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साढ़े साती 2027 · शनि की ढैया 2027

साढ़े साती 2027: किन राशियों पर, और असल में कब तक

शनि 3 जून 2027 को मेष में प्रवेश करते हैं और 20 अक्टूबर को फिर मीन में लौट आते हैं। इसलिए इस वर्ष साढ़े साती और ढैया दो बार करवट लेती हैं, और कुछ बदलाव कुछ ही महीनों में पलट जाते हैं। नीचे अपनी चंद्र राशि चुनें।

3 जून 2027 · 20 अक्टूबर · 23 फ़रवरी 2028

2027 के आकाश की पूरी मार्गदर्शिका: ग्रह गोचर 2027

PanchangBodh Editorial
9 min read
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राशि अनुसार तिथियाँ

हर कार्ड जनवरी 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तक आपकी चंद्र राशि का हाल बताता है, जब शनि स्थायी रूप से मेष में आ जाते हैं, और यह भी कि उसके बाद क्या रहेगा।

मेष

साढ़े साती · 3 जून से शिखर

शनि की साढ़े साती, यानी वे साढ़े सात वर्ष जिनके लिए लोग सबसे अधिक तैयारी करते हैं, पूरे 2027 में आपके साथ रहेगी और 3 जून से 20 अक्टूबर तक अपने शिखर पर होगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकसाढ़े साती, प्रथम चरण
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकसाढ़े साती, शिखर
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकसाढ़े साती, प्रथम चरण

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: साढ़े साती, शिखर

मेष वार्षिक राशिफल →

वृषभ

साढ़े साती · 3 जून से आरंभ

शनि की साढ़े साती, यानी वे साढ़े सात वर्ष जिनके लिए लोग सबसे अधिक तैयारी करते हैं, 3 जून को आरंभ होगी। 20 अक्टूबर से इसमें विराम रहेगा और फ़रवरी 2028 में यह फिर लौटेगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकसाढ़े साती, प्रथम चरण
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकन साढ़े साती, न ढैया

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: साढ़े साती, प्रथम चरण

वृषभ वार्षिक राशिफल →

सिंह

अष्टम ढैया · 3 जून से विराम

शनि 2025 से मीन राशि में हैं, जो सिंह से अष्टम राशि है: यही आपकी अष्टम ढैया है। 3 जून से 20 अक्टूबर तक, जब शनि मेष में रहेंगे, यह थमी रहेगी, फिर लौटकर फ़रवरी 2028 तक चलेगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकअष्टम ढैया (चंद्र राशि से अष्टम)
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकअष्टम ढैया (चंद्र राशि से अष्टम)

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: न साढ़े साती, न ढैया

सिंह वार्षिक राशिफल →

कन्या

अष्टम ढैया · 3 जून से आरंभ

आपकी अष्टम ढैया 3 जून को आरंभ होगी, जब शनि मेष में पहुँचेंगे, जो कन्या से अष्टम राशि है। 20 अक्टूबर को शनि के पीछे लौटने पर इसमें विराम आएगा, और फ़रवरी 2028 से यह पूरी अवधि के लिए लौटेगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकअष्टम ढैया (चंद्र राशि से अष्टम)
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकन साढ़े साती, न ढैया

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: अष्टम ढैया (चंद्र राशि से अष्टम)

कन्या वार्षिक राशिफल →

धनु

कंटक ढैया · 3 जून से विराम

शनि 2025 से मीन राशि में हैं, जो धनु से चतुर्थ राशि है: यही आपकी कंटक ढैया है। शनि के मेष में रहने के दौरान, 3 जून से 20 अक्टूबर तक, इसका भार हटा रहेगा; फिर यह फ़रवरी 2028 तक लौट आएगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तककंटक ढैया (चंद्र राशि से चतुर्थ)
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तककंटक ढैया (चंद्र राशि से चतुर्थ)

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: न साढ़े साती, न ढैया

धनु वार्षिक राशिफल →

मकर

कंटक ढैया · 3 जून से आरंभ

आपकी कंटक ढैया 3 जून को शुरू होगी, जब शनि मकर से चतुर्थ राशि, मेष, में आएँगे। 20 अक्टूबर को शनि के मीन में लौटने पर यह थम जाएगी, और फ़रवरी 2028 में पूरी अवधि के लिए फिर चल पड़ेगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तककंटक ढैया (चंद्र राशि से चतुर्थ)
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकन साढ़े साती, न ढैया

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: कंटक ढैया (चंद्र राशि से चतुर्थ)

मकर वार्षिक राशिफल →

कुंभ

साढ़े साती · अंतिम चरण

शनि की साढ़े साती, यानी वे साढ़े सात वर्ष जिनके लिए लोग सबसे अधिक तैयारी करते हैं, अपने अंतिम दौर में है। 3 जून से इसमें विराम रहेगा, 20 अक्टूबर को यह लौटेगी और फ़रवरी 2028 में पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकसाढ़े साती, अंतिम चरण
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकन साढ़े साती, न ढैया
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकसाढ़े साती, अंतिम चरण

