PanchangBodh logo
PanchangBodhसटीक वैदिक कैलेंडर

ग्रह गोचर 2027

ग्रह गोचर 2027: पूरा वर्ष, एक ही पट्टी पर

शनि साढ़े चार महीने के लिए मेष में जाते हैं और फिर लौट आते हैं। गुरु तीन बार राशि बदलते हैं। राहु और केतु पूरे वर्ष अपनी राशियों में टिके रहते हैं, और दोनों सूर्य ग्रहण उन्हीं की धुरी पर पड़ते हैं। पहले 2027 एक नज़र में, फिर हर रेखा के पीछे की कहानी।

मंदिर के कुंड के ऊपर संध्या के आकाश में चमकते तीन ग्रह

2027, एक पट्टी पर

निरयण राशियाँ (लाहिड़ी), तिथियाँ भारतीय मानक समय में। किसी रेखा पर टैप करके उसकी कहानी पढ़ें।

जनवरीफ़रवरीमार्चअप्रैलमईजूनजुलाईअगस्तसितंबरअक्टूबरनवंबरदिसंबरशनिगुरुराहु / केतुग्रहणनववर्षमीनमेषमीनकर्कसिंहकन्याराहु मकर में, केतु कर्क में, पूरे वर्ष6 फ़रवरी21 फ़रवरी18 जुलाई2 अगस्त17 अगस्त7 अप्रैल · विक्रम संवत 2084 आरंभवक्रीसूर्य ग्रहणचंद्र ग्रहण
PanchangBodh Editorial
5 min read
grah gochar 2027planetary transits 2027major planetary transits 2027saturn transit 2027

2027 की तीन कहानियाँ

1 / 3

शनि मेष में जाते हैं, फिर लौट आते हैं

3 जून को शनि मीन छोड़कर मेष में प्रवेश करते हैं, जहाँ वे पिछली बार अप्रैल 1998 से जून 2000 तक थे। 9 अगस्त को वे वक्री होते हैं, 20 अक्टूबर को फिर मीन में लौट आते हैं और 24 दिसंबर को मार्गी होते हैं। 23 फ़रवरी 2028 को वे स्थायी रूप से मेष में प्रवेश करते हैं। साढ़े चार महीने तक साढ़े साती और ढैया अगली चंद्र राशियों पर रहती हैं, फिर पुरानी राशियों पर लौट आती हैं।

साढ़े साती 2027, राशि अनुसार →शनि गोचर 2027 →

2 / 3

गुरु तीन बार राशि बदलते हैं

वर्ष के आरंभ में गुरु सिंह राशि में वक्री हैं। 25 जनवरी को वे कर्क में लौटते हैं और 13 अप्रैल को मार्गी होते हैं। 26 जून को वे फिर सिंह में आते हैं और 26 नवंबर को कन्या में प्रवेश करते हैं। धीमी चाल वाले ग्रहों में गुरु ही हैं जो 2027 का अंत सचमुच एक नई राशि में करते हैं।

गुरु गोचर 2027, मिनट तक →

3 / 3

राहु-केतु टिके रहते हैं, और ग्रहण उन्हीं के साथ चलते हैं

राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर में और केतु कर्क में प्रवेश करते हैं, और 24 जून 2028 तक वहीं रहते हैं। ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा राहु या केतु के पास एक सीध में आते हैं। इसलिए 2027 के दोनों सूर्य ग्रहण इन्हीं दो राशियों में पड़ते हैं: 6 फ़रवरी को मकर में वलयाकार ग्रहण, और 2 अगस्त को कर्क में पूर्ण ग्रहण। 2 अगस्त का ग्रहण भारत से आंशिक रूप में दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त 2027 →2027 के सभी ग्रहण →

"2027 शनि का वर्ष है" — यह आधा ही सच है। शनि वर्ष का अंत ठीक वहीं करते हैं जहाँ से आरंभ किया था, मीन में। जो ग्रह सचमुच राशि बदलते हैं, वे गुरु हैं।

सूर्य राशि नहीं, चंद्र राशि

वैदिक वार्षिक फल हर गोचर को आपकी चंद्र राशि से गिनता है, यानी जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में थे, न कि अख़बार के सूर्य-राशि वाले कॉलम से। एक ही गोचर अलग-अलग कुंडलियों में चल रही दशा के अनुसार अलग फल देता है। इसलिए इस पृष्ठ की तिथियाँ सबके लिए एक हैं; आपके लिए उनका अर्थ नहीं।

अपनी चंद्र राशि जानें →

2027 की मुख्य तिथियाँ, माह अनुसार

जनवरी 2027

  • 25गुरु · कर्क में वापसी

फ़रवरी 2027

  • 6सूर्य ग्रहण · मकर
  • 21उपच्छाया चंद्र ग्रहण · सिंह

अप्रैल 2027

  • 7विक्रम संवत 2084 आरंभ
  • 13गुरु · मार्गी · कर्क

जून 2027

  • 3शनि · मेष में प्रवेश
  • 26गुरु · सिंह में प्रवेश

जुलाई 2027

  • 18उपच्छाया चंद्र ग्रहण · मकर

अगस्त 2027

  • 2सूर्य ग्रहण · कर्क
  • 9शनि · वक्री आरंभ · मेष
  • 17उपच्छाया चंद्र ग्रहण · मकर

