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गुरु (बृहस्पति)

गुरु (बृहस्पति) राशि गोचर 2027

ग्रह गोचर

"जब ग्रह राशि बदलते हैं, जीवन बदलता है।"

New Delhi के लिए गुरु (बृहस्पति) राशि गोचर 2027 की सटीक तारीखें और समय। सभी 3 राशि परिवर्तनों की विस्तृत सूची।

वर्तमान राशि
कर्क
अंश
27.4°
परिवर्तन
3
दैनिक गति
0.16°/दिन

वर्ष और शहर चुनें

वर्ष
2027

गुरु (बृहस्पति) वैदिक ज्योतिष का सबसे बड़ा शुभ ग्रह है और लगभग वर्ष में एक बार राशि बदलता है। इसीलिए हर गुरु राशि गोचर एक बड़ी ज्योतिषीय घटना मानी जाती है — वार्षिक भविष्यफल और वर्षफल में इसकी व्यापक चर्चा होती है। गुरु ज्ञान, भाग्य, संतान, धर्म और उच्च शिक्षा का कारक है। इसके राशि परिवर्तन से सभी 12 चंद्र राशियों के लिए अवसरों, आध्यात्मिक उन्नति और आर्थिक विस्तार को नई दिशा मिलती है। विवाह, संतान प्राप्ति और व्यावसायिक उन्नति के लिए गुरु गोचर सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

राशि गोचर सारणी 2027

4 परिवर्तन
1

सिंह (Leo)

स्वामी: सूर्य

31 अक्टू 2026, 12:02 अपराह्न → 25 जन 2027, 1:31 पूर्वाह्न

85.6 दिन (~2.8 माह)
2

कर्क (Cancer)

स्वामी: चंद्र

25 जन 2027, 1:31 पूर्वाह्न → 26 जून 2027, 5:18 पूर्वाह्न

152.2 दिन (~5 माह)
3

सिंह (Leo)

स्वामी: सूर्य

26 जून 2027, 5:18 पूर्वाह्न → 26 नव 2027, 6:45 अपराह्न

153.6 दिन (~5 माह)
4

कन्या (Virgo)

स्वामी: बुध

26 नव 2027, 6:45 अपराह्न → 28 फर 2028, 7:17 अपराह्न

94 दिन (~3.1 माह)
⚠️2027 में वक्री गोचर

13 दिस 2026 → 13 अप्रैल 2027

सिंह राशि में · 122.8° → 112.8°

121 दिन

12 जन 2028 → 14 मई 2028

कन्या राशि में · 153.3° → 143.3°

123 दिन
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राशि गोचर क्या है?

जब कोई ग्रह एक राशि (30°) से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे राशि गोचर कहते हैं। यह जीवन के मुख्य क्षेत्रों को प्रभावित करता है।

❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु एक राशि में लगभग 13 माह रहता है। गुरु के 2026 में सटीक राशि परिवर्तन की तिथि और समय के लिए इस पृष्ठ पर विस्तृत गोचर कैलेंडर देखें, जो सटीक खगोलीय गणना से किया गया है।
गुरु वैदिक ज्योतिष में सबसे बड़ा प्राकृतिक शुभ ग्रह है। इसका गोचर ज्ञान, भाग्य, संतान, विवाह और आध्यात्मिक विकास को प्रभावित करता है। गुरु का राशि परिवर्तन सभी 12 चंद्र राशियों को प्रभावित करता है और वार्षिक भविष्यफल (वर्षफल) के लिए व्यापक रूप से देखा जाता है।
चंद्र या शुक्र से द्वितीय, पंचम, सप्तम या एकादश भाव पर गुरु का गोचर विवाह के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। जन्म चंद्रमा से सप्तम भाव में गुरु जीवनसाथी खोजने के लिए विशेष रूप से शुभ है।
राशि गोचर एक ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश है। यह गोचर का सबसे मूलभूत प्रकार है और सभी 12 चंद्र राशियों को प्रभावित करता है। वैदिक ज्योतिष गोचर गणना के लिए सायन राशि चक्र (लाहिरी अयनांश) का उपयोग करता है।