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: न साढ़े साती, न ढैया

कुंभ वार्षिक राशिफल →

मीन

साढ़े साती · 3 जून से अंतिम चरण

शनि की साढ़े साती, यानी वे साढ़े सात वर्ष जिनके लिए लोग सबसे अधिक तैयारी करते हैं, पूरे 2027 में आपके साथ रहेगी: वर्ष के अधिकांश भाग में अपने शिखर पर, और 3 जून से 20 अक्टूबर तक अपने अंतिम चरण में।

  • 1 जनवरी 2027 से 3 जून 2027 तकसाढ़े साती, शिखर
  • 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तकसाढ़े साती, अंतिम चरण
  • 20 अक्टूबर 2027 से 23 फ़रवरी 2028 तकसाढ़े साती, शिखर

23 फ़रवरी 2028 से, जब शनि मेष में आकर वहीं रहेंगे: साढ़े साती, अंतिम चरण

मीन वार्षिक राशिफल →

2027 में शनि इन चार राशियों को नहीं छूते

  • मिथुन
  • कर्क
  • तुला
  • वृश्चिक

पूरे वर्ष न साढ़े साती है, न ढैया, और 23 फ़रवरी 2028 के बाद भी नहीं।

विराम क्यों: शनि आगे बढ़ते हैं, फिर पीछे लौटते हैं

शनि मार्च 2025 से मीन राशि में हैं। 3 जून 2027 को वे मेष में प्रवेश करते हैं, और इसी प्रवेश से साढ़े साती और ढैया अगली चंद्र राशियों की ओर बढ़ती हैं। पर 9 अगस्त को शनि वक्री हो जाते हैं और पीछे चलते हुए 20 अक्टूबर को फिर मीन में लौट आते हैं। 24 दिसंबर को वे मार्गी होते हैं और 23 फ़रवरी 2028 को स्थायी रूप से मेष में प्रवेश करते हैं।

शनि का मार्ग, 2027 से 2028 के आरंभ तक
मेषमीनजनवरी 2027अप्रैल 2027जुलाई 2027अक्टूबर 2027जनवरी 20283 जूनमेष में प्रवेश9 अगस्तवक्री20 अक्टूबरमीन में वापसी24 दिसंबरमार्गी23 फ़रवरी 2028मेष में स्थायी प्रवेश

तिथियाँ अनुपात में हैं; विभाजक रेखा से दूरी केवल दिशा दिखाती है।

इसलिए नई व्यवस्था साढ़े चार महीने तक रहती है, फिर फ़रवरी 2028 के अंत तक पुरानी व्यवस्था लौट आती है। यदि 2027 में आपकी साढ़े साती या ढैया "समाप्त" या "आरंभ" हो रही है, तो अपने कार्ड की तिथियाँ देखें: अधिकतर यह विराम या झलक भर है, अंतिम निर्णय नहीं।

शनि पिछली बार अप्रैल 1998 से जून 2000 तक मेष में थे। 2000 के मध्य के बाद जन्मे किसी व्यक्ति के जीवन में शनि अब तक मेष में नहीं आए हैं।

जितना डर है, उतना भारी नहीं

साढ़े साती को भारतीय ज्योतिष में सबसे अधिक भय के साथ देखा जाता है, और इस भय का बड़ा कारण वह ढंग है जिससे इसे प्रस्तुत किया जाता है। शास्त्रीय रूप से शनि परिश्रम, धैर्य और जवाबदेही के ग्रह हैं। उनके साढ़े सात वर्ष प्रायः धीमे परिणाम, बढ़ी हुई ज़िम्मेदारियाँ और यह साफ़ समझ लाते हैं कि क्या ठीक चल रहा है और क्या नहीं; विनाश नहीं।

बहुत-से लोग अपनी साढ़े साती को उन वर्षों के रूप में याद करते हैं जब उन्होंने कुछ टिकाऊ खड़ा किया: अधिक ठोस आधार पर करियर, टिकी रहने वाली आदतें, परखे गए और निभाए गए रिश्ते। यह दौर कितना भारी लगेगा, यह केवल चंद्र राशि से नहीं, आपकी पूरी कुंडली, ख़ासकर चल रही दशा से तय होता है।

अपने जन्म-विवरण से अपना चरण जानना चाहते हैं? मुफ़्त साढ़े साती कैलकुलेटर देखें →

हर चरण में शनि क्या माँगते हैं

नाम से अधिक चरण मायने रखता है। शास्त्रीय दृष्टि से हर चरण आपसे यह माँगता है।

  • साढ़े साती, प्रथम चरण

    शनि आपकी चंद्र राशि से पिछली राशि में

    ख़र्च, नींद और घर से दूर बिताया समय ध्यान माँगते हैं। नई शुरुआत से अधिक, जो थका रहा है उसे घटाने और आगे की योजना बनाने का समय है।