अक्टूबर 2027

  • 20शनि · मीन में वापसी

नवंबर 2027

  • 26गुरु · कन्या में प्रवेश

दिसंबर 2027

  • 24शनि · मार्गी · मीन

आगे: शनि 23 फ़रवरी 2028 को स्थायी रूप से मेष में आएँगे; राहु और केतु 24 जून 2028 को राशि बदलेंगे।

2027 में और भी: तेज़ ग्रहों की वक्री चाल

मंगल, बुध और शुक्र इतनी तेज़ी से चलते हैं कि पूरे वर्ष का स्वभाव तय नहीं करते, पर उनकी वक्री अवधियाँ जानने योग्य हैं। नीचे हर अवधि उस दिन से है जब ग्रह वक्री होता है, उस दिन तक जब वह फिर मार्गी होता है।

  • मंगल वक्री: 10 जनवरी (सिंह) से 1 अप्रैल (कर्क) तक
  • बुध वक्री: 9 फ़रवरी (कुंभ) से 3 मार्च (मकर) तक
  • बुध वक्री: 10 जून (मिथुन) से 5 जुलाई (मिथुन) तक
  • बुध वक्री: 7 अक्टूबर (तुला) से 28 अक्टूबर (कन्या) तक

2027 में शुक्र वक्री नहीं होते।

मंगल वक्री 2027 →बुध वक्री 2027 →

2027 की पूरी सामग्री

आपका अपना 2027

इस पृष्ठ की तिथियाँ सबके लिए एक हैं। आपकी अपनी कुंडली में ये क्या करेंगी, यह आपकी चंद्र राशि, भावों और दशा पर निर्भर है। राशिफल 2027 की मुफ़्त पहली झलक इसे आपके जन्म-विवरण से दिखाती है।

देखें, 2027 आपकी कुंडली में क्या बदलेगा

ग्रह गोचर 2027: प्रश्न और उत्तर

2027 के मुख्य ग्रह गोचर कौन-से हैं?

शनि 3 जून को मेष में प्रवेश करते हैं और 20 अक्टूबर को मीन में लौट आते हैं। गुरु 25 जनवरी को कर्क में, 26 जून को सिंह में और 26 नवंबर को कन्या में प्रवेश करते हैं। राहु और केतु पूरे वर्ष मकर और कर्क में रहते हैं। दो सूर्य ग्रहण (6 फ़रवरी और 2 अगस्त) और तीन उपच्छाया चंद्र ग्रहण भी इसी वर्ष हैं।

2027 में शनि राशि कब बदलेंगे?

शनि 3 जून 2027 को मेष में प्रवेश करते हैं और 9 अगस्त को वक्री होने के बाद 20 अक्टूबर को मीन में लौट आते हैं। 23 फ़रवरी 2028 को वे स्थायी रूप से मेष में प्रवेश करते हैं।

2027 में गुरु सिंह राशि में कब आएँगे?

26 जून 2027 को। गुरु 2026 के अंत में कुछ समय के लिए सिंह में आए थे और 25 जनवरी 2027 को कर्क में लौट गए। 26 जून से वे सिंह में रहते हैं, और 26 नवंबर को कन्या में प्रवेश करते हैं।

क्या 2027 में राहु-केतु राशि बदलेंगे?

नहीं। राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर में और केतु कर्क में प्रवेश करते हैं, और 24 जून 2028 तक, यानी पूरे 2027, वहीं रहते हैं।

2027 में कितने ग्रहण हैं?

पाँच: 6 फ़रवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण, और 21 फ़रवरी, 18 जुलाई और 17 अगस्त को उपच्छाया चंद्र ग्रहण। भारत के अधिकतर भागों से केवल 2 अगस्त का सूर्य ग्रहण स्पष्ट रूप से, आंशिक ग्रहण के रूप में, दिखेगा; उपच्छाया चंद्र ग्रहण चंद्रमा को बस हल्का-सा धुँधला करता है।

क्या 2027 में बुध वक्री होंगे?

तीन बार: 9 फ़रवरी से 3 मार्च, 10 जून से 5 जुलाई, और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक। मंगल 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक वक्री रहते हैं; 2027 में शुक्र वक्री नहीं होते।

विक्रम संवत 2084 कब आरंभ होगा?

7 अप्रैल 2027 को, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, यानी हिंदू नववर्ष के पहले दिन।

आगे पढ़ें

सभी समय भारतीय मानक समय में; निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, मध्यम राहु-केतु, खगोलीय गणना। यही 2027 का आकाश राशिफल 2027 पुस्तक की गणना का आधार है।