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साल्वाडोर डाली की वैदिक कुंडली

अतियथार्थवादी चित्रकार
जन्म 11 मई 1904, फ़िगेरेस, स्पेन
चंद्र राशि
मीन
जन्म नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, पाद 2
लग्न
मिथुन
सूर्य राशि
मेष
जन्म-समय
सुबह 8:45जीवनी से

इस कुंडली की विशेष बातें

ग्रह किस भाव में है, यह दर्ज जन्म-समय के अनुसार पढ़ा गया है।

दर्ज समय, सुबह 8:45 बजे, चंद्र उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र के द्वितीय चरण में
उत्तर भाद्रपदा उन 27 नक्षत्रों में से एक है जिनसे होकर चंद्र गुज़रता है। इसके स्वामी शनि हैं और देवता अहिर्बुध्न्य, गहरे जल के नाग। इसे धैर्य, गहराई और शांत, स्थिर मन से जोड़ा जाता है।

चंद्र रात लगभग 10:01 बजे तक उत्तर भाद्रपदा में रहा, यानी उनके जन्म के तेरह घंटे से भी अधिक बाद तक। इस नक्षत्र का स्वामी शनि है। उनकी कुंडली में शनि अपनी ही राशि मकर में बैठा है।

जन्म के पूरे दिन सूर्य अपनी सबसे बलवान राशि मेष में
सूर्य आत्मा, स्वाभिमान और अधिकार का ग्रह है। उच्च का अर्थ है कि सूर्य मेष राशि में है, जो उसकी सबसे बलवान राशि है। ज्योतिष इसे सहज अधिकार, आत्मविश्वास और कर्तव्य की गहरी भावना से जोड़ता है।

सूर्य यहाँ उच्च का है, यानी अपनी सबसे बलवान राशि में, मेष के लगभग 28 अंश पर। शुक्र भी इसी राशि में है। डाली ने अपनी सार्वजनिक छवि को ही कला का हिस्सा बना लिया, ऊपर तनी मूँछों से लेकर सोचे-समझे सार्वजनिक प्रदर्शनों तक।

गुरु अपनी राशि मीन में, चंद्र के साथ एक ही राशि में
गुरु ज्ञान और शिक्षा का ग्रह है। अपनी राशि धनु या मीन में वह सहज और बलवान रहता है। ज्योतिष इसे विद्या, पक्के सिद्धांतों और शिक्षक जैसी भूमिका से जोड़ता है।

गुरु पूरे दिन मीन में रहा, जो उसकी अपनी राशि है और जहाँ वह सहज रहता है। चंद्र भी इसी राशि में है, इसलिए यहाँ गजकेसरी योग बनता है। इस योग के लिए गुरु का चंद्र से गिनने पर केंद्र, यानी चार मुख्य भावों में से किसी एक में, होना ज़रूरी है। केतु भी मीन में ही है।

जन्म के पूरे दिन शनि अपनी राशि मकर में
शनि समय, धैर्य और परिश्रम का ग्रह है। अपनी राशि मकर या कुंभ में वह सहज और बलवान रहता है। ज्योतिष इसे अनुशासन, टिके रहने की क्षमता और किसी बड़े तंत्र की सेवा से जोड़ता है।

शनि मकर के अंतिम हिस्से में, लगभग 28 अंश पर है। यह उनके चंद्र नक्षत्र का स्वामी है, इसलिए उनका जीवन शनि की लंबी दशा से शुरू हुआ। यह दशा लगभग 1914 तक चली। उनके स्वप्न-दृश्य धैर्य से, लगभग तस्वीर जैसी बारीकी के साथ चित्रित हैं।

आसान शब्दों में कुंडली

सार्वजनिक जीवन के साथ रखकर इस कुंडली का पाठ, इसी पृष्ठ के लिए लिखा गया

साल्वाडोर डाली की कुंडली में सूर्य अपनी सबसे बलवान राशि मेष में है। गुरु और शनि, दोनों अपनी-अपनी राशि में हैं, जहाँ वे सहज रहते हैं। मीन राशि में गुरु के साथ चंद्र और केतु भी हैं।

