय भी बताती है।

सरकारी सेवा, नौकरी, व्यापार और विदेश में काम को आपकी कुंडली से एक-दूसरे के मुक़ाबले तौला जाता है; इसके अलावा आपके अनुकूल काम के प्रकार, और परीक्षा, नौकरी बदलने व विदेश जाने के अनुकूल समय, तिथियों सहित।

प्रश्न और उत्तर

शास्त्रों में यह किसी एक तय योग का नाम नहीं है। लोग इस नाम से कुंडली के उन योगों को पुकारते हैं जिनसे ज्योतिषी सरकारी सेवा का विचार करते हैं: बलवान सूर्य, दशम भाव से सूर्य का संबंध, दशम भाव पर गुरु या मंगल, और अन्य। यह जाँच ऐसे दस योग देखती है।