ग्रह किस भाव में है, यह दर्ज जन्म-समय के अनुसार पढ़ा गया है।
चंद्र दोपहर लगभग 1:38 बजे आर्द्रा में पहुँचा, यानी उनके जन्म से सात घंटे से भी अधिक पहले। इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। उनकी कुंडली में राहु ठीक चंद्र के पास बैठा है।
उस शाम लंदन में धनु रात 8:45 से 10:41 बजे तक उदित रहा। गुरु तुला राशि में है और वक्री था, यानी आकाश में उल्टी चाल चलता दिखता था। जलवायु के हल खोजने वाले उनके 'अर्थशॉट प्राइज़' ने अक्टूबर 2021 में पहली बार पुरस्कार दिए।
शनि की अपनी लंबी दशा फ़रवरी 2010 में शुरू हुई। इसी दशा में, 8 सितंबर 2022 को, वे ड्यूक ऑफ़ कॉर्नवॉल बने। ऊर्जा और लगन का ग्रह मंगल भी इसी भाव में बैठा है।
शुक्र आधी रात से आधी रात तक वृषभ में रहा, इसलिए जन्म का समय कोई भी हो, राशि यही रहती। वह किस भाव में पड़ता है, यह समय पर निर्भर है। वाणी और कौशल का ग्रह बुध उसके साथ है।
प्रिंस विलियम की कुंडली का लग्न धनु है। इसका स्वामी गुरु तुला राशि में, लाभ और मित्रों के एकादश भाव में बैठा है। लंदन में धनु रात 8:45 से 10:41 बजे तक पूर्व में उदित रहा, इसलिए 9:03 बजे का जन्म इसके भीतर आराम से आता है।
शनि और मंगल कन्या राशि में, कामकाज के दशम भाव में साथ हैं। शनि कर्तव्य और धैर्य का ग्रह है, और मंगल लगन का। शुक्र अपनी राशि वृषभ में है, और बुध उसके पास।
उनका चंद्र मिथुन राशि में, आर्द्रा नक्षत्र में है। सूर्य और राहु साझेदारों और समाज के सप्तम भाव में चंद्र के साथ हैं। यह पाठ उनकी कुंडली को उनके सार्वजनिक जीवन के दर्ज तथ्यों के पास रखता है। यह नहीं कहता कि वह जीवन कुंडली ने तय किया।
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| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | |
|---|---|---|---|---|---|
| लग्न | धनु | 3.87° | मूल, पाद 2 | 1 | |
| सूर्य | मिथुन | 6.50° | मृगशिरा, पाद 4 | 7 | |
| चंद्र | मिथुन | 11.36° | आर्द्रा, पाद 2 | 7 | अस्त |
| मंगल | कन्या | 15.60° | हस्त, पाद 2 | 10 | |
| बुध | वृषभ | 15.36° | रोहिणी, पाद 2 | 6 | |
| गुरु | तुला | 6.88° | स्वाति, पाद 1 | 11 | वक्री |
| शुक्र | वृषभ | 2.06° | कृत्तिका, पाद 2 | 6 | |
| शनि | कन्या | 21.90° | हस्त, पाद 4 | 10 | |
| राहु | मिथुन | 20.48° | पुनर्वसु, पाद 1 | 7 | वक्री |
| केतु | धनु | 20.48° | पूर्वाषाढ़ा, पाद 3 | 1 | वक्री |
| महादशा | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| राहु | 21 जून 1982 | 22 फ़रवरी 1994 |
| गुरु | 22 फ़रवरी 1994 | 22 फ़रवरी 2010 |
| शनि | 22 फ़रवरी 2010 | 22 फ़रवरी 2029 |
महादशा एक लंबी ग्रह-अवधि है, जो कई वर्ष चलती है। अंतर्दशा उसी के भीतर की छोटी अवधि है।
| तारीख़ | घटना | महादशा | अंतर्दशा |
|---|---|---|---|
| 31 दिसंबर 2019 | जलवायु और पर्यावरण की समस्याओं के हल के लिए 'अर्थशॉट प्राइज़' की घोषणा | शनि | — |
| 17 अक्टूबर 2021 | पहला अर्थशॉट प्राइज़ समारोह, एलेक्ज़ेंड्रा पैलेस, लंदन | शनि | चंद्र |
| 8 सितंबर 2022 | पिता के राजगद्दी पर बैठते ही ड्यूक ऑफ़ कॉर्नवॉल बने | शनि | — |
| 9 सितंबर 2022 | किंग चार्ल्स तृतीय ने उन्हें प्रिंस ऑफ़ वेल्स घोषित किया | शनि | — |
| 13 फ़रवरी 2023 | राजकीय आदेश-पत्र से औपचारिक रूप से प्रिंस ऑफ़ वेल्स और अर्ल ऑफ़ चेस्टर बने | शनि | मंगल |
जन्म-समय 15 मिनट इधर-उधर हो, तब भी हर मुख्य दशा वही रहती है। तीन अंतर्दशाएँ खाली हैं, क्योंकि वे इसी दायरे में बदल जाती हैं।
पाँचों घटनाएँ शनि की लंबी दशा में आती हैं, जो फ़रवरी 2010 में शुरू हुई। शनि उनके कामकाज के दशम भाव में बैठा है।
पहला अर्थशॉट समारोह चंद्र की अंतर्दशा में हुआ। प्रिंस ऑफ़ वेल्स की औपचारिक उपाधि मंगल की अंतर्दशा में मिली, और मंगल वही ग्रह है जो शनि के साथ बैठा है।