उनका चंद्र उत्तर भाद्रपदा में है, जो उन 27 नक्षत्रों में से एक है जिनसे होकर चंद्र गुज़रता है। इसका स्वामी शनि है। यहाँ असली प्रश्न लग्न, यानी उदित राशि, का है। दर्ज समय सुबह 8:45 बजे के ठीक एक मिनट बाद कर्क उदित होने लगा था।

उन्होंने मैड्रिड की कला अकादमी में शिक्षा पाई और पेरिस में अतियथार्थवादियों से जुड़े। 1931 में उन्होंने 'द पर्सिस्टेंस ऑफ़ मेमोरी' चित्रित की। 1939 में अतियथार्थवादी समूह ने उन्हें निष्कासित कर दिया। 1982 में गाला के निधन के बाद वे पूबोल महल चले गए, जहाँ गाला दफ़न हैं। 1983 में उन्होंने वहीं अपने अंतिम चित्र बनाए। 1984 में वहाँ लगी आग में वे बुरी तरह झुलसे। 1989 में फ़िगेरेस में उनका निधन हुआ।

यह उसी सार्वजनिक जीवन-वृत्त के साथ कुंडली का पाठ है, यह दावा नहीं कि उनका जीवन कुंडली के कारण ऐसा बना।

इस कुंडली को कैसे पढ़ें

जन्म-समय
दर्ज जन्म-समय सुबह 8:45, Greenwich Mean Time, Spain's legal time (UTC+0); जीवनी से।
जन्म के पूरे दिन एक जैसा
  • चंद्र राशि मीन
  • हर ग्रह पूरे दिन अपनी राशि में रहता है
  • योग: गजकेशरी योग, केदार योग
जन्म-समय के साथ बदलता है
  • रात 10:01 तक चंद्र उत्तरा भाद्रपद में, उसके बाद रेवती में
  • लग्न मिथुन: उस दिन सुबह 6:29 से सुबह 8:46 तक उदित; दर्ज समय इसी के भीतर है

जन्म कुंडली (D1) और नवांश (D9)

D1 — लग्न कुंडली
3456रा℞78910श1112चंगुके℞1सूशु2मंबु℞
D9 — नवांश कुंडली
34शुके56चंश789सू10मंबुरा11गु1212

💡 विवरण देखने के लिए ऊपर किसी भी भाव पर क्लिक करें

जन्म-विवरण और स्रोत

साल्वाडोर डाली के जन्म-दिवस का पंचांग

वार
बुधवार
चंद्र मास
ज्येष्ठ
सूर्योदय की तिथि
एकादशी, कृष्ण पक्ष
सूर्योदय का नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
योग
विष्कम्भ
करण
बालव
सूर्योदय
सुबह 4:31
सूर्यास्त
शाम 6:57
पूर्णिमांत मास; तिथि, नक्षत्र, योग और करण सूर्योदय के समय के हैं, जन्मस्थान के लिए गणना की गई है।

साल्वाडोर डाली की कुंडली में ग्रह

सुबह 8:45 की स्थितियाँ (दर्ज समय)। लाहिरी अयनांश।
ग्रहराशिअंशनक्षत्रभाव
लग्नमिथुन29.72°पुनर्वसु, पाद 31
सूर्यमेष27.69°कृत्तिका, पाद 111उच्च
चंद्रमीन9.95°उत्तरा भाद्रपद, पाद 210
मंगलवृषभ2.66°कृत्तिका, पाद 212अस्त
बुधवृषभ0.96°कृत्तिका, पाद 212वक्रीअस्त
गुरुमीन24.35°रेवती, पाद 310
शुक्रमेष12.07°अश्विनी, पाद 411
शनिमकर28.14°धनिष्ठा, पाद 28
राहुकन्या2.37°उत्तरा फाल्गुनी, पाद 24वक्री
केतुमीन2.37°पूर्वा भाद्रपद, पाद 410वक्री