  • साढ़े साती, शिखर

    शनि आपकी चंद्र राशि पर

    मन और शरीर के लिए सबसे भारी चरण। दिनचर्या स्थिर रखें, कम वचन दें और जो दें उन्हें पूरा निभाएँ।

  • साढ़े साती, अंतिम चरण

    शनि आपकी चंद्र राशि से अगली राशि में

    धन, परिवार और वाणी पर ध्यान रहे। ख़र्च संभलकर करें और वाणी पर संयम रखें; भार अब हल्का हो रहा है।

  • कंटक ढैया (चंद्र राशि से चतुर्थ)

    शनि आपकी चंद्र राशि से चतुर्थ

    घर, संपत्ति और मन की शांति को सँभालने की ज़रूरत है। जल्दबाज़ी में बड़े बदलाव से बचें।

  • अष्टम ढैया (चंद्र राशि से अष्टम)

    शनि आपकी चंद्र राशि से अष्टम

    अचानक आने वाले बदलाव और स्वास्थ्य ध्यान माँगते हैं। किसी भी ज़रूरी काम में छोटा रास्ता अपनाने से बचें।

शनि के पारंपरिक उपाय

शनि के शास्त्रीय उपाय, सरल रूप में। इनमें से किसी के लिए कुछ ख़रीदना ज़रूरी नहीं।

  • शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएँ।
  • नियम से हनुमान चालीसा या शनि मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का पाठ करें।
  • मेहनतकश लोगों, विशेषकर बुज़ुर्गों को भोजन, काले तिल, सरसों का तेल या गर्म कपड़े दान करें।
  • अपना व्यवहार ईमानदार और काम अनुशासित रखें; परंपरा के अनुसार शनि इसी का सबसे अधिक फल देते हैं।

ये उपाय शास्त्रीय ग्रंथों पर आधारित हैं और शैक्षिक उद्देश्य से दिए गए हैं। इन्हें चिकित्सा, वित्तीय या विधिक परामर्श का विकल्प न मानें।

आपकी अपनी साढ़े साती

ऊपर दी गई तिथियाँ आपकी चंद्र राशि वाले हर व्यक्ति के लिए समान हैं। यह वर्ष वास्तव में कैसा बीतेगा, यह आपकी अपनी कुंडली और दशा तय करती है। राशिफल 2027 की मुफ़्त पहली झलक इसे आपके जन्म-विवरण से दिखाती है।

अपनी साढ़े साती का चरण देखें

साढ़े साती 2027: प्रश्न और उत्तर

2027 में किन राशियों पर साढ़े साती है?

चार चंद्र राशियों पर: मीन और मेष पर पूरे वर्ष; कुंभ पर 3 जून से 20 अक्टूबर के विराम को छोड़कर; और वृषभ पर केवल 3 जून से 20 अक्टूबर तक।

क्या कुंभ राशि की साढ़े साती 2027 में समाप्त हो जाएगी?

स्थायी रूप से नहीं। 3 जून को शनि के मेष में जाने पर इसमें विराम आता है, 20 अक्टूबर को उनके मीन में लौटने पर यह फिर शुरू होती है, और 23 फ़रवरी 2028 को समाप्त होती है।

क्या वृषभ राशि की साढ़े साती 2027 में शुरू होगी?

यह 3 जून को आरंभ होती है, 20 अक्टूबर से इसमें विराम रहता है, और 23 फ़रवरी 2028 को शनि के मेष में स्थायी रूप से आने पर यह लौट आती है। तब से वृषभ राशि की साढ़े साती प्रथम चरण में रहती है।

2027 में किन राशियों पर शनि की ढैया है?

सिंह और धनु पर 3 जून से 20 अक्टूबर को छोड़कर पूरे वर्ष ढैया रहती है। कन्या और मकर पर यह केवल 3 जून से 20 अक्टूबर तक रहती है, और फिर 23 फ़रवरी 2028 से।

साढ़े साती का हर चरण कितने समय का होता है?

लगभग ढाई वर्ष का, जितना समय शनि एक राशि पार करने में लेते हैं; इसलिए पूरी साढ़े साती लगभग साढ़े सात वर्ष की होती है। 2027 में चरण दो बार बदलते हैं, 3 जून और 20 अक्टूबर को, क्योंकि शनि मीन और मेष की सीमा दो बार पार करते हैं।

क्या साढ़े साती हमेशा अशुभ होती है?

नहीं। यह परिश्रम और जवाबदेही का दौर है, और इसका भार आपकी पूरी कुंडली, ख़ासकर दशा पर निर्भर करता है। बहुत-से लोग अपना सबसे टिकाऊ काम इन्हीं वर्षों में करते हैं।

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सभी समय भारतीय मानक समय में; निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, खगोलीय गणना। यही 2027 का आकाश राशिफल 2027 पुस्तक की गणना का आधार है।