कुंडली के योग

ये योग दर्ज जन्म-समय पर पढ़े गए हैं। "पूरे दिन" वाले योग किसी भी समय बनते हैं।

गजकेशरी योगपूरे दिन
निर्माता ग्रह: गुरु + चंद्र
निर्माता ग्रह: गुरु
केदार योगपूरे दिन
निर्माता ग्रह: सूर्य + चंद्र + मंगल + बुध + गुरु + शुक्र + शनि
निर्माता ग्रह: गुरु + शनि
निर्माता ग्रह: चंद्र + शनि · मंगल + बुध · मंगल + शुक्र
निर्माता ग्रह: शनि + गुरु
निर्माता ग्रह: मंगल
उपस्थित दोष (कुंडली-तथ्य)
ग्रहण, गुरु चांडाल

विंशोत्तरी दशा

जन्म के समय शनि की दशा, 9.6 वर्ष शेष, 8 दिसंबर 1913 तक
महादशाआरंभसमाप्ति
शनि11 मई 19048 दिसंबर 1913
बुध8 दिसंबर 19138 दिसंबर 1930
केतु8 दिसंबर 19308 दिसंबर 1937
शुक्र8 दिसंबर 19378 दिसंबर 1957
सूर्य8 दिसंबर 19578 दिसंबर 1963
चंद्र8 दिसंबर 19638 दिसंबर 1973
मंगल8 दिसंबर 19738 दिसंबर 1980
राहु8 दिसंबर 19808 दिसंबर 1998
गुरु8 दिसंबर 19988 दिसंबर 2014

जीवन के पड़ाव और दशाएँ

महादशा एक लंबी ग्रह-अवधि है, जो कई वर्ष चलती है। अंतर्दशा उसी के भीतर की छोटी अवधि है।

तारीख़घटनामहादशाअंतर्दशा
6 फ़रवरी 1921माँ फ़ेलिपा दोमेनेक का कैंसर से निधनबुध—
14 नवंबर 1925बार्सिलोना की गैलरी दालमाउ में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी शुरूबुध—
6 जून 1929लुइस बुनुएल के साथ बनी उनकी फ़िल्म 'उन शियाँ आंदालू' का पेरिस में पहला प्रदर्शनबुधशनि
28 दिसंबर 1929पिता ने उन्हें घर से निकाल दियाबुधशनि
30 जनवरी 1934पेरिस में गाला से सिविल (क़ानूनी) विवाहकेतुराहु
20 जून 1940बोर्दो में उन्हें और गाला को फ़्रांस छोड़ने के लिए आपात वीज़ा मिलाशुक्रशुक्र
8 अगस्त 1958सांत मार्ती वेल में गाला से चर्च में विवाहसूर्य—
28 सितंबर 1974फ़िगेरेस में डाली थिएटर-संग्रहालय खुलामंगलराहु
10 जून 198287 वर्ष की आयु में गाला का निधनराहुराहु
24 जुलाई 1982राजा ख़ुआन कार्लोस ने उन्हें 'मार्केस दे डाली दे पूबोल' की उपाधि दीराहुराहु
23 जनवरी 198984 वर्ष की आयु में फ़िगेरेस में हृदय गति रुकने से निधनराहु—
समय क्या दिखाता है

यहाँ चार अंतर्दशाएँ खाली छोड़ी गई हैं, क्योंकि जन्म-समय 15 मिनट आगे-पीछे होने पर वे बदल जातीं।

बुध की लंबी दशा, लगभग 1914 से लगभग 1931 तक, उनकी पहली एकल प्रदर्शनी और 'उन शियाँ आंदालू' के पहले प्रदर्शन को समेटती है। इसी दशा में माँ का निधन भी आता है और वह दिन भी, जब पिता ने उन्हें घर से निकाल दिया।

इस कुंडली में बुध वृषभ राशि में मंगल के ठीक पास है। बुध वक्री है, यानी उल्टी चाल से पीछे की ओर चलता दिखता है। वह अस्त भी है, यानी सूर्य के इतने पास कि उसकी चमक में बुध का बल घट जाता है।

राहु की लंबी दशा, जो लगभग 1981 में शुरू हुई, गाला के निधन और मार्केस की उपाधि को समेटती है। 1984 में पूबोल की वह आग, जिसमें वे बुरी तरह झुलसे, और जनवरी 1989 में उनका अपना निधन भी इसी दशा में आते हैं। राहु कन्या राशि में है।

कोई दशा तभी दिखाई गई है जब जन्म-समय 15 मिनट आगे या पीछे होने पर भी वही रहे। जहाँ ऐसा नहीं है, वहाँ — दिखता है।

अवकहड़ा

वर्ण
Brahmin
वश्य
Jalchar
योनि
Gau (Cow)
गण
Manushya
नाड़ी
Madhya
नामाक्षर
Tha

लोग क्या पूछते हैं

साल्वाडोर डाली की राशि क्या है?▾
मीन। राशि से यहाँ आशय चंद्र राशि से है। 11 मई 1904 को आधी रात से आधी रात तक चंद्र मीन में ही रहा। उस दिन किसी भी समय का जन्म यही राशि देता।
साल्वाडोर डाली का नक्षत्र कौन-सा है?▾
सुबह 8:45 बजे उत्तर भाद्रपदा, द्वितीय पाद। पाद नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, यानी चरण है। चंद्र रात लगभग 10:01 बजे तक इसी नक्षत्र में रहा और फिर रेवती में गया। केवल उस रात देर से हुआ जन्म रेवती नक्षत्र देता।
साल्वाडोर डाली का लग्न क्या है?▾
मिथुन, पर लगभग एक मिनट के अंतर से। लग्न वह राशि है जो जन्म के समय पूर्व में उदित हो रही होती है। फ़िगेरेस में कर्क सुबह 8:46 बजे उदित होने लगा। दर्ज समय से दो मिनट बाद का जन्म कर्क लग्न देता। इसलिए इस कुंडली के भाव पक्के नहीं हैं। यदि समय फ़िगेरेस के स्थानीय औसत सौर समय से लिखा गया था, तो जन्म का क्षण लगभग 12 मिनट पहले पड़ता है, और लग्न तब भी मिथुन रहता है। पश्चिमी कुंडलियाँ इसी 8:45 पर कर्क लग्न दिखाती हैं, क्योंकि वे सायन राशिचक्र मानती हैं। यह पृष्ठ निरयण गणना पर आधारित है। निरयण राशिचक्र स्थिर तारों से मापा जाता है, और 1904 में सायन राशिचक्र उससे लगभग 22 अंश आगे था।
साल्वाडोर डाली का जन्म-समय कितना भरोसेमंद है?▾
काफ़ी हद तक भरोसेमंद; इसे B श्रेणी मिली है। फ़्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित डाली संग्रहालय ने 2008 में उनकी जीवनी में सुबह 8:45 बजे का समय दिया। अंग्रेज़ी विकिपीडिया के अनुसार इयन गिब्सन की 1997 की जीवनी भी यही समय देती है। स्पेनिश विकिपीडिया जन्म प्रमाणपत्र का हवाला देता है, पर रजिस्टर की प्रविष्टि हमने स्वयं नहीं देखी है। इससे अलग कोई प्रचलित समय हमें नहीं मिला।
क्या साल्वाडोर डाली की कुंडली में गजकेसरी योग है?▾
हाँ। 11 मई 1904 को जन्म का समय कुछ भी हो, यह योग बनता है। गजकेसरी योग के लिए गुरु का चंद्र से गिनने पर केंद्र, यानी चार मुख्य भावों में से किसी एक में, होना ज़रूरी है। चंद्र की अपनी राशि भी इनमें गिनी जाती है। उनके गुरु और चंद्र, दोनों मीन राशि में हैं।